कोलकाता

‘जीवन जीने की कला और दिव्यवाणी है गीता’

शंखनाद समरसता मिशन का गीता पुरस्कार वितरण समारोह, राजस्थान विद्या मंदिर की छात्राओं ने गीता के 5 श्लोकों का पाठ कर मोहा मन
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Updated: 6 May 2018, 7:49 PM IST
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कोलकाता. गीता संपूर्ण विश्व का महान ज्ञानग्रंथ होने के साथ-साथ जीवन जीने की कला, दिव्यवाणी और पद्धति है। श्रीमद्भगवदगीता विश्व को भारत का एक अनुपम उपहार है। गीता किसी भी धर्म या मत का खंडन नहीं करती, इसलिए सभी धर्मावलंबियों के लिए गीता का महत्व एक श्रद्धेय ज्ञानग्रंथ के रूप में बरकरार है। शंखनाद समरसता मिशन की ओर से आयोजित गीता प्रतियोगिता पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए विभिन्न वक्ताओं ने यह उद्गार व्यक्त किए। शंखनाद समरसता मिशन की ओर से महानगर के 45 हिन्दी और अंग्रेजी स्कूलों में आयोजित गीता प्रतियोगिता का पुरस्कार वितरण समारोह रविवार सुबह राजस्थान विद्या मंदिर (गिरीश पार्क, हरियाणा भवन के समीप) में हुआ। राजस्थान विद्या मंदिर की छात्राओं ने जब गीता के 5 श्लोकों का सामूहिक पाठ संस्कृत और हिन्दी में सुर-ताल से किया, तो समारोह स्थल तालियों से गूंज उठा।

बड़ाबाजार से हुई थी गीता प्रेस की शुरुआत
अध्यक्षता राजस्थान विद्या मंदिर के संस्थापक मंत्री आत्माराम काजडिय़ा ने की। समारोह का संचालन करते हुए मंत्री बालकृष्ण लूंडिया ने कहा कि गीता प्रेस की शुरुआत पूरे भारत में सबसे पहले बड़ाबाजार में ही हुई थी, जो बाद में 1923 में गोरखपुर में स्थापित हुआ। लूंडिया ने कहा कि शंखनाद समरसता मिशन का मकसद गीता को स्कूलों से लेकर घर-घर तक पहुंचाना है। श्री जैन विद्यालय के अध्यक्ष विनोद कांकरिया ने कहा कि इस तरह के आयोजन से टीवी, मोबाइल और इंटरनेट की गिरफ्त में आ चुकी आज की युवा पीढ़ी को भारतीय सभ्यता-संस्कृति सहित जीवन दर्शन के बारे में जानकारी मिलेगी।

साल्टलेक शिक्षा निकेतन में हर गुरुवार गीता की पढ़ाई
साल्टलेक शिक्षा निकेतन के मंत्री विश्वनाथ भुवालका ने कहा कि साल्टलेक शिक्षा निकेतन में हर गुरुवार को गीता पढ़ाई जाती है। श्री जैन श्वेताम्बर तेरापंथी विद्यालय के मंत्री भीखमचंद पुगलिया ने कहा कि गीता हमारे जीवन की सफलता का मूल आधार है। गौडिय़ा मिशन, बाग बाजार के ऋषिकेश महाराज ने कहा कि यदि जीवन शांतिमय व प्रेममय बनाना है, तो गीता के उपदेशों को आत्मसात करना होगा।

ये थे अतिथि
सुखचर काठियाबाबा आश्रम के महंत वृंदावन बिहारी दास महाराज प्रधान वक्ता और बतौर विशिष्ट अतिथि महावीर इंस्टीच्यूट ऑफ एजुकेशन एंड रिसर्च के अध्यक्ष शार्दुल सिंह जैन, साल्टलेक शिक्षा निकेतन के मंत्री विश्वनाथ भुवालका, पूर्वांचल विद्या मंदिर के चेयरमैन बृजमोहन बेरीवाल, खन्ना ग्रुप ऑफ स्कूल के मंत्री और सीएमसी वार्ड ३२ पार्षद राजेश खन्ना, श्री जैन विद्यालय के अध्यक्ष विनोद कांकरिया, श्री जैन श्वेताम्बर तेरापंथी विद्यालय के मंत्री भीखमचंद पुगलिया और टांटिया हाई स्कूल के अध्यक्ष विश्वनाथ टांटिया मौजूद थे। गौड़ीया मिशन, बाग बाजार के ऋषिकेश महाराज और निवेदिता स्कूल बाग बाजार की सदानंद प्राण माता भी मंचासीन अतिथियों में शामिल थीं। संचालन मंत्री बालकृष्ण लूंडिया ने किया। इसके अलावा जयगोपाल गुप्ता, नारायण सोनी (उपाध्यक्ष), मदनमोहन मुखर्जी, आशुतोष पांड्ेय, राकेश रामभासा, प्रदीप केजरीवाल, सत्यप्रकाश दूबे और कौशिक मैत्र (संयोजक) आदि मौजूद थे।

छात्राओं को मिला पुरस्कार, तो खिले चेहरे

गीता प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार प्राप्त करने वाली सोहनलाल देवरालिया बालिका विद्यालय की 10वीं की छात्रा रोशनी शर्मा ने बताया कि पुरस्कार मिलने पर उसे अत्यधिक खुशी महसूस हो रही है। उसने पहली बार प्रतियोगिता में भाग लिया था। भविष्य के कॅरियर के बारे में रोशनी ने कहा कि उसकी रुचि विज्ञान में है और वह एक वैज्ञानिक बनना चाहती है। इसी प्रकार श्री जैन गल्र्स स्कूल की 7वीं की छात्रा ज्योति कुमारी ने प्रथम और सावित्री पाठशाला की 10वीं की छात्रा पूजा सिंह ने दूसरा स्थान प्राप्त किया। सभी गीता प्रतियोगिता में पुरस्कार मिलने से उत्साहित थीं।

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