जयपुर

Indian Railway News: महिला आरक्षित कोचों पर पुरुषों का कब्जा, जयपुर जंक्शन की पड़ताल में खुली रेलवे सुरक्षा के दावों की पोल

जंक्शन पर दावों की पोल खुली: पुरुष यात्रियों का बहाना, 'भीड़ बहुत है, कहां जाएं?'...कागजों में दबे रह गए कड़े नियम, जुर्माना 500 से 2500...फिर भी बेखौफ पुरुष! महिला डिब्बों में जबरन घुसे, पसरे
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Oct 15, 2026
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जयपुर-मुंबई सुपरफास्ट की महिला कोच का नज़ारा

'भीड़ बहुत है, कहां जाएं?' पुरुष यात्रियों का यह बहाना महिला कोच में नियम तोड़ने का आसान रास्ता बनता दिख रहा है। जयपुर जंक्शन पर बुधवार को 'पत्रिका' ने तीन घंटे तक आधा दर्जन से ज्यादा ट्रेनों के महिला आरक्षित कोचों की पड़ताल की। नजारा चौंकाने वाला था। कहीं महिलाओं के लिए आरक्षित सीटों पर पुरुष पसरे थे, तो कहीं गेट पर भीड़ थी। एक महिला यात्री ने विरोध किया, फिर भी पुरुष यात्री कोच में चढ़ गया। रेलवे ने अनाधिकृत प्रवेश पर जुर्माना पांच गुना बढ़ाया है, लेकिन पड़ताल में आरपीएफ की निगरानी और कार्रवाई व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। यह भी सामने आया कि शिकायतें कम मिलने के कारण कार्रवाई भी सीमित है। जयपुर जैसे बड़े स्टेशन पर दो-तीन दिन में एक-दो मामले ही दर्ज हो रहे हैं।

महिला आरक्षित कोचों में खुली दावों की पोल

जयपुर जंक्शन पर तीन घंटे में आधा दर्जन से ज्यादा ट्रेनों के महिला आरक्षित कोचों में दावों की पोल खुली।

जयपुर-मुंबई सुपरफास्ट ट्रेन: दोपहर करीब पौने दो बजे प्लेटफॉर्म नंबर-5 पर खड़ी इस ट्रेन के महिला कोच में महज तीन महिलाएं बैठी थीं, जबकि 10 से 15 पुरुष यात्री सवार थे। कुछ यात्री सीटों पर सोते नजर आए, जबकि कुछ महिला यात्रियों के पास बैठे थे। पड़ताल में सामने आया कि इस ट्रेन में रोज ऐसे ही हालात देखने को मिलते हैं।

जयपुर-मुंबई सुपरफास्ट ट्रेन

जोधपुर-वाराणसी ट्रेन: प्लेटफॉर्म नंबर-2 पर जोधपुर से जयपुर पहुंची इस ट्रेन के महिला आरक्षित कोच में भी पुरुष यात्रियों की भारी भीड़ दिखी। ट्रेन में चढ़ते समय एक महिला यात्री ने एक पुरुष को टोका, लेकिन वह नहीं माना और जबरन कोच में चढ़ गया। उसके बाद चार-पांच अन्य युवक भी कोच में सवार हो गए। यहां भी महिलाओं की तुलना में पुरुष यात्रियों की संख्या अधिक थी।

जोधपुर-वाराणसी ट्रेन

श्रीगंगानगर-बठिंडा-अम्बाला ट्रेन: प्लेटफॉर्म नंबर-1बी पर खड़ी इस ट्रेन के महिला आरक्षित कोच में केवल चार-पांच महिलाएं थीं, जबकि अधिकांश सीटों पर पुरुष यात्रियों का कब्जा था। गेट के पास भी पुरुष यात्रियों की भीड़ नजर आई। इस दौरान मौके पर आरपीएफ स्टाफ मौजूद था, लेकिन किसी ने रोकटोक नहीं की। यात्री गेट पर बैठकर मोबाइल चला रहे थे।

श्रीगंगानगर-बठिंडा-अम्बाला ट्रेन

धारा 162 के तहत कार्रवाई का प्रावधान

रेलवे अधिनियम की धारा 162 के तहत महिला यात्रियों के लिए आरक्षित कोच में अनाधिकृत प्रवेश करने पर कार्रवाई की जा सकती है। सुधार के नाम पर जुर्माना 500 रुपए से बढ़ाकर 2,500 रुपए जरूर किया गया, लेकिन हालात जस के तस हैं।

वाराणसी-साबरमती-लखनऊ और उदयपुर-जयपुर ट्रेन में महिला आरक्षित कोच ही नहीं

पड़ताल के दौरान वाराणसी-साबरमती-लखनऊ और उदयपुर-जयपुर ट्रेन में महिला आरक्षित कोच नहीं मिला। कई ट्रेनों में महिला कोच की स्थिति अलग-अलग होने से महिलाओं को प्लेटफॉर्म पर भटकना पड़ता है। यात्रियों का कहना है कि छोटे स्टेशनों पर पर्याप्त जांच और निगरानी नहीं होने से महिला कोचों में भीड़ बढ़ जाती है। वहीं, दिव्यांग कोचों में भी सामान्य यात्री सफर करते मिले, जबकि कई दिव्यांग यात्रियों को जनरल कोच में यात्रा करनी पड़ती है।

पत्रिका अलर्ट: ट्रेन में महिला कोच में पुरुष दिखें तो क्या करें?

रेलवे हेल्पलाइन 139 पर शिकायत दर्ज कराएं।

रेल मदद पोर्टल railmadad.indianrailways.gov.in / madad/final/home.jsp पर शिकायत करें।

टीटीई, आरपीएफ या जीआरपी कर्मियों को तुरंत सूचना दें।

अनाधिकृत यात्री से बहस करने के बजाय सुरक्षा कर्मियों की मदद लें।

पिछले महीने 31 केस बनाए...औसत से दोगुने

"महिला आरक्षित कोच में अनाधिकृत प्रवेश पर कार्रवाई नियमित होती है। शिकायतें कम मिलती हैं। रूटीन जांच के दौरान भी मामले मिलते हैं। पिछले महीने जयपुर जंक्शन पर 31 केस बनाए गए हैं, जो पिछले महीनों की तुलना में दोगुने हैं। त्योहारी सीजन में अब विशेष अभियान चलेगा।"
- प्रदीप कुमार, इंचार्ज, आरपीएफ थाना, जयपुर जंक्शन

Updated on:
15 Oct 2026 02:20 pm
Published on:
15 Oct 2026 02:17 pm