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Nepal Flood: नेपाल आपदा पीड़ितों के साथ खड़े हुए धीरेंद्र शास्त्री, बागेश्वर धाम की टीम भेजने का ऐलान

Dhirendra Shastri: नेपाल में आई बाढ़ के बाद राहत और बचाव कार्य के लिए बागेश्वर धाम की टीम वहां जाएगी। धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने भोजन और मेडिकल मदद उपलब्ध कराने की घोषणा की है।
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Updated: 27 Aug 2026, 9:58 PM IST
Dhirendra Shastri
बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री। फाइल फोटो- पत्रिका

छतरपुर। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने नेपाल आपदा पीड़ितों के साथ एकजुटता दिखाते हुए राहत, भोजन और मेडिकल मदद की घोषणा की है। नेपाल में अचानक आई बाढ़ पर बाबा बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि यह बहुत डरावनी स्थिति थी और जब मैंने तस्वीरें और वीडियो देखे तो मुझे बहुत दुख हुआ।

भारत नेपाल के साथ

उन्होंने कहा कि मैं पूरे नेपाल के लिए बागेश्वर भगवान बालाजी से प्रार्थना करता हूं। मैं नेपाल के लोगों से यह भी कहना चाहता हूं कि वे चिंता न करें, हम आपके साथ हैं, भारत नेपाल के साथ है और बागेश्वर धाम नेपाल के साथ है। यह दुख का समय है, यह कुछ करने का समय है। मैं बागेश्वर परिवार के हर सदस्य से अपील करता हूं कि वे सेवा के लिए आगे आएं।

समाज से की अपील

उन्‍होंने अपील करते हुए कहा कि प्रत्‍येक समाज का व्‍यक्ति नेपाल का साथ दे। बागेश्वर धाम से हमारी टीम भी नेपाल जा रही है, जहां पर राहत बचाव कार्य के साथ भोजन और मेडिकल की व्‍यवस्‍था कर रहे हैं। उन्‍होंने कहा कि निश्चित रूप से भारत की मदद की विचारधारा रही है। भारत-नेपाल का रिश्‍ता रोटी-बेटी का है, दिखने में दो देश हैं पर वास्‍तव में एक ही हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दुख की घड़ी में सबके साथ खड़े हैं।

रक्षाबंधन की दी बधाई

रक्षाबंधन के मौके पर बाबा बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि पूरे देश और दुनिया के लोगों को रक्षाबंधन की बहुत-बहुत बधाई। राखी बंधवाने के बाद, आप अपनी बहन को तोहफे में पैसे दें या न दें, लेकिन एक वादा जरूर करें। मैं इस देश में महिलाओं और लड़कियों पर हो रहे अत्याचारों के खिलाफ आवाज उठाऊंगा और कभी भी किसी बहन या बेटी को बुरी नजर से नहीं देखूंगा। राखी बंधवाने के बदले अपनी बहन से यह वादा जरूर करें। उन्‍होंने कहा कि भारत में हमेशा माताओं को देवी रूप में पूजा जाता है।

47.5 टन राहत सामग्री भेजी

वहीं विदेश मंत्रालय (एमईए) ने गुरुवार को कहा कि नेपाल में अचानक आई बाढ़ से सैकड़ों लोगों की मौत हो गई और बड़े पैमाने पर तबाही हुई। नई दिल्ली में नेपाल आपदा पर एक प्रेस ब्रीफिंग को संबोधित करते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत ने दो विमानों के जरिए नेपाल को 47.5 टन राहत सामग्री भेजी है। जायसवाल ने काठमांडू भेजी गई राहत सहायता के बारे में कहा कि मानवीय सहायता के साथ दो विमान काठमांडू भेजे गए हैं। पहले एक सी-130जे विमान ने उड़ान भरी, जिसमें 10 टन राहत सामग्री थी, जिसमें अस्थायी आश्रय, कंबल, हाइजीन किट, सोलर लैंप, दवाएं आदि शामिल थीं। इसके बाद एक सी-17 विमान 37.5 टन सामान लेकर रवाना हुआ, जिसमें 28.5 टन राहत सामग्री जैसे टेंट, कंबल, हाइजीन किट, सोलर लैंप, पानी निकालने वाले पंप, किचन सेट, जेनसेट आदि, आठ टन दवाएं और एक टन खाद्य सामग्री शामिल थी।

Updated on:
27 Aug 2026, 9:58 PM IST
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