राष्ट्रीय

सिर्फ आतंकी नहीं, उनके पूरे नेटवर्क का होगा सफाया? SCO में राजनाथ सिंह ने बताया भारत का सख्त रुख

Rajnath Singh Warning on Terrorism: आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई केवल हमलावरों तक सीमित रखने से काम नहीं चलेगा, इसके पीछे सक्रिय पूरे तंत्र पर प्रहार करना होगा। राजनाथ सिंह ने SCO के मंच से सहयोगी देशों के सामने जवाबदेही, समन्वय और ठोस कार्रवाई का सवाल उठाया।
2 min read
• •
Oct 20, 2026
Rajnath Singh’s BIG Warning on Terrorism
Rajnath Singh’s BIG Warning on Terrorism : 2. आतंकियों के मददगारों की अब खैर नहीं? राजनाथ सिंह ने साफ किया भारत का रुख (फोटो सोर्स: @ians_india)

Rajnath Singh on Terrorism: मध्य एशिया में भारत ने आतंकवाद के खिलाफ अपनी नीति को एक बार फिर स्पष्ट कर दिया है। ताजिकिस्तान की राजधानी दुशांबे में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की बैठक के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आतंकवाद को केवल सुरक्षा का खतरा नहीं, बल्कि आर्थिक विकास और युवा पीढ़ी के भविष्य के लिए भी गंभीर चुनौती बताया। उन्होंने साफ कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में किसी तरह का भेदभाव नहीं होना चाहिए और इसके पूरे नेटवर्क को मिलकर खत्म करना जरूरी है।

Rajnath Singh Warning on Terrorism: आतंकवाद की पूरी व्यवस्था खत्म करने पर जोर

राजनाथ सिंह ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि आतंकवाद को किसी भी परिस्थिति में उचित नहीं ठहराया जा सकता। उन्होंने कहा कि इस खतरे से निपटने के लिए अलग-अलग देशों के अलग-अलग मानदंड नहीं होने चाहिए। आतंकियों को आर्थिक मदद देने वाले, उनका समर्थन करने वाले और उन्हें सुरक्षित ठिकाने उपलब्ध कराने वाले तत्वों के खिलाफ भी सख्त कदम उठाने होंगे।

SCO Dushanbe Meeting: दुशांबे से चौंकाने वाला संदेश

राजनाथ सिंह ने SCO की बैठक में कहा कि आतंकवाद सिर्फ मासूम लोगों की जान ही नहीं लेता, बल्कि व्यापार, निवेश और सामाजिक स्थिरता पर भी सीधा असर डालता है। इससे रोजगार के मौके कम हो जाते हैं और समाज में कट्टरपंथ बढ़ता जाता है।

Terrorism Warning India: आतंकवाद की जड़ों तक पहुंचने पर जोर

राजनाथ सिंह ने साफ कहा, आतंकवाद किसी भी हालत में सही नहीं ठहराया जा सकता। इसके खिलाफ सबका एक ही स्टैंड होना चाहिए। देशों के अपने-अपने मानक नहीं हो सकते। आतंकियों को पैसा देने, उनका सपोर्ट करने या छुपाने वालों के खिलाफ भी सख्त एक्शन लेना होगा।

रक्षा मंत्री का कहना था कि सिर्फ आतंकी हमलों के बाद कार्रवाई से बात नहीं बनेगी। जरूरत है आतंकवाद चलाने वाले टुकड़ों-टुकड़ों में जुड़े नेटवर्क, फाइनेंसरों और समर्थकों को मिलकर खत्म करने की।

SCO के दो सेंटरों को मिली अहमियत

राजनाथ सिंह ने अपने भाषण में बिश्केक में लिए बड़े फैसलों को सराहा, जहां ताशकंद यूनिवर्सल सेंटर और दुशांबे का एंटी-ड्रग सेंटर, SCO के स्थायी अंग बनाने की दिशा में कदम उठा गया। उन्होंने कहा कि इन सेंटरों की सफलता इस बात पर टिकी है कि ये मेंबर देशों के बीच समन्वय कितनी तेज़ी और कुशलता से बनाते हैं, और अपने काम कितनी तेजी से निपटाते हैं।

इन केंद्रों की असली भूमिका तो सुरक्षा सहयोग को मजबूत करना है। खासकर जब बात ड्रग्स की तस्करी रोकने या किसी और सुरक्षा चुनौती से निपटने की हो, तो सदस्यों के लिए जानकारी बांटना बेहद जरूरी हो जाता है।

सिर्फ सुरक्षा नहीं, आर्थिक चिंताएं भी

भारत का रुख इसी बात को उजागर करता है कि आतंकवाद सिर्फ बॉर्डर या सुरक्षा मसलों तक ही सीमित नहीं रह जाता। अस्थिरता की वजह से बिजनेस प्रभावित होता है, इन्वेस्टर्स का भरोसा डोलता है, और युवाओं के लिए आगे बढ़ने के मौके भी कम हो जाते हैं।

Updated on:
20 Oct 2026 12:19 pm
Published on:
20 Oct 2026 11:52 am