राष्ट्रीय

महाराष्ट्र में CJP की 5 अगस्त को बड़ी बैठक, भविष्य में आंदोलन की रणनीति पर करेंगे चर्चा

Party Leaders Meeting: कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रमुख सदस्य रविवार को महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में बैठक करेंगे और पार्टी के सूत्रों के अनुसार, वे भविष्य की कार्ययोजना पर विचार-विमर्श करेंगे।
2 min read
• •
Aug 02, 2026
CJP Meeting
महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में सीजेपी की 5 अगस्त को बड़ी बैठक,photo source@ANI

Party Leaders Meeting:कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रमुख सदस्य 5 अगस्त को महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर स्थित पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके के आवास पर बैठक करेंगे। बैठक में संगठन की भविष्य की रणनीति और आगामी कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, सीजेपी ने पिछले महीने दिल्ली के जंतर-मंतर पर कथित नीट पेपर लीक के विरोध में एक महीने तक आंदोलन चलाया था। आंदोलन के बाद संगठन ने अपने कार्यकर्ताओं और स्वयंसेवकों से परिवार के साथ समय बिताने का आग्रह किया था।

पार्टी कार्यकर्ताओं से लिया फीडबैक

सूत्रों के अनुसार, पार्टी के प्रमुख सदस्यों को स्वयंसेवकों और छात्रों से बातचीत कर उनकी प्रतिक्रिया, सुझाव और विचार जुटाने के लिए भी कहा गया था। इन सुझावों पर 5 अगस्त की बैठक में चर्चा होगी।

सूत्रों ने बताया कि बैठक के बाद संगठन एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करेगा, जिसमें भविष्य की रणनीति और लिए गए महत्वपूर्ण निर्णयों की जानकारी साझा की जाएगी।

परिवार और मित्रों के साथ मनाया फ्रेंडशिप डे

अभिजीत दीपके ने अपने आवास पर छात्रों, स्थानीय लोगों और पड़ोसी जिलों से आए आगंतुकों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने बच्चों और समर्थकों के साथ फ्रेंडशिप डे भी मनाया।

'सिर्फ सोशल मीडिया पर माफी नहीं, केस भी वापस लें'

इससे पहले अभिजीत दीपके ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की थी कि वे सोशल मीडिया पर संवेदना व्यक्त करने तक सीमित न रहें, बल्कि अधिकारियों को छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने का निर्देश दें। उन्होंने एएनआई से कहा, "सिर्फ इंस्टाग्राम पर माफी न दें। पुलिस को निर्देश दें कि छात्रों के खिलाफ दर्ज सभी मामले वापस लिए जाएं।"

'पहले घायल छात्रों से माफी मांगिए'

20 जुलाई को छात्रों के खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई पर औपचारिक माफी की मांग करते हुए अभिजीत दीपके ने कहा कि जब तक सरकार प्रदर्शनकारियों के साथ हुई कथित ज्यादती को स्वीकार नहीं करती, तब तक प्रधानमंत्री की माफी पर चर्चा का कोई अर्थ नहीं है।

उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री मोदी को उन छात्रों से माफी मांगनी चाहिए, जो 20 जुलाई को हुए लाठीचार्ज में घायल हुए, जिनके सिर में चोट लगी, पेलेट गन से घायल हुए या जिनके हाथ-पैर टूट गए। पहले उन छात्रों से माफी मांगिए।"

Updated on:
02 Aug 2026 05:37 pm
Published on:
02 Aug 2026 04:57 pm