
Neha Bora-Abhijeet Dipke News: फिल्म क्रिटिक होने का दावा करने वाले कमाल राशिद खान ने हाल ही में दिल्ली में हो रहे प्रदर्शन को लेकर एक पोस्ट साझा किया है। कमाल आर खान ने नेहा बोरा और सीजेपी फाउंडर अभिजीत दीपके को लेकर पोस्ट साझा करते हुए लिखा है कि उन्हें लगता है कि सीजेपी बीजेपी की बी टीम है। कमाल राशिद खान ने ये भी कहा है कि उन्हें लगता है कि अभिजीत दीपके अब जानबूझकर नेहा बोरा से दूरी बना रहे हैं इसलिए उन्हें कांग्रेस का मंच मिला है। क्या है पूरा मामला, चलिए जानते हैं।
कमाल आर खान ने पोस्ट करते हुए लिखा- 'मेरा दृढ़ विश्वास है कि अभिजीत दीपके बीजेपी की बी-टीम हैं, ठीक वैसे ही जैसे असदुद्दीन ओवैसी और अरविंद केजरीवाल हैं। वरना, कॉकरोच जनता पार्टी को यह सारा नाटक करने के लिए पैसा कहां से मिल रहा है? अभिजीत दीपके, नेहा बोरा, राहुल गांधी और दूसरे नेताओं के साथ मिलकर विरोध प्रदर्शन क्यों नहीं करना चाहते?'
देश की राजधानी दिल्ली में प्रदर्शनकारियों का हुजूम उमड़ रहा है। विपक्षी दल, CJP और कई संगठन मिलकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। इसी बीच, एक नाम की चर्चा तेजी से हो रही है और वह नाम है नेहा बोरा। AISA की अध्यक्ष नेहा बोरा भी प्रदर्शन में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रही हैं। सियासी गलियारों में अचानक उनकी चर्चा तेज होने की वजह यह है कि आंदोलन के दौरान कांग्रेस उन्हें लगातार मंच दे रही है। राहुल गांधी हों या प्रियंका गांधी, नेहा बोरा को अहमियत देने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। इन घटनाक्रमों के बाद सियासी कयास लगने शुरू हो गए हैं।
बता दें कि 12 अक्टूबर 2026 को दिल्ली में कांग्रेस और विपक्षी दलों ने बाराखंभा रोड से सुप्रीम कोर्ट तक पैदल मार्च निकाला था। इस दौरान INDIA गठबंधन के कई नेता मौजूद थे। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की अध्यक्ष नेहा बोरा के साथ कदमताल करते नजर आए। इस दृश्य के जरिए कांग्रेस ने यह संदेश देने की कोशिश की कि INDIA गठबंधन युवाओं के मुद्दों पर मजबूती से उनके साथ खड़ा है। वहीं, CJP अब तक खुद को पारंपरिक राजनीतिक दलों से अलग बताते हुए युवाओं की आवाज बनने की कोशिश करता रहा है। ऐसे में नेहा बोरा का कांग्रेस के साथ मार्च में नजर आना नई राजनीतिक चर्चा को जन्म दे रहा है। सवाल उठ रहे हैं कि क्या राहुल गांधी और कांग्रेस इस मुद्दे पर CJP के प्रभाव को अपने राजनीतिक मंच की ओर मोड़ने में सफल हो रहे हैं, या यह केवल एक साथ नजर आने तक ही सीमित है?