
CJP Protest: समाजवादी पार्टी के सांसद शिवपाल सिंह पटेल ने भाजपा पर युवाओं के साथ दुश्मनों जैसा व्यवहार करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि सरकार को युवाओं की मांगों को दबाने के बजाय उन्हें गंभीरता से सुनना चाहिए और उनकी समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए। शिवपाल सिंह पटेल ने कहा कि अगर युवाओं की मांग के बाद धर्मेंद्र प्रधान को हटाया गया है, तो चीफ इलेक्शन कमिश्नर (मुख्य चुनाव आयुक्त) को भी पद से हटा देना चाहिए।
अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने कहा, ''पूरा देश और विपक्ष CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ है लेकिन, मूक बधिर सरकार सिर्फ अपने गुनाहों को छिपाने के लिए ऐसे लोगों को अपॉइंट किए हुए है और उनको हटा नहीं रही है।'' उन्होंने कहा कि पूरा दिल्ली बंद कर दिया गया है। लोग एक जगह से दूसरी जगह जा नहीं सकते हैं। मेट्रो बंद कर दी गई हैं। कितनी ट्रेने बंद कर दी गई हैं। उन्होंने कहा कि एक व्यक्ति को बचाने के लिए इतना सब किया जा रहा है।
सांसद पटेल ने कहा कि भाजपा के लोगों को सोचना चाहिए की ऐसे लोगों को तत्काल प्रभाव से हटाएं। जिससे देश में मामला शांत हो सके।
पंजाब के मंत्री हरपाल सिंह चीमाने भी चुनाव आयोग और भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर ने गरीबों को मतदान का अधिकार दिलाने के लिए बड़ा संघर्ष किया था। चीमा ने आरोप लगाया कि भाजपा चुनाव आयोग का इस्तेमाल गरीबों को उनके मतदान के अधिकार से वंचित करने के लिए कर रही है। उन्होंने कहा कि यह मामला अब जनता के सामने आ चुका है और CJP पूरे देश में प्रदर्शन कर रही है।
हरपाल सिंह चीमा के अनुसार, प्रदर्शनकारियों की मांग है कि मुख्य चुनाव आयुक्त को तत्काल पद से हटाया जाए और उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाए।
वहीं, भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और सांसद संबित पात्रा ने जंतर-मंतर पर CJP के प्रदर्शन को लेकर विपक्षी प्रदर्शनकारियों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर पर जो कुछ हो रहा है और टेलीविजन व कुछ सामाजिक माध्यमों पर जो दिखाई दे रहा है, वह पूरे भारत की तस्वीर नहीं है।
पात्रा ने कहा कि देश सुशासन के साथ शांति से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले कुछ दिनों से दिल्ली के एक हिस्से में कुछ अराजक तत्व अशांति फैलाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन आज उनका प्रयास विफल हो गया। उन्होंने कहा कि राजधानी को बंधक बनाने, आगजनी और हिंसा कराने की कोशिश की गई। पात्रा ने इसे अराजक तत्वों का असफल प्रदर्शन बताते हुए कहा कि आज 'भीड़तंत्र पर लोकतंत्र की जीत' हुई है।