लखनऊ

‘हम संवैधानिक अछूत हैं’, UCG के नए नियमों के खिलाफ सवर्णों का प्रदर्शन, लखनऊ में निकाली सांसदों और विधायकों की अर्थी

Savarna Morcha Protest: लखनऊ में सवर्ण मोर्चा संगठन से जुड़े लोगों ने UGC के नए नियमों के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने सवर्ण समाज के सांसदों और विधायकों की सांकेतिक अर्थी भी निकाली। प्रदर्शन के दौरान 'मुर्दा है भाई मुर्दा है, नेता हमारा मुर्दा है', जैसी नारेबाजी भी की गई...
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Aug 23, 2026
UGC New Rules, Savarna Morcha Protest, UP News
UGC नियमों के खिलाफ सवर्ण मोर्चा संगठन का प्रदर्शन (फोटो- पत्रिका)

UGC New Rules:लखनऊ में रविवार को सवर्ण मोर्चा संगठन से जुड़े ब्राह्मण-ठाकुर समुदाय के लोगों ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नए नियमों के खिलाफ सड़कों पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग आर्थिक आधार पर आरक्षण लागू करने की थी। दोपहर करीब 12 बजे 300 से अधिक कार्यकर्ता वीमेन पावर लाइन चौराहे पर इकट्ठा हुए और यूजीसी के नए नियम वापस लेने की मांग को लेकर नारेबाजी करने लगे। प्रदर्शनकारियों के हाथों में तख्तियां थीं जिन पर खुद को 'संवैधानिक अछूत' लिखा था।

सवर्ण सांसदों और विधायकों की निकाली अर्थी

वीमेन पावर लाइन चौराहे पर करीब आधे घंटे तक प्रदर्शन करने के बाद यह भीड़ बैकुंठ धाम श्मशान घाट की ओर बढ़ने लगी। अचानक इतनी बड़ी संख्या में लोगों के सड़क पर उतरने से इलाके में लंबा जाम लग गया और यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने अपना विरोध जताते हुए सवर्ण समाज के सांसदों और विधायकों की एक सांकेतिक शव यात्रा निकाली। इस दौरान भीड़ ने 'मुर्दा है भाई मुर्दा है, नेता हमारा मुर्दा है', जैसे नारे लगाकर अपना भारी आक्रोश व्यक्त किया।

पुलिस ने हिरासत में लेकर इको गार्डन भेजा

बैकुंठ धाम पहुंचकर सभी प्रदर्शनकारी वहीं धरने पर बैठ गए। सवर्ण मोर्चा के अध्यक्ष संदीप सिंह के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन में आरोप लगाया गया कि सवर्णों के हितों की लगातार अनदेखी की जा रही है और आने वाली पीढ़ियों के लिए सभी अवसर बंद किए जा रहे हैं। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए दोपहर करीब 2.30 बजे पुलिस बल ने प्रदर्शनकारियों को बैकुंठ धाम से हिरासत में ले लिया और उन्हें इको गार्डन भेज दिया। सुरक्षा व्यवस्था के लिए मौके पर 5 थानों की पुलिस तैनात रही।

क्या हैं UGC के नए नियम जिनका हो रहा विरोध?

दरअसल UGC के नए कानून 'प्रमोशन ऑफ इक्विटी इन हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूशन रेगुलेशंस 2026' के तहत शिक्षण संस्थानों में SC, ST और OBC छात्रों के खिलाफ जातीय भेदभाव रोकने के लिए विशेष समितियां बनाने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल इन नियमों पर रोक लगा रखी है। सवर्ण छात्रों का आरोप है कि इन नियमों में जाति आधारित भेदभाव की जो परिभाषा तय की गई है उससे कॉलेजों में अराजकता फैलेगी और सवर्ण छात्रों को स्वाभाविक अपराधी मान लिया जाएगा। सवर्णों की मांग है कि जब तक यह नियम पूरी तरह से वापस नहीं होता उनका यह विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।