
Tiger Shroff Firing Case News: मुंबई। बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई फायरिंग के मामले में मुंबई क्राइम ब्रांच की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। अब इस मामले में महिलाओं के एक नेटवर्क की भूमिका भी जांच के दायरे में आ गई है। मुंबई क्राइम ब्रांच ने पूछताछ के लिए एक और महिला को हिरासत में लिया है। इससे पहले दिल्ली से राधा और बबीता नाम की दो महिलाओं को गिरफ्तार किया गया था। मामले में अब तक गिरफ्तार आरोपियों की संख्या बढ़कर 10 हो गई है।
अधिकारियों के अनुसार, हिरासत में ली गई तीसरी महिला को मुंबई क्राइम ब्रांच के एंटी-एक्सटॉर्शन सेल लाया गया है, जहां उससे पूछताछ की जा रही है। हालांकि, फायरिंग की साजिश में उसकी कथित भूमिका और अन्य आरोपियों से उसके संबंधों को लेकर पुलिस ने अभी कोई आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की है।
क्राइम ब्रांच ने राजस्थान के कोटा, दिल्ली और अब हरियाणा के सोनीपत में छापेमारी कर गैंग के मजबूत नेटवर्क को ध्वस्त किया है। सोनीपत से गिरफ्तार तीन आरोपियों की पहचान समीर, जतिन और अंकित खटक के रूप में हुई है। इन्हें मुंबई लाया गया है। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार समीर इस पूरी साजिश की मुख्य कड़ी माना जा रहा है। वह गैंग के प्रमुख हैंडलर अनिल पंडित और मुख्य शूटर रेहान के बीच पुल का काम कर रहा था। समीर पर ही हमले के लिए हथियार और पैसों का इंतजाम करने का गंभीर आरोप है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, फायरिंग की घटना के कुछ समय बाद सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए लॉरेंस बिश्नोई गैंग की ओर से इसकी जिम्मेदारी लेने का दावा किया गया था। जांच में अनिल पंडित नाम के व्यक्ति की भूमिका भी सामने आई है, जिसके बारे में गैंग की ओर से संदेश पोस्ट करने की जानकारी की पड़ताल की जा रही है। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि सोशल मीडिया पर किए गए दावे, आरोपियों के बीच संपर्क और फायरिंग की घटना के बीच क्या संबंध है।
इस मामले में पहले दिल्ली से राधा और बबिता नाम की दो महिलाओं को गिरफ्तार किया गया था। अब तीसरी महिला के हिरासत में आने के बाद जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि लॉरेंस बिश्नोई गैंग किस तरह महिलाओं का इस्तेमाल रेकी, शरण देने और लॉजिस्टिक्स सपोर्ट के लिए कर रहा था।