Ahmedabad. शहर क्राइम ब्रांच ने सूचना के आधार पर नवरंगपुरा क्षेत्र स्थित रावलभाई अपार्टमेंट में छापा मारकर विदेशी जीव, पक्षियों की अवैध ब्रीडिंग और बिक्री के रैकेट का पर्दाफाश किया है। यह पूरा कारोबार एक फ्लैट में चल रहा था, जहां खतरनाक और दुर्लभ जीवों को पिंजरों में कैद करके रखा गया था। इसके आधार […]
Ahmedabad. शहर क्राइम ब्रांच ने सूचना के आधार पर नवरंगपुरा क्षेत्र स्थित रावलभाई अपार्टमेंट में छापा मारकर विदेशी जीव, पक्षियों की अवैध ब्रीडिंग और बिक्री के रैकेट का पर्दाफाश किया है। यह पूरा कारोबार एक फ्लैट में चल रहा था, जहां खतरनाक और दुर्लभ जीवों को पिंजरों में कैद करके रखा गया था। इसके आधार पर दबिश देकर क्राइम ब्रांच की टीम ने फ्लैट से अत्यंत दुर्लभ रेड-हैंड टैमरिन बंदर का बच्चा, पर्शियन कैट और उसके 07 बच्चे, छोटे-बड़े हैम्स्टर (14),मिनी लॉप खरगोश (15), लेदर लैब डॉर्फ (09) जब्त किए हैं। यहां से अफ्रीकन ग्रे पैरट (06), ब्लू एंड गोल्ड मकाउ (05), एक्लेक्टस पैरट (03), सन कोन्योर (04), गाला कॉकाटू (02), सल्फर-क्रेस्टेड कॉकाटू (01) तथा बड़ी संख्या में अफ्रीकन लव बर्ड्स, कोन्योर, कॉकाटील, बजरीगर और फेनीपीक मिले हैं।
क्राइम ब्रांच के उपायुक्त अजीत राज्यान ने रविवार को बताया कि आशंका है कि परिवेश पोर्टल के आरोपी ने जो दस्तावेज पेश किए हैं वह अधूरे और संदिग्ध हैं। भीड़भाड़ वाले निवासी क्षेत्र में बिना किसी बायोसिक्योरिटी या वैज्ञानिक सुविधा के इतने बड़े पैमाने पर विदेशी जीव, पक्षियों को रखना गंभीर अपराध है। यह न केवल अंतरराष्ट्रीय वन्यजीव व्यापार नियमों का उल्लंघन है, बल्कि ज़ूनोटिक रोगों के फैलाव का बड़ा खतरा भी पैदा कर सकता है, जो स्थानीय निवासियों के स्वास्थ्य के लिए घातक साबित हो सकता है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने अहमदाबाद मनपा, वन विभाग और कस्टम्स विभाग को आधिकारिक रूप से सूचित किया है। ये तीनों विभाग मिलकर दस्तावेजों की जांच करेंगे। देखेंगे कि यहां मिले विदेशी जीव, पक्षी को वैधानिक रूप से आयात किया गया है या नहीं। निवासी क्षेत्र में स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों की भी संभावना जाचेंगे।