जयपुर-अजमेर राजमार्ग पर बगरू डाकबेल पुलिया की ढलान पर बस का इंतजार कर रहे युवक को कार ने टक्कर मार दी। हादसे में युवक की मौत हो गई।
एक पिता, जो अपने परिवार का पेट पालने के लिए रोज काम पर जाता था… एक बेटा, जो गांव लौटने की तैयारी में था… एक आम इंसान, जिसकी जिंदगी एक आम सुबह अचानक खत्म हो गई। जयपुर-अजमेर हाईवे पर बगरू पुलिया की ढलान पर बस का इंतजार कर रहे जगदीश मेघवाल की उस सुबह कोई आखिरी बस नहीं आई, आई तो एक बेकाबू कार, जो उसके सपनों को कुचलती हुई निकल गई। यह सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि एक सवाल है, कब तक सड़कें जान लेती रहेंगी और कब जागेगा प्रशासन? जयपुर-अजमेर राजमार्ग पर बगरू डाकबेल पुलिया की ढलान पर बस का इंतजार कर रहे युवक को कार ने टक्कर मार दी। हादसे में युवक की मौत हो गई। घटना के बाद मौके पर लोग एकत्र हो गए और स्थायी बस स्टैण्ड की मांग को लेकर रोष जताया।
पेट्रोल पंप पर नौकरी करता था मृतक
हादसे का शिकार जगदीश मेघवाल (43) पुत्र माधुराम मेघवाल निवासी चारणवास, डेगाना जिला नागौर यहां बेगस में पेट्रोल पंप पर नौकरी करता था। मंगलवार सुबह अपने गांव जाने के लिए नेशनल हाईवे की बगरू डाकबेल पुलिया पर अजमेर की लेन पर बस के इंतजार में खड़ा था। इसी बीच जयपुर की तरफ से आ रही तेज रफ्तार कार ने जगदीश को टक्कर मार दी। जिससे वह उछलकर 20 फीट दूर रैलिंग को पार कर सर्विस रोड पर जा गिरा। गंभीर चोट लगने से मौके पर ही उसकी दर्दनाक मौत हो गई। जबकि टक्कर मारने वाला चालक मौके पर ही कार छोड़कर फरार हो गया। सूचना मिलते ही सड़क दुर्घटना अनुसंधान इकाई द्वितीय यातायात थाना पुलिस ने शव को बगरू सरकारी अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया। परिजनों के पहुंचने पर पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव सुपुर्द कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया जा रहा है कि टायर फटने के बाद कार अनियंत्रित हो गई और बस के इंतजार में खड़े युवक को चपेट में ले लिया जबकि अन्य यात्री कार को लहराते देख भाग निकले। पुलिस ने कार जब्त कर ली है।
नाराज लोगों ने प्रशासन से की स्थाई बस स्टॉप की मांग
हादसे के बाद स्थानीय लोग एकत्र हो गए और घटना को लेकर विरोध जताया। आक्रोशित लोगों ने प्रशासन व जिम्मेदार लोगों से हाईवे पर स्थायी बस स्टैण्ड बनाए जाने की मांग की। लोगों ने बताया कि पूर्व में यहां हुए हादसों में दस से अधिक लोग अपनी जान गवां चुके हैं। लेकिन प्रशासन इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा। प्रशासनिक लापरवाही के चलते जानलेवा हादसे हो रहे हैं लेकिन समाधान नहीं किया जा रहा। मजबूरन द्रुतगामी बस में सफर के लिए यात्रियों को पुलिया की ढलान पर ही खड़ा होना पड़ता है।