जोधपुर

जोधपुर में रात 8 बजे बाद शराब बिकने के पत्रिका स्टिंग पर हाईकोर्ट ने लिया प्रसंज्ञान, राज्य सरकार समेत 9 को नोटिस

Jodhpur High Court News: राजस्थान हाईकोर्ट ने जोधपुर में तय समय के बाद शराब बिक्री और नियम उल्लंघन के मामलों पर स्वतः संज्ञान लिया है। कोर्ट ने राज्य सरकार और आबकारी विभाग सहित कई अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
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May 23, 2026
rajasthan high court
राजस्थान हाईकोर्ट। फाइल फोटो- पत्रिका

जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने राजस्थान पत्रिका की खबरों पर संज्ञान लिया है। जोधपुर शहर में शराब की दुकानों के निर्धारित समय के बाद संचालन, इमरजेंसी विंडो से कथित अवैध बिक्री और आबकारी नियमों के उल्लंघन को लेकर स्वतः संज्ञान लिया है। न्यायाधीश डॉ. पुष्पेन्द्र सिंह भाटी व न्यायाधीश डॉ. नूपुर भाटी की खंडपीठ ने कहा कि यह मामला केवल लाइसेंस शर्तों के उल्लंघन तक सीमित नहीं है, बल्कि आमजन के सुरक्षित वातावरण और गरिमापूर्ण जीवन के अधिकार से जुड़ा है।

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नौ प्रतिवादियों को नोटिस जारी किए

खंडपीठ ने अपने आदेश में राजस्थान पत्रिका के स्टिंग ऑपरेशन और प्रकाशित खबरों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रथम दृष्टया जोधपुर शहर में शराब दुकानों के बंद होने के समय संबंधी नियमों का उल्लंघन और नियामकीय तंत्र की विफलता दिखाई देती है। कोर्ट ने कहा कि आबकारी अधिनियम और नियमों के तहत शराब कारोबार पर कड़ी निगरानी, विशेषकर आवासीय क्षेत्रों, शिक्षण संस्थानों, अस्पतालों और सार्वजनिक स्थानों के आसपास आवश्यक है। खंडपीठ ने राज्य सरकार, गृह विभाग, आबकारी विभाग, डीजीपी, आबकारी आयुक्त, जोधपुर पुलिस आयुक्त, कलक्टर और जिला आबकारी अधिकारी सहित नौ प्रतिवादियों को नोटिस जारी किए हैं।

अगली सुनवाई 6 जुलाई 2026 को होगी

कोर्ट ने निर्देश दिए कि राजस्थान पत्रिका की रिपोर्ट को याचिका का हिस्सा मानते हुए उस पर बिंदुवार जवाब पेश किया जाए। खंडपीठ ने अतिरिक्त महाधिवक्ता महावीर बिश्नोई को राज्य सरकार का पक्ष स्पष्ट करने तथा आबकारी आयुक्त का शपथ पत्र अगली तारीख से पहले पेश कराने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने अधिवक्ता प्रदीप खीची और गोपाल सांदू को न्याय मित्र नियुक्त किया है। मामले की अगली सुनवाई 6 जुलाई 2026 को होगी।

कोर्ट के प्रमुख निर्देश

- राजस्थान पत्रिका के स्टिंग ऑपरेशन में सामने आई शराब दुकानों और लाइसेंसधारियों के खिलाफ की गई कार्रवाई की जानकारी पेश की जाए।
- छोटी खिड़की या इमरजेंसी विंडो के जरिए होने वाली बिक्री तत्काल बंद कर शाम 8 बजे पूर्ण रूप से दुकानें बंद सुनिश्चित की जाएं।
- पिछले तीन वर्षों में शराब दुकानों पर हुई जांच और दोषी लाइसेंसधारियों व अधिकारियों के खिलाफ की गई कार्रवाई का रिकॉर्ड प्रस्तुत किया जाए।
- रात 8 बजे से मध्यरात्रि तक विशेष प्रवर्तन टीमें बनाकर आकस्मिक निरीक्षण और गुप्त जांच की जाए।
- सभी निरीक्षणों की जियो-टैगिंग और वीडियोग्राफी सुनिश्चित की जाए।
- शराब दुकानों पर नाइट विजन सीसीटीवी कैमरे लगाकर उनकी लाइव फीड पुलिस और आबकारी कंट्रोल रूम से जोड़ने की व्यवहार्यता पर रिपोर्ट दी जाए।
- डिजिटल बिलिंग और ई-पॉस सिस्टम को आबकारी विभाग से एकीकृत करने का प्रस्ताव पेश किया जाए।
- शराब दुकानों के 8 बजे बंद होने की फोटो और टाइम-स्टैम्प आधारित सत्यापन प्रणाली विकसित करने के निर्देश
- आबकारी, पुलिस और नगर निगम अधिकारियों की संयुक्त मॉनिटरिंग सेल गठित करने की संभावना पर रिपोर्ट मांगी गई है।
- शिक्षण संस्थानों, अस्पतालों, धार्मिक स्थलों और आवासीय कॉलोनियों के पास स्थित शराब दुकानों की स्थिति का आकलन कर सख्त नियमन संबंधी सुझाव देने को कहा गया है।

Published on:
23 May 2026 06:00 am
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