
India Weather Update: देश के कई हिस्सों में मॉनसून एक बार फिर तेज तेवर दिखा रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के पूर्वानुमान ने उत्तर से दक्षिण और पूर्वोत्तर तक बारिश का दायरा बढ़ने के संकेत दिए हैं। दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश से लेकर मध्य भारत, पूर्वी राज्यों और दक्षिणी प्रायद्वीप तक कई इलाकों में भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की आशंका है। कुछ क्षेत्रों में बहुत भारी बारिश की चेतावनी ने प्रशासन, यात्रियों और किसानों की चिंता बढ़ा दी है।
IMD के 24 अगस्त की रात जारी ऑल इंडिया वेदर बुलेटिन के मुताबिक अगले कुछ दिनों में देश के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बनी रहेंगी। उत्तर-पश्चिम भारत में जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश में 24 से 30 अगस्त के बीच बारिश के दौर की संभावना है। उत्तराखंड में भी इस अवधि में व्यापक बारिश हो सकती है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 25 से 27 अगस्त तक बारिश का जोर रहने का अनुमान है।
दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 25 अगस्त और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 25-26 अगस्त को तेज बारिश के आसार हैं। पूर्वी उत्तर प्रदेश में बहुत भारी बारिश का भी खतरा बताया गया है। पहाड़ी इलाकों में गरज-चमक और बिजली गिरने की घटनाओं को लेकर विशेष सतर्कता जरूरी है।
मध्य भारत में पश्चिमी मध्य प्रदेश में 27 अगस्त और पूर्वी मध्य प्रदेश में 27 से 30 अगस्त के दौरान भारी बारिश हो सकती है। विदर्भ और छत्तीसगढ़ में भी कई दिनों तक बारिश जारी रहने का अनुमान है। पूर्वी भारत में झारखंड, ओडिशा, बिहार और पश्चिम बंगाल के कई हिस्से प्रभावित होंगे। झारखंड, बिहार और ओडिशा में अलग-अलग दिनों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
पूर्वोत्तर में अरुणाचल प्रदेश, असम-मेघालय और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा में भी बारिश का दौर जारी रह सकता है। पश्चिमी भारत में कोंकण-गोवा में 24 से 30 अगस्त तक व्यापक बारिश और मध्य महाराष्ट्र में भारी बारिश के आसार हैं।
दक्षिण भारत में तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तेलंगाना और केरल के कई हिस्सों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं चल सकती हैं। कुछ क्षेत्रों में हवा की रफ्तार 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने और झोंकों के साथ 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक जाने का अनुमान है।
मौसम विभाग के मुताबिक उत्तर ओडिशा और आसपास के झारखंड व गंगीय पश्चिम बंगाल क्षेत्र में बना निम्न दबाव क्षेत्र इस मौसम गतिविधि का अहम कारण है। इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण करीब 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला है। मानसून ट्रफ भी सक्रिय है, जिससे बारिश का दायरा कई राज्यों तक फैल रहा है।
25 अगस्त को दिल्ली-NCR में भी बारिश और गरज-चमक की संभावना बनी हुई है। ऐसे में लोगों को स्थानीय मौसम चेतावनी पर नजर रखने, बिजली चमकने के दौरान खुले स्थानों से बचने और पहाड़ी व तटीय इलाकों में यात्रा करते समय अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है।