
Gurmeet Ram Rahim Singh granted parole: हरियाणा के रोहतक स्थित जिला कारागार सुनारिया में बंद डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम एक बार फिर जेल से बाहर आया है। इस बार उसे 21 दिन की पैरोल मिली है। 2017 में सजा सुनाए जाने के बाद से यह 17वीं बार है, जब उसे पैरोल या फरलो मिली है। रिपोर्ट के मुताबिक, इससे पहले पैरोल या फरलो मिलने पर राम रहीम को उत्तर प्रदेश के बागपत स्थित बरनावा आश्रम भेजा जाता रहा है। हालांकि, इस बार वह सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा के मुख्य आश्रम जाएगा।
बता दें कि 2017 में डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को दो अलग-अलग मामलों में 10-10 वर्ष के कारावास की सजा मिली थी। इस तरह उसकी कुल सजा 20 साल निर्धारित हुई। अदालत के आदेश के अनुसार, दोनों सजा की अवधि समानांतर रूप से नहीं चलेगी। पहले एक मामले की 10 साल की सजा पूरी होगी, उसके बाद ही दूसरी सजा की अवधि शुरू मानी जाएगी। यह फैसला सीबीआई की विशेष अदालत ने सुनाया था। इसी सजा के चलते वह अभी भी जेल में है।
गुरमीत राम रहीम को इस साल चौथी बार जेल से बाहर आया है। 3 जनवरी 2026 को उसे 40 दिन की पैरोल मिली थी। इसके बाद 26 मई को 30 दिन की पैरोल मिली थी। अब दो महीने बाद 26 जून को सुनारिया जेल लौट था। अब एक बार फिर 25 अगस्त 2026 को उसे 21 दिन की पैरोल मिली है।
पैरोल का मतलब है कि जेल में सजा काट रहे किसी कैदी को कुछ निर्धारित शर्तों और सीमित अवधि के लिए जेल से बाहर रहने की अनुमति दी जाती है। आसान भाषा में कहें तो, पैरोल सजा खत्म होना नहीं है, बल्कि कैदी को कुछ समय के लिए जेल से बाहर रहने की कानूनी अनुमति होती है। अवधि पूरी होने पर उसे वापस जेल जाना होता है। पैरोल आमतौर पर विशेष परिस्थितियों, जैसे परिवार में गंभीर बीमारी, मृत्यु, शादी या अन्य मानवीय कारणों से दी जा सकती है। इसके लिए संबंधित नियमों और सक्षम प्राधिकारी की अनुमति जरूरी होती है।