
जयपुर। जयपुर नगर निगम ने शहर के सभी 150 वार्डों में विकास कार्यों और जनसुविधाओं को एक नई रफ्तार देने के लिए 100 दिवसीय कार्ययोजना तैयार की है। शुक्रवार को इस कार्ययोजना का औपचारिक शुभारंभ जयपुर के महापौर सुनील कोठारी, उप-महापौर सरोज कँवर और नगर निगम आयुक्त ओमप्रकाश कसेरा की मौजूदगी में नगर निगम के ईसी सभागार में हुआ। इसके बाद हुई एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में महापौर कोठारी ने इस महत्वाकांक्षी अभियान के बारे में विस्तृत जानकारी दी।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर तैयार हुआ था ऐतिहासिक रोडमैपइस कार्ययोजना की नींव हाल ही में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री आवास (CMR) पर आयोजित एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में रखी गई थी। उस बैठक में नगरीय विकास मंत्री झाबर सिंह खर्रा, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, मुख्यमंत्री के एसीएस अखिल अरोड़ा, एसीएस यूडीएच आलोक गुप्ता सहित प्रदेश भर के नगरीय निकायों के नवनिर्वाचित प्रमुख और अफसर शामिल हुए थे।
बैठक में जयपुर के मेयर सुनील कोठारी के साथ-साथ कांग्रेस के अनिल कल्ला, अनुसुइया गोस्वामी और अनुराधा समेत कई निकायों के अध्यक्षों ने हिस्सा लिया था, जबकि बाकी जनप्रतिनिधि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के माध्यम से जुड़े थे। मुख्यमंत्री के कड़े निर्देशों के बाद ही निगम प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस कायाकल्प योजना को अमलीजामा पहनाया था।
100 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट: योजना के अंतर्गत जयपुर के सभी 150 वार्डों में विकास कार्यों को गति देने के लिए कुल 100 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया।
वार्डों में समान विकास: इस राशि को सभी वार्डों में समान रूप से विभाजित कर सड़क, बिजली, पानी और अन्य मूलभूत जनसुविधाओं को सुदृढ़ करने पर खर्च करने का निर्णय लिया गया था।
स्वच्छता और सौंदर्यीकरण के लिए विशेष रणनीति जयपुर की सूरत बदलने के लिए निगम प्रशासन ने स्वच्छता को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता में रखा :
500 हॉटस्पॉट चिन्हित किए गए: शहर के भीतर 500 विशेष लोकेशन (स्थानों) को चिन्हित किया गया, जहां कचरा प्रबंधन और सौंदर्यीकरण का विशेष कार्य हाथ में लिया गया।
जोनवार लक्ष्य और कड़ी मॉनिटरिंग: कार्ययोजना को समय पर पूरा करने के लिए सभी जोनों को अलग-अलग लक्ष्य दिए गए और उनकी प्रगति की जांच के लिए नियमित मॉनिटरिंग की एक मजबूत व्यवस्था लागू की गई।
उम्मीद की जा रही है कि इस 100 दिवसीय कार्ययोजना के धरातल पर उतरने के साथ ही जयपुर शहर के विकास, स्वच्छता और शहरी कायाकल्प को एक नई और ऐतिहासिक दिशा मिलेगी।