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राहुल गांधी की याचिका पर तेलंगाना BJP अध्यक्ष का हमला, बोले- न्यायपालिका को राजनीति का अखाड़ा न बनाएं

चुनावी प्रक्रिया पर उठे सवालों के बीच भाजपा ने कांग्रेस की रणनीति पर गंभीर आरोप लगाए हैं। क्या यह विवाद सिर्फ मतदाता सूची तक सीमित है, या इसके पीछे संवैधानिक संस्थाओं की भूमिका को लेकर बड़ा राजनीतिक टकराव भी है?
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Oct 13, 2026
Rahul Gandhi Supreme Court Petition
Rahul Gandhi Supreme Court Petition : एन रामचंदर राव बयान ( फोटो सोर्स- ANI)

चुनाव आयोग की एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) प्रक्रिया को लेकर राहुल गांधी की सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका अब राजनीतिक बयानबाजी के केंद्र में आ गई है। तेलंगाना भाजपा अध्यक्ष एन. रामचंदर राव ने याचिका में कथित खामियों को लेकर कांग्रेस नेता पर तीखा निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाकर राजनीतिक माहौल को अस्थिर करने की कोशिश की जा रही है। उनके बयान ने न्यायपालिका की स्वतंत्रता और विपक्ष की भूमिका पर नई बहस छेड़ दी है।

याचिका में खामियों का दावा, राहुल गांधी पर साधा निशाना

तेलंगाना भाजपा अध्यक्ष एन. रामचंदर राव ने राहुल गांधी की याचिका को त्रुटियों से भरा बताते हुए कहा कि कांग्रेस नेता इस मामले को लेकर अनावश्यक राजनीतिक नाटकीयता पैदा कर रहे हैं। उनके मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकालने के बजाय मामले को कानूनी तथ्यों और उचित प्रक्रिया के आधार पर आगे बढ़ाया जाना चाहिए।

राव ने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष का पद संवैधानिक महत्व रखता है। ऐसे में इस पद पर बैठे व्यक्ति से अपेक्षा की जाती है कि वह न्यायपालिका को राजनीतिक विवादों में खींचने से बचे। उन्होंने राहुल गांधी के कदम को देश में अराजक माहौल बनाने की कथित कोशिश करार दिया।यह खबर अभी अपडेट हो रही है।

केरल कांग्रेस पर भी उठाए सवाल

भाजपा नेता ने अपने बयान में कांग्रेस की केरल इकाई का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि एक ओर राहुल गांधी न्यायपालिका के समक्ष अपना पक्ष रख रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस की केरल इकाई ने भारत के मुख्य न्यायाधीश से इस्तीफे की मांग की थी। राव ने इसे पार्टी के दोहरे रवैये के रूप में पेश किया।

हालांकि, ये आरोप भाजपा अध्यक्ष के राजनीतिक बयान का हिस्सा हैं। इनके आधार पर कांग्रेस की मंशा या न्यायपालिका पर दबाव डालने के किसी प्रयास को स्वतंत्र रूप से प्रमाणित तथ्य नहीं माना जा सकता।

न्यायपालिका की स्वतंत्रता पर जोर

रामचंदर राव ने कहा कि भारतीय न्यायपालिका एक स्वतंत्र संस्था है और उसकी गरिमा बनाए रखना सभी राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि न्यायाधीशों के कामकाज में राजनीतिक हस्तक्षेप स्वीकार्य नहीं होना चाहिए। उनके अनुसार, संवैधानिक पदों पर बैठे अधिकारियों और संस्थाओं को निशाना बनाना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंता का विषय है।

यह विवाद ऐसे समय सामने आया है, जब मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण, चुनावी पारदर्शिता और चुनाव आयोग की जवाबदेही को लेकर देश की राजनीति में लगातार बहस हो रही है।

एसआईआर क्या है और क्यों अहम है?

एसआईआर यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन मतदाता सूची की विशेष गहन समीक्षा की प्रक्रिया है। इसका उद्देश्य मतदाता सूची की जांच करना और पात्र मतदाताओं के नाम दर्ज होने के साथ-साथ अपात्र या दोहराए गए नामों जैसी संभावित विसंगतियों की पहचान करना है। इस प्रक्रिया में पारदर्शिता, पात्र मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा और निर्धारित कानूनी प्रक्रियाओं का पालन महत्वपूर्ण माना जाता है।

Updated on:
13 Oct 2026 11:01 am
Published on:
13 Oct 2026 10:54 am