अलवर

मां-बेटी खेती-बाड़ी छोडक़र कबड्डी प्रतियोगिता में ठोक रही हैं ताल

राजीव गांधी ग्रामीण ओलम्पिक खेल के सुदूर ग्रामीण परिवेश से सकारात्मक पहलू सामने आ रहे हैं
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Sep 30, 2022
मां-बेटी खेती-बाड़ी छोडक़र कबड्डी प्रतियोगिता में ठोक रही हैं ताल
मां-बेटी खेती-बाड़ी छोडक़र कबड्डी प्रतियोगिता में ठोक रही हैं ताल

मां-बेटी खेती-बाड़ी छोडक़र कबड्डी प्रतियोगिता में ठोक रही हैं ताल
अलवर. राजीव गांधी ग्रामीण ओलम्पिक खेल के सुदूर ग्रामीण परिवेश से सकारात्मक पहलू सामने आ रहे हैं। तिजारा ब्लॉक के ग्राम बिछाला की टीम में जेठानी व देवरानियों के साथ मां-बेटी एक ही टीम में शामिल होकर अपनी प्रतिभा का जौहर मैदान पर दिखा रही है। 36 वर्षीय गुड्डो देवी ने बताया कि वह अपनी 17 वर्षीय बेटी ङ्क्षचकी के साथ एक ही टीम में खेल रही है। गुड्डो देवी ने बताया कि उसके तीन बेटियां हैं। बेटियों के पिता की मृत्यु हो चुकी है। जब बेटी ने खेलने की इच्छा जताई तो वह खुद भी उसे आगे बढाने के लिए मैदान पर उतर आई। अब बेटी के साथ राज्य स्तर पर जीतकर आना ही लक्ष्य है।
देवरानी-जेठानी ने घूंघट छोड़ दिखाई प्रतिभा
वहीं, टीम की मुख्य रेडर की भूमिका निभा रही 35 वर्षीय सुशीला देवी का साथ टीम में उसकी देवरानी रेखा देवी व सविता देवी निभा रही है। सुशीला देवी ने बताया कि पता चला कि राजीव गांधी ओलम्पिक खेल का आयोजन हो रहा है और इसके रजिस्ट्रेशन चालू है तो देवरानियों व परिवार में बात कर अपनी टीम का रजिस्ट्रेशन करवा लिया। शुरू में थोडा संकोच रहा, लेकिन परिजनों ने भी सहयोग किया। देवरानी-जेठानी सब मिलकर खेली। गांव से जीतने के बाद ब्लॉक में विजेता रही।
बड़े अंतर से जीता पहला मैच
जिला स्तर पर तिजारा की इस टीम का पहला मुकाबला बहरोड़ ब्लॉक की विजेता टीम की युवा खिलाडियों के साथ हुआ। जिसको मां-बेटी व जेठानी-देवरानियों ने अपने खेल कौशल व तालमेल से 43-14 के बड़े अन्तर से मैच जीता।

Published on:
30 Sept 2022 01:39 am