
अंबिकापुर. बीजापुर में & मार्च को नक्सली हमले में 22 जवान शहीद (Martyr) हो गए थे। इसमें सरगुजा जिले के लखनपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम अमदला निवासी एसटीएफ जवान रमाशंकर सिंह भी शामिल थे। सोमवार की दोपहर करीब &.&0 बजे शहीद रमाशंकर (Martyr Ramashankar) का पार्थिव शरीर हेलीकॉप्टर से दरिमा एयरपोर्ट (Darima Airport) पर पहुंचा।
यहां से सड़क मार्ग से पार्थिव शरीर उनके गृहग्राम ले जाया गया। शहीद रमाशंकर (Martyr Ramashankar) की पत्नी ने कहा कि जैसा मेरे साथ हुआ है वह किसी अन्य की बहू-बेटियों के साथ न हो। ऐसा कृत्य करने वाले नक्सलियों को कठोर से कठोर सजा मिलनी चाहिए।
गौरतलब है कि बीजापुर के तररेम में 3 मार्च को सर्चिग पर निकले जवानों को नक्सलियों (Naxalites) ने एंबुश में फंसाकर हमला कर दिया था। दोनों ओर से घंटों चली मुठभेड़ में 22 जवान शहीद हो गए थे, वहीं महिला नक्सली समेत कुछ नक्सली भी मारे गए हैं।
इस हमले में सरगुजा जिले के लखनपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम अमदला, तुरना निवासी एसटीएफ जवान रमाशंकर सिंह भी शहीद (Martyr) हो गए थे। सोमवार की दोपहर हेलीकॉप्टर से उनका तिरंगे में लिपटा पार्थिव शरीर मां महामाया एयरपोर्ट दरिमा पहुंचा। यहां पुलिस के आला अधिकारी भी पहुंचे थे।
यहां से सड़क मार्ग से पार्थिव शव उनके गृहग्राम ले जाया गया। यहां गार्ड ऑफ ऑनर के बाद कुछ ही देर में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
फोटो लेकर राह तकते रहे माता-पिता व पत्नी
नक्सली हमले में बेटे के शहीद होने की खबर जैसे ही गांव में पहुंची, वहां कोहराम मच गया। माता-पिता अपने शहीद बेटे व पत्नी शहीद पति का फोटो लेकर उनका पार्थिव शरीर घर आने की राह तकते रहे। जैसे ही शव घर पर पहुंचा, उनके रोने का ठिकाना न रहा।
पत्नी ने मांगी कठोर से कठोर सजा
शहीद रमाशंकर की पत्नी ने शासन-प्रशासन से उक्त कृत्य करने वाले नक्सलियों के लिए कठोर से कठोर सजा की मांग की है। उन्होंने कहा कि जैसा मेरे साथ हुआ है, वैसा किसी अन्य की बहू-बेटियों के साथ न हो।