बाड़मेर

jaisalmer: अनजान की नसों में दौड़ेगा रक्त, रक्तदान के लिए उमड़े युवा और महिलाएं

रिश्तों की पहचान नहीं, इंसानियत का नाता ही रक्तदान के लिए काफी था। बस अग्निकांड में दिवंगत राजेंद्रसिंह चौहान की प्रथम पुण्यतिथि पर युवाओं और महिलाओं ने सेवा-संकल्प को आगे बढ़ाया। रक्तदान का जज्बा ऐसा उमड़ा कि ब्लड बैंक की भंडारण क्षमता कम पड़ गई और सौ से अधिक युवा बिना रक्तदान लौटने को मजबूर हुए।
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शिविर में रक्तदान करते हुए।

जैसलमेर. रिश्ता नहीं था, पहचान नहीं थी, फिर भी किसी अनजान की जिंदगी बचाने के लिए रक्तदान का जज्बा था। बस अग्निकांड में दिवंगत राजेंद्रसिंह चौहान की प्रथम पुण्यतिथि पर आयोजित रक्तदान शिविर में युवाओं और महिलाओं की भागीदारी ने उनके सेवा-संकल्प को जीवंत कर दिया। हालांकि रक्तदान के लिए उमड़ा उत्साह ब्लड बैंक की भंडारण क्षमता के सामने थम गया। सौ से अधिक युवा अपनी बारी का इंतजार करते रह गए और शिविर समाप्त होने से कई इच्छुक रक्तदाता रक्तदान नहीं कर सके। राजेंद्रसिंह चौहान मेमोरियल ट्रस्ट की ओर से बुधवार को राजकीय जवाहिर चिकित्सालय में शिविर आयोजित किया गया। इसकी शुरुआत चौहान की पत्नी संगीता चौहान ने स्वयं रक्तदान कर की। जरूरतमंदों की मदद के लिए तत्पर रहने वाले चौहान का पिछले वर्ष बस हादसे में आकस्मिक निधन हो गया था। शिविर से पहले गजरूप सागर मठ के गादीपति महंत बाल भारती, देव चंद्रेश्वर महादेव मंदिर के गादीपति महंत भगवान भारती, नगरपरिषद सभापति विजय डांगरा, उपसभापति मधुबाला देवी सिंह, हजूरी समाज अध्यक्ष कमल सिंह भाटी, पूर्व सभापति अशोक तंवर, पूर्व यूआइटी अध्यक्ष उम्मेद सिंह तंवर, पूर्व पार्षद देवी सिंह चौहान और परिजनों ने स्वर्गीय राजेंद्र सिंह चौहान के चित्र पर पुष्प अर्पित किए और दीप प्रज्वलित कर श्रद्धांजलि दी। इस दौरान हजूरी समाज के गणमान्य लोगों सहित बड़ी संख्या में युवा और महिलाएं मौजूद रहे।

लाठी में ग्रामीणों ने बस अग्निकांड के मृतकों को श्रद्धांजलि दी, सुरक्षा मानकों पर दिया जोर

लाठी. जैसलमेर बस अग्निकांड की पहली बरसी पर बुधवार शाम लाठी कस्बे के भगवान कृष्ण मंदिर परिसर में श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। सामाजिक कार्यकर्ता रमण पालीवाल की ओर से आयोजित इस सभा में ग्रामीणों ने बड़ी संख्या में भाग लिया और हादसे में प्राण गंवाने वाले यात्रियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। श्रद्धांजलि सभा की शुरूआत दिवंगतों की याद में मोमबत्तियां जलाकर की गई। इसके बाद उपस्थित लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर मृतकों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। इस दौरान पूरा माहौल गमगीन हो गया और कई लोगों की आंखें नम हो गईं। गत वर्ष 14 अक्टूबर को निजी स्लीपर बस में आग लगने की पीड़ादायी घटना ने पूरे जिले को झकझोर दिया था, जिसमें 29 यात्रियों की मौत हुई थी। एक वर्ष बाद बरसी पर लोगों ने उस भयावह घटना को याद करते हुए दिवंगतों को श्रद्धांजलि दी और शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना जताई। सामाजिक कार्यकर्ता रमण पालीवाल ने कहा कि यह हादसा मृतकों के परिवारों के साथ-साथ पूरे समाज के लिए गहरा आघात है। उन्होंने भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए यात्री सुरक्षा और परिवहन व्यवस्था के सुरक्षा मानकों को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया। अवतार सिंह भाटी ने कहा कि हादसे की स्मृति आज भी लोगों के मन में ताजा है। उपस्थित लोगों ने दिवंगत आत्माओं की शांति और शोकाकुल परिवारों को दुख सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना की। इस दौरान कानसिंह भाटी, मुकेश पालीवाल, स्वरूपसिंह भाटी सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे।

Updated on:
15 Oct 2026 07:55 pm
Published on:
15 Oct 2026 07:55 pm