ICJ चुनाव: शशि थरूर ने ब्रिटेन पर निकाली भड़ास, भंडारी के समर्थन में आईसीजे के जज

prashant jha

Publish: Nov, 14 2017 06:03:08 (IST) | Updated: Nov, 14 2017 11:18:28 (IST)

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ICJ चुनाव: शशि थरूर ने ब्रिटेन पर निकाली भड़ास, भंडारी के समर्थन में आईसीजे के जज

आईसीजे सीट चुनाव में भारत के भंडारी आैर ब्रिटेन ग्रीनवुड का मुकाबला फिर रहा बेनतीजा, थरूर ने ब्रिटेन को लताड़ा।

वॉशिंगटन : अंतरराष्ट्रीय अदालत (आईसीजे) में जज के लिए एक सीट पर होने वाले चुनाव के लिए भारत के दलवीर भंडारी और ब्रिटेन के क्रिस्टोफर ग्रीनवुड के बीच मुकाबला हुआ। लेकिन किसी भी उम्मीदवार को तय संख्या नहीं मिली । इस मसले पर मतदान से पहले तिरुअनंतपुरम से कांग्रेस के सांसद और संयुक्त राष्ट्र के पूर्व राजनयिक शशि थरुर ने संयुक्त राष्ट्र के स्थायी सदस्य ब्रिटेन के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली। थरूर ने आरोप लगाया कि ब्रिटेन संयुक्त राष्ट्र महासभा के बहुमत की इच्छा को बाधित करने की कोशिश कर रहा है। यहां इस एक सीट को लेकर पांच राउंड के चुनाव कराए गए। पांचों राउंड में भंडारी निकल गए। भंडारी ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपना वोट 115 से बढ़ाकर 121 कर लिए। जबकि ग्रीनवुड का कुल वोट 76 से घटकर सोमवार को 68 पर पहुंच गया। हालांकि इसके बावजूद संयुक्त राष्ट्र महासभा और सुरक्षा परिषद की बैठक रद्द कर दी गई।

महासभा में 97 और सुरक्षा परिषद में 8 वोटों की जरूरत
सुंयुक्त राष्ट्र के तय नियमों के मुताबिक, आईसीजे में बतौर जज नियुक्ति के लिए उम्मीदवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा में 97 वोट और सुरक्षा परिषद से 8 वोट हासिल करने होते हैं। आईसीजे की 15 सदस्यीय पीठ के एक तिहाई सदस्य हर तीन साल में नौ वर्ष के लिए चुने जाते हैं। इसके लिए संयुक्त राष्ट्र महासभा और सुरक्षा परिषद में अलग अलग लेकिन एक ही समय चुनाव कराए जाते हैं।

चार उम्मीदवारों का हुआ चयन
आईसीजे में चुनाव के लिए मैदान में उतरे कुल छह में से चार उम्मीदवारों को महासभा एवं सुरक्षा परिषद दोनों में पूर्ण बहुमत मिला। फ्रांस के रोनी अब्राहम, सोमालिया के अब्दुलकावी अहमद यूसुफ, ब्राजील के एंतोनियो अगस्ते कानकाडो त्रिनदादे और लेबनान के नवाफ सलाम को चार दौर के चुनाव के बाद चुना गया। आईसीजे के शेष एक उम्मीदवार के चयन के लिए संयुक्त राष्ट्र महासभा और सुरक्षा परिषद ने सोमवार को अलग-अलग बैठकें कीं।

भंडारी और ग्रीनवुड के बीच मुकाबला

ऐसे में जज के एक पद के लिए भंडारी और ब्रिटिश उम्मीदवार क्रिस्टोफर ग्रीनवुड के बीच मुकाबला था। यहां इस एक सीट को लेकर पांच राउंड के चुनाव कराए गए, जहां भंडारी ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपना वोट 115 से बढ़ाकर 121 कर, जबकि ग्रीनवुड का कुल वोट 76 से घटकर सोमवार को 68 पर पहुंच गया। हालांकि इसके बावजूद संयुक्त राष्ट्र महासभा और सुरक्षा परिषद की बैठक आगे के लिए टाल दिया गया।

