
Ajit Bharti SC ST Act FIR: दिल्ली की सियासत और कानूनी गलियारों में उस वक्त हलचल बढ़ गई, जब यूट्यूब शो ‘साप्ताहिक बकैती’ में दिए गए एक बयान को लेकर यूट्यूबर अजीत भारती के खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज हुआ। आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष की शिकायत पर नॉर्थ एवेन्यू थाने में SC/ST एक्ट, IT एक्ट और BNS की धाराओं के तहत FIR दर्ज की गई है।
मामला अजीत भारती के 22 अगस्त 2026 को प्रसारित वीडियो “SB79: Reservation Hatao Andolan Nautanki & More | Saptahik Bakaiti” से जुड़ा बताया जा रहा है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि वीडियो के दौरान जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया गया और आजाद समाज पार्टी के सांसद चंद्रशेखर आजाद तथा डॉ. बीआर अंबेडकर को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं।
FIR दर्ज होने के बाद अजीत भारती ने सोशल मीडिया के जरिए अपना पक्ष रखा। उन्होंने कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनके परिवार, खासकर उनकी मां और बहन को लेकर की गई कथित अश्लील टिप्पणियों के बाद उन्होंने प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने कहा, '' मां-बहन पर टिप्पणी सुनकर चुप कैसे रहता?''
मामला दर्ज होने के बाद अजीत भारती ने सोशल मीडिया पर एक विस्तृत पोस्ट के जरिए अपनी सफाई दी। उन्होंने दावा किया कि उनके वीडियो पर किसी व्यक्ति ने उनकी मां और बहन को लेकर बेहद अमर्यादित टिप्पणी की थी। भारती का कहना है कि ऐसे व्यक्तिगत और गंभीर हमले के बाद चुप रहना उनके लिए संभव नहीं था। उन्होंने यह भी दावा किया कि उन्होंने अपनी ओर से किसी जातिसूचक शब्द का इस्तेमाल नहीं किया। उनके मुताबिक, पूरे मामले को संदर्भ से अलग करके देखा जा रहा है।
अजीत भारती ने अपने बयान में कहा कि उन्हें पुलिस और न्यायिक प्रक्रिया पर भरोसा है। उन्होंने दावा किया कि FIR में लगाई गई धाराएं अदालत में टिक नहीं पाएंगी और पुलिस पर दबाव में कार्रवाई किए जाने का आरोप लगाया। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि वह कानून का पालन करेंगे और पुलिस की जांच में पूरा सहयोग करेंगे।
अजीत भारती ने अपने बयान में अपने सैनिक स्कूल में पढ़ने का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वह सैनिक स्कूल के छात्र रहे हैं और इस तरह की कार्रवाई से उनका मनोबल आसानी से नहीं टूटने वाला। उन्होंने अपने समर्थकों और सवर्ण समाज के लोगों से भी सवाल किया कि क्या किसी राजनीतिक दल या विचारधारा के दबाव में परिवार की महिलाओं के खिलाफ की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों को सहन कर लेना चाहिए।
पुलिस के मुताबिक, यह FIR आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष की शिकायत के आधार पर नॉर्थ एवेन्यू पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि अजीत भारती के वीडियो में जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया गया। इसके अलावा सांसद चंद्रशेखर आजाद और डॉ. बीआर अंबेडकर के खिलाफ कथित तौर पर आपत्तिजनक और अमर्यादित टिप्पणियां किए जाने का भी आरोप लगाया गया है।
शिकायत के साथ डिजिटल साक्ष्यों के तौर पर वीडियो का URL, मेटाडेटा और वीडियो के व्यूज से संबंधित जानकारी भी पुलिस को उपलब्ध कराए जाने की बात कही गई है।
यह पूरा विवाद अजीत भारती के सोशल मीडिया हैंडल पर 22 अगस्त 2026 को प्रसारित किए गए ‘साप्ताहिक बकैती’ के एपिसोड के बाद सामने आया। वीडियो का शीर्षक “SB79: Reservation Hatao Andolan Nautanki & More | Saptahik Bakaiti” बताया गया है। शिकायतकर्ता पक्ष का आरोप है कि इसी कार्यक्रम के दौरान जाति से जुड़े कुछ शब्दों का इस्तेमाल किया गया और चंद्रशेखर आजाद तथा डॉ. बीआर अंबेडकर को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं।
अजीत भारती के खिलाफ FIR दर्ज होने से महज दो दिन पहले यानी 21 अगस्त 2026 को दिल्ली के जंतर-मंतर पर ‘आरक्षण हटाओ आंदोलन’ का आयोजन किया गया था। इस प्रदर्शन में अजीत भारती ने आरक्षण व्यवस्था को लेकर अपनी बात रखी थी। उन्होंने आरक्षण की समीक्षा से जुड़ी 10 सूत्री मांगें भी सामने रखी थीं।
प्रदर्शन के दौरान रखी गई मांगों में आरक्षण के पिछले कई दशकों के परिणामों पर सरकार से श्वेत पत्र जारी करने की मांग शामिल थी। इसके अलावा आरक्षित वर्गों के भीतर सबसे ज्यादा वंचित लोगों तक आरक्षण का लाभ पहुंचाने के लिए ‘कोटा के भीतर कोटा’ लागू करने की मांग भी उठाई गई। प्रदर्शन में EWS वर्ग को समान सहायता देने और आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों के लिए न्यूनतम योग्यता अंक तय करने जैसी मांगें भी रखी गईं।
जंतर-मंतर के प्रदर्शन के दौरान अजीत भारती ने SC/ST एक्ट की तर्ज पर ‘सवर्ण अत्याचार निवारण अधिनियम’बनाने की मांग भी रखी थी। अब इसी प्रदर्शन के दो दिन बाद उनके खिलाफ SC/ST एक्ट समेत अन्य धाराओं में FIR दर्ज होने के बाद विवाद और राजनीतिक बहस तेज हो गई है।
FIR दर्ज होने के बाद मामला केवल कानूनी प्रक्रिया तक सीमित नहीं रहा। सोशल मीडिया पर भी दोनों पक्षों की ओर से प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं।एक ओर शिकायतकर्ता पक्ष अजीत भारती के वीडियो में कथित जातिसूचक और आपत्तिजनक टिप्पणियों को लेकर कार्रवाई को उचित बता रहा है, वहीं भारती अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को लेकर सफाई दे रहे हैं। अब इस पूरे मामले में पुलिस जांच के साथ-साथ वीडियो में कही गई बातों और उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों की जांच महत्वपूर्ण होगी।