बांसवाड़ा

‘वरिष्ठ नागरिकों के लिए अलग से मंत्रालय जरूरी ’

Rajasthan

वरिष्ठ नागरिक संस्थान के प्रदेशाध्यक्ष ने सरकार पर लगाता अनदेखी का आरोप
डूंगरपुर
वरिष्ठ नागरिक संस्थान के प्रदेशाध्यक्ष भंवर सेठ ने कहा कि सरकार को केंद्र व राज्यों में वरिष्ठ नागरिकों के लिए अलग से मंत्रालय बनाने, रेलवे कंसेशन को पुन: बहाल करने, नेशनल पॉलिसी ऑन ओल्डर पर्सन 1999 में आवश्यक परिवर्तन करना चाहिए। इन सभी मांगों को लेकर वरिष्ठ नागरिक लगातार संघर्षरत है। सेठ सोमवार को डूंगरपुर के राम रोटी अन्न क्षेत्र में आयोजित जिला सम्मेलन में भाग लेने के दौरान पत्रकारों से रूबरू हो रहे थे। उन्होंने कहा कि समय के साथ मौजूदा परििस्थतियों में सामाजिक सुरक्षा पेंशन की राशि पांच हजार करने एवं सीनियर सिटीजन एक्ट 2007 जो बहुत पुराना हो चुका हैं, उसमें परिवर्तन जरूरी है। सेठ ने कहा कि प्रत्येक जिले में वरिष्ठ नागरिक भवन उपलब्ध कराने, वरिष्ठ नागरिकों के लिए उचित स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने, हेल्पलाइन सेवा 24 घंटे चालू करवाने जैसे मामलों में सरकार को प्राथमिकता से काम करना चाहिए। सेठ ने सरकार पर वरिष्ठ नागरिकों की समस्याओं की अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि हालात ऐसे हो गए है कि अब विधायकों से मिलने जाने पर भी टाइम लेना पड़ रहा है, ये हालात ठीक नहीं हैं। सेठ ने कहा कि सरकार को यह नहीं भूलना चाहिए कि कोरोना जैसी संकट की घड़ी में भी वरिष्ठ नागरिक सेवा के लिए डटे रहे थे। सरकार ने तीन महंगाई भत्ते रोके, उसके बावजूद सरकार को सहयोग किया। सेठ ने कहा कि कई जिलों में जियरेटिक वार्ड तक नहीं है। डे केयर सेंटर चलाने भवन भी नहीं है। आज मोहल्ला क्लिनिक व अकेले रह रहे वरिष्ठ नागरिकों के लिए बीट व्यवस्था को मजबूत करने के लिए अतिरिक्त व्यक्तियों की नियुक्ति आवश्यक हैं। सेठ ने वर्तमान में बच्चों पर मेंटेनेंस की उत्तम सीमा जो दस हजार रुपए हैं, उस सीमा से मुक्त कर व्यक्ति की हैसियत के मुताबिक सीमा तय होनी चाहिए। इस अवसर पर वरदान मेहता, जिलाध्यक्ष दिनेश श्रीमाल, जगदीश वैष्णव, सुभाष मेहता, मोहन सिंह, अमृतलाल यादव, पेंशनर जिलाध्यक्ष विनय शर्मा, त्रिलोक चौबीसा आदि मौजूद रहे।

Updated on:
25 Aug 2026 06:01 am
Published on:
25 Aug 2026 06:01 am