जयपुर

Jaipur Police: जयपुर पुलिस की सबसे बड़ी कार्रवाई! 18 करोड़ के देशव्यापी साइबर घोटालों का पर्दाफाश, 21 ठग दबोचे

Cryber Crime Gang busted : कार्रवाई में ऑनलाइन धोखाधड़ी, फर्जी बैंक खाते बेचने, और खुद को सरकारी अधिकारी बताकर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय साइबर ठगों को गिरफ्तार किया गया है।
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Oct 17, 2026
Jaipur police action against cyber crime
साइबर ठग गिरोह से बरामद सामान के साथ IPS राजर्षि राज

जयपुर पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। दरअसल, पुलिस ने एक बड़े साइबर ठग गैंग का भंडाफोड़ किया है, जिसके तहत 21 साइबर अपराधियों को दबोचकर उनसे लगभग 18.5 करोड़ रुपये से अधिक के देशव्यापी साइबर वित्तीय घोटालों का पर्दाफाश किया है। पुलिस उपायुक्त दक्षिण IPS राजर्षि राज ने बताया कि साइबर अपराधों की रोकथाम एवं साइबर अपराध प्रकरणों का त्वरित निस्तारण करने के लिए पुलिस द्वारा पूरे प्रदेश में 'साइबर शील्ड' अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य में साइबर अपराधों का ग्राफ प्रतिदिन बढ़ रहा है और राज्य सरकार भी साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए काफी गंभीर हैं। भरसक प्रयास करने के बाद भी साइबर अपराधों में प्रभावी कमी नहीं हो पाई है, जिससे आमजन काफी पीड़ित हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए कार्रवाई का  सिलसिला लगातार जारी है।

पुलिस उपायुक्त दक्षिण IPS राजर्षि राज ने बताया कि जिला जयपुर दक्षिण में साइबर अपराधों की रोकथाम और 'म्यूल अकाउंट्स' (Mule Accounts) के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत विभिन्न पुलिस थानों द्वारा बड़ी कार्रवाई की गई है। इस कार्रवाई में ऑनलाइन धोखाधड़ी, फर्जी बैंक खाते बेचने, और खुद को सरकारी अधिकारी बताकर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय साइबर ठगों को गिरफ्तार किया गया है। इस विशेष अभियान (म्यूल हंटर) के तहत जयपुर दक्षिण पुलिस ने कुल 21 साइबर अपराधियों को दबोचकर लगभग 18.5 करोड़ रुपये से अधिक के देशव्यापी साइबर वित्तीय घोटालों का पर्दाफाश किया है। टीम द्वारा साइबर फ्रॉड के सम्बन्ध में की गई कार्यवाही की जा रही है।

विशेष साइबर अभियान के दौरान बरामदगी एवं वित्तीय विवरण-

पुलिस उपायुक्त जयपुर दक्षिण राजर्षि राज का साइबर अपराधियों के विरूध्द कडा प्रहार। जयपुर पुलिस की एक बहुत बड़ी वित्तीय सफलता है, जिसमें आरोपियों के पास से नकद राशि, गैजेट्स और करोड़ों रुपये की ठगी का खुलासा हुआ है।

जिला जयपुर दक्षिण में साईबर फ्रॉड (म्यूल अकाउन्ट) के सम्बन्ध में विशेष अभियान के तहत कुल 15 प्रकरण दर्ज कर 21 अन्तर्राज्यीय साईबर ठगों को गिरफ्तार किया गया है।

अभियुक्तों के पास मिली चैक बुक व पास बुक के खाता नम्बरो को साईबर पुलिस पोर्टल 1930 पर चैक किया गया तो 101 साईबर शिकायतें अलग-अलग राज्यो से दर्ज होना पाया गया।

अभी तक के अनुसंधान में 101 शिकायतों में कुल राशि- 18 करोड़ 60 लाख रुपये की साईबर फ्रॉड करना जानकारी में आया है। जिनमें से कुल राशि- 45 लाख 83 हजार 504 रुपये बैंक खातों में होल्ड होना अनुसंधान में सामने आया है।

कुल नकद राशि बरामदगी 2 लाख 4 हजार 500 रुपये एवं विदेशी मुद्रा 12 नोट (थाई करेंसी) साईबर ठगों से बरामद किए गए है।

साईबर अभियान में ठगों द्वारा उपयोग में लिए जा रहे कुल 38 मोबाइल फोन बरामद किए गए है।

