
Devendra Fadnavis: महाराष्ट्र में 500 करोड़ रुपये वाली वायरल ऑडियों क्लिप के विवाद पर मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे ने कड़े शब्दों में प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों को ही घेर कर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने इसे बहुत गंभीर मामला बताया और कहा कि ऐसी सोच न राज्य को चाहिए, न देश को।
आगे उन्होंने कहा कि ऐसे लोग सामने मीठा बोलते हैं, लेकिन पीठ पीछे लोगों और आंदोलनों को खत्म करने की साजिश रचते हैं। उन्होंने नेताओं को बेहद जहरीले बताया और कहा कि इनका काम करने का तरीका धीमा जहर देने जैसा है।
उनका आरोप है कि इन लोगों को सिर्फ सत्ता चाहिए। सत्ता के लिए वे किसी की भावनाओं की परवाह नहीं करते, चाहे सत्ता पक्ष हो, विपक्ष हो। ये लोग किसानों का आंदोलन हो, छात्रों का या मराठा आंदोलन हो किसी को नहीं छोड़ते। जरांगे ने कहा कि ये गरीबों के वोट लेकर सत्ता में बैठना और फिर उन्हें खत्म करना चाहते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि मराठा समाज इन्हें छोड़ेगा नहीं और हिसाब लेगा।
गुरुवार को जरांगे ने जालना में एक ऑडियो क्लिप सार्वजनिक की। उनका आरोप था कि उन्हें चुप कराने और मराठा आंदोलन को कमजोर करने की साजिश रची गई है। वायरल क्लिप क्लिप में कथित तौर पर एक महिल कह रही है कि बीजेपी ने डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे को 500 करोड़ रुपये दिए और यह पैसे उनके बेटे श्रीकांत शिंदे के जरिए जरांगे तक पहुंचाए गए।
इसका मकसद यह था कि 2024 के विधानसभा चुनाव से पहले मराठा आरक्षण आंदोलन को शांत किया जा सके। वायरल ऑडियों पर जरांगे का कहना है कि मैंने कोई पैसे नहीं लिए। यह क्लिप मुझे और मराठा आंदोलन को बदनाम करने की साजिश है।
वायरल ऑडियो पर सवाल उठाते हुए एकनाथ शिंदे ने जरांगे को चुनौती दी थी कि वे उस आरोप को साबित करें। इस मामले पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को ऑडियो की फॉरेंसिक जांच के आदेश दिए। वहीं, जरांगे ने मांग की है कि इसकी जांच SIT से कराई जाए।