आईसीजे न्यायाधीश भंडारी के समर्थन में

अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय के न्यायाधीश के पद पर दलवीर भंडारी के पुनर्निर्वाचन के पक्ष में संयुक्त राष्ट्र महासभा आ खड़ा हुआ है। जबकि सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्य और उनके सहयोगी ब्रिटेन के क्रिस्टोफर ग्रीनवुड को इस पद पर निर्वाचित करना चाहते हैं।

ब्रिटेन पर भड़क गए थरूर

इस पर कांग्रेस नेता थरूर भड़क गए। थरूर ने एक के बाद एक कई ट्वीट कर करके ब्रिटेन और संयुक्त राष्ट्र के ढांचे पर सवाल उठाए। थरूर ने लिखा, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और महासभा जब अंतरराष्ट्रीय न्यायालय के जज के लिए भारत और ब्रिटेन के उम्मीदवारों के बीच चुनाव हो रहे हैं, ऐसे वक्त में संयुक्त राष्ट्र की वैधता और प्रभावशीलता दांव पर लगी है। महासभा की आवाज लंबे समय से अनसुनी की जाती रही है।

 

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ब्रिटेन पर तंज
थरूर ने दूसरे ट्वीट कर ब्रिटेन पर हमला बोला हुए कहा कि 'इस बार संयुक्त राष्ट्र के स्थायी सदस्य का उम्मीदवार महासभा में स्पष्ट बहुमत हासिल करने में नाकाम रहा। महासभा का वोट बीते 70 से अधिक वर्षों से विशेषाधिकारों को अनुचित बढ़ावा दिए के लिए विरोध था। पी5 (5 महाशक्तियां) 40 वोटों से हार गईं!'

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उन्होंने कहा कि यह चुनाव किसी न्यायाधीश या जिस देश से वह संबंध रखता है, उसके बारे में नहीं है, बल्कि यह चुनाव महासभा के विशेषाधिकार प्राप्त देशों के एक सदस्य के खिलाफ खड़ा होना है, जो महासभा में बड़े स्तर पर हार गया, लेकिन सुरक्षा परिषद में उसे छह के मुकाबले नौ सदस्यों से बढ़त मिल गई। ब्रिटेन महासभा में बहुमत की इच्छा को बाधित करने की कोशिश कर रहा है।

 

 

 

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ब्रिटेन पर महासभा की इच्छा को बाधित करने का आरोप
उन्होंने आरोप लगाया कि वैश्विक अदालत के न्यायाधीशों को संयुक्त राष्ट्र सदस्यता के बहुमत का प्रतिनिधित्व करना चाहिए। सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यों का क्लब इस तरह आगे नहीं बढ़ सकता। थरुर ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र के निर्णय को अधिकतर सदस्यों की आवाज को प्रतिबिंबित करना चाहिए, न कि लंबे समय से विशेषाधिकार प्राप्त कुछ देशों के निर्णय को। उन्होंने कहा कि केवल इसी प्रकार का बहुपक्षवाद अंतरराष्ट्रीय समुदाय खासकर युवा पीढ़ी के बीच विश्वास को प्रेरित करेगा। उन्होंने कहा कि यह भारत या किसी एक देश के बारे में नहीं है. यह न्याय, समता और निष्पक्षता के विचार के बारे में है।

सुरक्षा परिषद के सदस्यों से थरूर की अपील
थरुर ने कहा कि यह उस भविष्य के बारे में है, जिसकी कल्पना हम संयुक्त राष्ट्र और बहुपक्षवाद के बारे में करते हैं। अब यह सुधार का समय है। मैं सुरक्षा परिषद के सदस्यों से अपील करता हूं कि वह भारत के उम्मीदवार के लिए मतदान करें। उन्होंने कहा कि सिद्धांत के इन बिंदुओं के अलावा भारत ने अधिक न्यायसंगत वैश्विक व्यवस्था की तलाश में अपने साझीदारों के साथ हमेशा साझा जिम्मेदारी निभायी है। हमारे मूल्य हमें विवादों के शांतिपूर्ण समाधान और नियम आधारित रचनात्मक बहुलवाद की ओर ले जाते हैं।

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