साईबर अभियान में ठगों द्वारा उपयोग में लिए जा रहे वाहन 1 लग्जरी कार (स्कोर्पियो) को बरामद किया गया हैं।

साईबर ठगों द्वारा 25 बैंक चेकबुक, 20 बैंक पासबुक, 30 एटीएम/डेबिट कार्ड, और 15 अन्य व्यक्तियों के फर्जी पैन/आधार कार्ड बरामद किए गए है।

विशेष कार्यवाही का विवरण -

  • पुलिस उपायुक्त जयपुर दक्षिण श्री राजर्षि राज का साईबर अपराधियों के विरूध्द बडी कार्यवाही। एक विशेष साईबर अभियान (01.01.26 से 17.10.26) के तहत पेन्डिंग परिवाद कुल 31976 साईबर शिकायतों में से 25808 शिकायतों का निस्तारण किया गया है।
  • जिला जयपुर दक्षिण के समस्त थानों में एक विशेष साईबर अभियान दिनांक 01.01.26 से 17.10.26 तक चलाया जाकर वर्ष 2026 में कुल 542 मोबाईल फोन (कुल कीमत 1.05 करोड रूपये) रिकवर कर परिवादियों को सुपुर्द किया गया।
  • विशेष अभियान के तहत साईबर फ्रॉड की राशि दिनांक 01.01.26 से 17.10.26 तक कुल 8,84,86,566 रूपये साइबर अपराधियो के खातों में होल्ड करवाये गये।
  • ऑपरेशन वज्र प्रहार 2.0 विशेष अभियान में साईबर फ्रॉड की शिकायतो में कुल 177,11,362 रूपये रिकवर कर परिवादियों के खातों में रिफंड करवाये गये।
  • एमआरएम पोर्टल पर 1045 शिकायतों में 93,84,000 (तिरानवे लाख, चौरासी हजार रूपये) परिवादियों को रिफण्ड करवाये जा चुके है।
  • विशेष अभियान मे साईबर जनजागरूकता अभियान में 20 स्कूल कॉलेज मे 7000 से ज्यादा लोगो को जागरूक किया गया।
  • समन्वय पोर्टल के आधार पर भारत मे विभिन्न राज्यों में वांछित 944 साइबर अपराधियों की तलाश कर नोटीस तामिल करवाकर सम्बन्धित थानों में कार्यवाही हेतु भिजवाए गए।

साइबर ठगी का तरीका/अपराध का मुख्य तरीका-

  1. OLX पर सस्ती गाड़ियाँ बेचने का झांसा, रैपिडो वाहनों को फर्जी स्क्रीनशॉट भेजना और डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए ठगी करना।
  2. साईबर ठगों द्वारा कमीशन का प्रलोभन देकर बैंक में खाता खुलवाकर विभिन्न राज्यों के लोगों से ऑनलाइन साइबर फ्रॉड कर पैसे प्राप्त करना।
  3. सोशल मीडिया का उपयोग कर आम जनता के साथ ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी को अंजाम देना।
  4. स्वयं को CBI (सीबीआई) का पुलिस अधिकारी बताकर, हवाला के रुपयों का झांसा देकर पीड़ितों से करोड़ों रुपये ट्रांसफर करवाना।
  5. भोले-भाले लोगों के खातों में पैसे डलवाना और फिर नेट बैंकिंग व UPI के जरिए पैसे ट्रांसफर कर ऑनलाइन गेमिंग के माध्यम से धोखाधड़ी करना। एक संगठित गिरोह के रूप में काम करते हुए 8 से 10 हजार रुपये प्रति खाते की दर से बैंक खाते (Mule Accounts) बेचना।
  6. साइबर ठगों से कमीशन लेकर धोखाधड़ी की राशि को अपने खातों में प्राप्त करना और उन्हें नकद उपलब्ध करवाना। बाहरी राज्यों (जैसे ओडिशा, कर्नाटक) के लोगों के साथ वित्तीय धोखाधड़ी कर फ्रॉड की राशि 'म्यूल अकाउंट्स' में जमा करना।
  7. फेसबुक पर 3D Murti उपलब्ध करवाने का फर्जी पेज बनाकर लोगों के साथ एडवांस पैसे लेकर धोखाधड़ी करना।
  8. बैंक में फर्जी KYC और पैन कार्ड के जरिए संदिग्ध खाता खुलवाकर देश के विभिन्न राज्यों (कर्नाटक, तमिलनाडु, यूपी आदि) में साइबर फ्रॉड करना।
Updated on:
17 Oct 2026 02:17 pm
Published on:
17 Oct 2026 01:41 pm