जबलपुर

नर्मदा में बच्चे लगा रहे गोते, सुरक्षा का इंतजाम नहीं

सुरक्षा की अनदेखी : ट्यूब लेकर दिखा रहे कलाबाजी पहुंच रहे गहरे पानी तक  
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Updated: 29 Apr 2023, 12:15 PM IST
Children are diving in Narmada, there is no arrangement for security
नर्मदा घाट पर कमाई की लालच ने ऐसे लोग बेफ्रिक कर दिया है, जो लोगों को किराए पर हवा भरे ट्यूब दे रहे हैं। वे इसके खतरे से अनजान हैं।

पवित्र क्षेत्र ग्वारीघाट में प्रशासनिक अनदेखी और निगरानी के अभाव में लोगों को दी जाने वाली सुविधाएं दम तोड़ रही हैं। नर्मदा घाट पर कमाई की लालच ने ऐसे लोग बेफ्रिक कर दिया है, जो लोगों को किराए पर हवा भरे ट्यूब दे रहे हैं। वे इसके खतरे से अनजान हैं। ट्यूब के सहारे तैराकी नहीं करने वाले लोग भी गहरे पानी तक पहुंच रहे हैं। इन लोगों की सुरक्षा के कोई भी इंतजाम नहीं है, जिससे बड़े हादसे का अंदेशा बना है।

जबलपुर. ग्वारीघाट के उमाघाट के किनारे छोटे से लेकर बड़े वाहनों के पहियों में इस्तेमाल होने वाले ट्यूब में हवा भरकर उसे तैराकी के लिए किराए पर दिया जा रहा है। 20-20 रूपए घंटे के हिसाब से करीब 60 ट्यूब यहां आने वाले लोगों को दिए जा रहे हैं। जानकार कहते हैं कि इसके लिए यहां एक ठिकाना है, जहां लोगों को घंटे के हिसाब से ट्यूब किराए पर दिए जा रहे हैं।

प्रशासनिक अनुमति नहीं

नर्मदा के पानी में तैराकी के लिए दिए जाने वाले हवा भरे ट्यूब किराए पर देने के लिए नगर निगम की ओर से कोई अनुमति नहीं ली गई है। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि गर्मी में नर्मदा का जल स्तर कम होते ही यहां ट्यूब किराए पर देना शुरू कर दिया जाता है।

एक नजर

पानी में निकल सकती है ट्यूब की हवा

ट्यूब पर बैठा व्यक्ति हो सकता है असंतुलित

ट्यूब इस्तेमाल कर रहे व्यक्ति की निगरानी नहीं

बच्चे तक इस्तेमाल कर रहे ट्यूब

नर्मदा की चोई वाले क्षेत्र तक पहुंच रहे लोग

ये थे हालात

उमाघाट के किनारे धूप में ट्यूब रखे हुए थे। यहां एक व्यक्ति बैठकर लोगों को ट्यूब दे रहा था। ट्यूब देने के लिए नाम, पता लिख रहा था और एडवांस पैसे भी ले रहा था। घंटे के हिसाब से ट्यूब लेने वाले लोगों का समय होते ही वह उसे लेने पहुंच रहा था।

ये हैं खतरनाक प्वाइंट

उमाघाट से खारीघाट की ओर किनारे तक चोई

उमाघाट में पानी कम होते पत्थरों के बीच गहरा पानी

पत्थरों से बीस फीट बाद मुख्य धारा

खारीघाट से आने वाले पानी में बनती है भंवर

एक्सपर्ट ओपेनियन

तैराक विशेषज्ञ संजय पटेल का कहना है कि पानी में डूब रहे व्यक्ति के लिए हवा भरा ट्यूब लाइफ जैकेट की तरह काम करता है लेकिन इस पर कसावट नहीं होने की वजह से इसका इस्तेमाल करने वाला असंतुलित हो सकता है। इसके लिए जरूरी है कि ट्यूब शरीर से बंधा हो, तभी इस्तेमाल करने वाले सुरक्षित तैराकी कर सकता है।

- नगर निगम की ओर से साफ-सफाई की जाती हैं। ट्यूब किराए पर देने की कोई अनुमति नहीं दी गई है। इसे मामले को दिखवाया जाएगा।

शैलेन्द्र मिश्रा, रामपुर जोन प्रभारी, नगर निगम