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Iran War: ईरान का परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह तबाह, तनाव के बीच अमेरिका का बड़ा दावा

US Iran nuclear deal: अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि ईरान का परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह तबाह हो चुका है। अब सिर्फ सत्यापित वादा चाहिए कि वह यह कार्यक्रम दोबारा शुरू नहीं करेगा।
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Oct 18, 2026
US News
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस (फोटो सोर्स- ANI)

अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने ईरान को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा है कि उनकी सरकार ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अब कोई समझौता नहीं करने वाली है।

उन्होंने दावा किया कि अमेरिका ने ईरान के खिलाफ इस मोर्चे पर काफी हद तक जीत हासिल कर ली है और उसका परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह से नष्ट कर दिया गया है।

अब सिर्फ एक बार पर अमेरिका की नजर

वेंस ने कहा- अब अमेरिका की नजर सिर्फ एक बात पर टिकी है। ईरान को लंबे समय के लिए ऐसा वादा करना होगा जिसे जांचा-परखा जा सके कि वह दोबारा परमाणु कार्यक्रम शुरू नहीं करेगा। वेंस ने सीबीएस न्यूज के टाउन हॉल में यह बात कही।

वेंस से इस दौरान पूछा गया कि क्या पांच साल बाद ईरान दोबारा अपनी परमाणु क्षमता खड़ी कर सकता है? क्या वह यूरेनियम समृद्ध करने की सुविधाएं फिर से बना सकता है? इस पर उन्होंने जवाब दिया कि सिर्फ ट्रंप प्रशासन के दौरान ही नहीं, बल्कि लंबे समय तक ईरान को इस रास्ते पर रोकना जरूरी है।

सिर्फ तबाह करना काफी नहीं

अमेरिकी उपराष्ट्रपति ने आगे कहा कि अमेरिका ने ईरान के खिलाफ युद्ध में निर्णायक बढ़त बना ली है। उन्होंने कहा कि ईरान का परमाणु कार्यक्रम नष्ट हो चुका है, लेकिन सिर्फ तबाह करना काफी नहीं है। अब जरूरत है जांच योग्य वादे की।

वेंस ने कहा कि अमेरिका नहीं चाहता कि आने वाले वर्षों में ईरान फिर से उसी रास्ते पर चले। वह चाहते हैं कि ईरान ऐसा लिखित और सत्यापित वादा करे जिसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जांचा जा सके।

उन्होंने आगे कहा कि इससे भविष्य में किसी तरह की धोखाधड़ी की गुंजाइश नहीं रहेगी। बता दें कि अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु मुद्दे पर तनाव लंबे समय से चला आ रहा है। इसी बीच, अमेरिका का यह बयान सामने आया है।

अमेरिका-इजराइल बार-बार देते हैं ईरान को धमकी

अमेरिका और इजराइल बार-बार ईरान को यह कहते हैं कि वह ईरान को किसी भी कीमत पर परमाणु हथियार नहीं बनाने देंगे, लेकिन ईरान भी लगातार यह दावा करता है कि मुश्किल स्थिति में भी उसका परमाणु कार्यक्रम रुक नहीं पाया है।