
राजस्थान के कोटा से बड़ी खबर आई है। यहां शनिवार की अल सुबह एक भीषण सड़क हादसा हो गया जिसमें कई लोगों के घायल होने और 8 लोगों की मौत हो गई। हादसा सवारियों से भरी एक बस के पलटने से हुआ है। जानकारी के मुताबिक़ हादसा दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर कोटा के सिमलिया क्षेत्र के कुराडिया एक्सचेंज के पास हुआ है। बताया जा रहा है कि मध्य प्रदेश नंबर प्लेट की मिनी बस के ड्राइवर ने अचानक से बस पर से अपना नियंत्रण खो दिया जिसके बाद बस एक्प्रेस-वे से नीचे उतरकर खाई में जा पलटी। यात्री उज्जैन महाकाल के दर्शन करके खाटू श्याम जी के दर्शन के लिए जा रहे थे।
इस बीच बस में मौजूद सवारियों के बीच हड़कंप का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों ने इस हादसे की सूचना नज़दीकी टोल प्लाज़ा और पुलिस को दी। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार बस में सवार सभी यात्री भोपाल से खाटूश्यामजी में श्याम बाबा के दर्शन करने के लिए जा रहे थे। पुलिस और अस्पताल प्रशासन ने 8 लोगों की मौत की पुष्टि की है।
इसके बाद एम्बुलेंस और अन्य वाहनों के माध्यम से घायलों को नज़दीकी अस्पताल पहुँचाया गया। क्या हादसा वाहन के सामने कोई आवारा जानवर आने से हुआ या ड्राइवर को झपकी आने से वो नियंत्रण खो बैठा, इस बारे में पुलिस पड़ताल कर रही है।
सभी मृतकों और घायलों की पहचान हो गई है। मृतकों के नाम अरुणा, वैष्णवी, त्रिशा, कृष्णा, अनिता, ओम सूर्यवंशी, राजू हैं। बस ड्राइवर की भी मौत हो गई है। घायलों में वंदिता पुत्री रविंद्र झरबड़े, अजय गावंडे पुत्र मरोतराव गावंडे, वेदांत झरबड़े पुत्र योगेश झरबड़े, मोहनिस झरबड़े पुत्र रविंद्र झरबड़े, आकांक्षी झरबड़े पुत्री कमलेश झरबड़े, हेमलता गायकवाड़ पत्नी संतोष गायकवाड़, सारांश पुत्र कमलेश झरबड़े घायल हुए हैं।
पुलिस अधिकारियों को आशंका है कि एक्सीडेंट ड्राइवर को झपकी आने के कारण हुआ है। ट्रैवलर का अगला हिस्सा पूरी तरह खत्म हो गया है। वही एक्सप्रेस हाईवे पर बिगड़े एलाइनमेंट और जगह-जगह जंप होने के चलते यह भी हादसे का कारण बताया जा रहा है। आगे की तरफ बैठे पैसेंजर्स को सबसे ज्यादा चोट लगी है। कई घायल सीटों के बीच फंस गए थे। ग्रामीणों ने कांच तोड़कर उन्हें बाहर निकाला।
यह कोई पहली घटना नहीं है, बल्कि राजस्थान के इस रूट पर लगातार जानलेवा हादसे हो रहे हैं। एक्सप्रेसवे की चमचमाती 8-लेन सड़कों पर वाहनों की अनियंत्रित गति, चालकों को अचानक झपकी आना और सामने अचानक आवारा पशुओं का आ जाना इन लगातार हादसों की मुख्य वजह बनकर उभर रहा है।
लगातार हो रही इन दुर्घटनाओं ने यात्रियों की सुरक्षा और नेशनल हाईवे अथॉरिटी (NHAI) के सुरक्षा इंतजामों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस हाइवे पर सुरक्षित सफर सुनिश्चित करने के लिए गति सीमा पर सख्त निगरानी, आवारा मवेशियों को रोकने के लिए पुख्ता फेंसिंग और वाहन चालकों के लिए जगह-जगह जागरूकता बढ़ाना बेहद जरूरी हो गया है ताकि इस एक्सप्रेसवे को 'सड़क हादसों का मार्ग' बनने से रोका जा सके।