
PoK Terrorists: जम्मू-कश्मीर में सर्दियों की शुरुआत से पहले आतंकी घुसपैठ की आशंका बढ़ गई है। खुफिया इनपुट के अनुसार, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में करीब 500 आतंकियों के लॉन्चपैड पर मौजूद होने का दावा किया गया है। आशंका है कि ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी से पहाड़ी रास्ते बंद होने से पहले आतंकियों को भारतीय सीमा में भेजने की कोशिश की जा सकती है। इस बीच कुपवाड़ा के केरन सेक्टर में सुरक्षाबलों ने दो आतंकियों को मार गिराया है। इलाके को घेरकर सुरक्षा बल तलाशी अभियान में जुटे हुए हैं।
जानकारी के अनुसार शनिवार सुबह कुपवाड़ा के केरन सेक्टर के जुमगुंड इलाके में तैनात भारतीय सेना के जवानों ने संदिग्ध गतिविधि को भांपा। सतर्क सैनिकों ने तुरंत मोर्चा संभालते हुए घुसपैठियों को चुनौती दी, जिसके बाद दोनों तरफ से कुछ देर तक गोलीबारी की घटना सामने आई। इस मुठभेड़ के तुरंत बाद इलाके में बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन यानी घेराबंदी और तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया, जो अभी भी जारी है। सुरक्षाबलों का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी संदिग्ध भारतीय सीमा के भीतर छिपने में सफल न हो सकें।
यह घटना ऐसे समय पर सामने आई है जब हाल ही में कुपवाड़ा के अन्य संवेदनशील इलाकों जैसे लोलाब और करनाह सेक्टर में भी संयुक्त घेराबंदी और तलाशी अभियान चलाए गए थे। इन अभियानों के दौरान भारतीय सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी थी, जहां से भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किए गए थे। सुरक्षा एजेंसियां मानती हैं कि स्थानीय स्तर पर भी आतंकी नेटवर्क को नेस्तनाबूद करने के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।
सर्दियों का यह दौर सुरक्षा बलों के लिए हमेशा से काफी संवेदनशील और चुनौतीपूर्ण माना जाता है। पहाड़ी और ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बर्फबारी होने के कारण घुसपैठ के पारंपरिक रास्ते और दर्रे पूरी तरह बंद हो जाते हैं। यही वजह है कि बर्फबारी शुरू होने से पहले पाकिस्तान की तरफ से आतंकवादियों को भारतीय सीमा में धकेलने की साजिशें तेज हो जाती हैं। खुफिया सूत्रों से मिले इनपुट के अनुसार, सीमा पार पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के विभिन्न लॉन्चपैड्स पर भारी संख्या में आतंकी मौजूद हैं, जो लगातार भारतीय सीमा में घुसने की फिराक में ताक लगाए बैठे हैं।
इस खतरे को देखते हुए भारत की सुरक्षा एजेंसियों और सेना को पहले ही हाई अलर्ट पर रखा गया है। अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सुरक्षा की पहली पंक्ति मानी जाने वाली सीमा सुरक्षा बल (BSF) को भी घुसपैठ रोधी अभियानों को और अधिक तीव्र करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं। सेना और पुलिस का यह संयुक्त ढांचा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए चौबीसों घंटे निगरानी रख रहा है, ताकि आतंकियों के किसी भी मंसूबे को कामयाब न होने दिया जाए।