
Who is Ritu Barala : जयपुर/नई दिल्ली। दिल्ली में 'वोट चोरी' के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान NSUI कार्यकर्ता रितु बराला के साथ एक महिला पुलिसकर्मी द्वारा मारपीट किए जाने का मामला सामने आया है। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने बुधवार को प्रदर्शनकारियों के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस में रितु बराला को 'शेरनी' बताते हुए कहा कि उन्हें पीटा गया, लेकिन वे डरी नहीं और उनके दिल में नफरत नहीं है। वहीं, राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी रितु के समर्थन में ट्वीट कर पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए और कहा कि कांग्रेस इस बर्बरता को नहीं भूलेगी।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में रितु बराला ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए जाने के बाद बस में उनके साथ महिला पुलिस कॉन्स्टेबल चंचल यादव ने मारपीट की। रितु के अनुसार, NSUI के कार्यकर्ता शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे थे। इस दौरान उन्हें तीन बसों में बैठाकर हिरासत में लिया गया। प्रत्येक बस में करीब 30 से 40 कार्यकर्ता थे।
रितु ने बताया कि उनकी बस में दो लड़कियां और 20 से 30 अन्य NSUI कार्यकर्ता मौजूद थे। प्रदर्शन जारी रखने के लिए उन्होंने बस से बाहर निकलने और उसे रोकने की कोशिश की। इसी दौरान वे बस के नीचे बैठ गईं। रितु ने आरोप लगाया कि महिला कॉन्स्टेबल ने उनकी गर्दन पकड़कर उन्हें धक्का दिया, जिससे वे पीछे सीट पर गिर गईं। इसके बाद उनके चेहरे और कान के पास नाखूनों से खरोंच मारी गई। विरोध करने पर उन्हें थप्पड़ भी मारा गया।
अशोक गहलोत ने अपने ट्वीट में आरोप लगाया कि रितु को बस में पीटने के बाद थाने ले जाकर पैरों पर डंडों से भी मारा गया। उन्होंने कहा कि इस बर्बरता को भुलाया नहीं जाएगा। गहलोत ने रितु के हवाले से लिखा कि वे अन्याय के खिलाफ लड़ेंगी और डरेंगी नहीं।
एनएसयूआई की राष्ट्रीय सचिव रितु बराला राजस्थान के झुंझुनूं जिले की अरड़ावता ग्राम पंचायत के बारी का बास गांव की रहने वाली हैं। उनका परिवार खेती-बाड़ी से जुड़ा है। उनके पिता महेंद्र सिंह बराला किसान हैं, जबकि मां अनिता देवी गृहिणी हैं। रितु ने शुरुआती शिक्षा चिड़ावा के डालमिया बालिका विद्यालय से हासिल की। इसके बाद वे उच्च शिक्षा के लिए जयपुर के महारानी कॉलेज पहुंचीं। वर्ष 2018 में उन्होंने महारानी कॉलेज में अध्यक्ष पद के लिए चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की। छात्रसंघ अध्यक्ष बनने के बाद से ही वे छात्र राजनीति में सक्रिय रहीं।