मनोरंजन

‘कर्म करो, फल की आशा मत करो’, कैलाश खेर ने कृष्ण की सीख पर कही बड़ी बात

Kailash Kher Krishna: कैलाश खेर ने भगवान कृष्ण की शिक्षाओं पर बात करते हुए उन्हें प्रेम, आनंद और कर्म का प्रतीक बताया। जानिए कृष्ण की सीख को लेकर उन्होंने इंटरव्यू में क्या कहा।
2 min read
• •
Updated: 4 Sep 2026, 4:55 PM IST
Kailash Kher On Krishna
कैलाश खेर ने कृष्ण की सीख पर कही बड़ी बात (सोर्स: Instagram-filmygyan and manzil.podcast)

Kailash Kher On Krishna: गायक कैलाश खेर ने भगवान कृष्ण की शिक्षाओं और उनके जीवन दर्शन पर अपनी बात रखी है। एक इंटरव्यू में उन्होंने कृष्ण को प्रेम, आनंद और मुस्कान का प्रतीक बताते हुए कहा कि उनकी सीख इंसान को कर्म और कर्तव्य का महत्व समझाती है।

'कृष्ण प्रेम और आनंद के प्रतीक हैं’

कैलाश खेर ने कहा कि कृष्ण प्रेम, आनंद और सुख के प्रतीक हैं। उनके मुताबिक कृष्ण की मुस्कान और व्यक्तित्व जीवन में आनंद का संदेश देते हैं। उन्होंने कृष्ण की शिक्षाओं को इंसान के जीवन से जोड़ते हुए कहा कि भगवान कृष्ण की सीख मनुष्य को बेहतर इंसान बनने की प्रेरणा देती है।

‘कर्म करना और कर्तव्य निभाना सिखाते हैं कृष्ण’

कैलाश खेर ने भगवान कृष्ण की शिक्षाओं में कर्म और कर्तव्य को खास बताया। उन्होंने कहा कि कृष्ण मनुष्य को कर्म करना और अपने कर्तव्य को निभाना सिखाते हैं। साथ ही, बिना फल की आशा किए कर्तव्य करते रहने की सीख भी देते हैं। उन्होंने कहा कि कृष्ण केवल अधिकारों का बोध नहीं कराते, बल्कि कर्तव्यों को समझने और उन्हें निभाने की प्रेरणा भी देते हैं।

‘शास्त्र और शस्त्र दोनों सिखाते हैं’

कैलाश खेर ने कृष्ण के एक और पहलू का जिक्र करते हुए कहा कि वह रक्षा और सुरक्षा की सीख भी देते हैं। उनके अनुसार, कृष्ण से शास्त्र और शस्त्र दोनों का महत्व समझने को मिलता है।

कैलाश खेर की यह बात भगवान कृष्ण के उस स्वरूप को सामने रखती है, जिसमें प्रेम और आनंद के साथ कर्म, कर्तव्य और रक्षा-सुरक्षा जैसे जीवन के पहलुओं को भी महत्व दिया गया है। पूरा इंटरव्यू उनके यूट्यूब चैनल पर देखने के लिए उपलब्ध है।

सिंगर ने ऐसे की थी अपने करियर की शुरूआत

कैलाश खेर ने अपने सिंगिंग करियर की शुरुआत साल 2003 में आई फिल्म 'वैसा भी होता है पार्ट II' के गाने 'अल्लाह के बंदे…'से की थी। यह गाना उनके करियर का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुआ और वह रातों-रात घर-घर में मशहूर हो गए। इसके बाद साल 2004 में उन्होंने परेश और नरेश कामथ के साथ मिलकर 'कैलासा' नाम से अपना म्यूजिक बैंड बनाया। बैंड के एलबम और गाने दुनियाभर में काफी लोकप्रिय हुए। आज कैलाश खेर हिंदी के अलावा तेलुगु, तमिल समेत 18 से ज्यादा भाषाओं में सैकड़ों गाने गा चुके हैं।

Updated on:
4 Sep 2026, 4:55 PM IST
Published on: