Patrika+

8th Pay Commission: केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए वेतन संशोधन और OPS पर नया अपडेट

केंद्रीय कर्मचारियों के लिए 8वें वेतन आयोग के गठन और पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली को लेकर NCJCM की बैठक में अहम चर्चा हुई। इससे लाखों कर्मचारियों और पेंशनरों के वेतन और भत्तों में बड़ा सकारात्मक बदलाव आ सकता है।
2 min read
Sep 02, 2026
8th Pay Commission News.
आठवें वेतन आयोग से वेतन बढ़ोतरी और पुरानी पेंशन योजना (OPS) को लेकर कर्मचारियों की उम्मीदें फिर तेज़ हो गई हैं। (फोटो : CHATGPT )

आठवें वेतन आयोग (8th Pay Commission) के गठन और संभावित Salary Increment को लेकर देश के केंद्रीय कर्मचारियों के बीच सुगबुगाहट तेज़ हो गई है। नई दिल्ली में 28 से 30 अप्रैल के बीच आयोजित राष्ट्रीय परिषद (NCJCM) की बैठकों में वेतन संशोधन के नए मसौदे और पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली पर विस्तृत और गंभीर चर्चा की गई। इस बैठक ने भविष्य के वेतनमान की रूपरेखा तय करने का एक अहम आधार तैयार कर दिया है।

NCJCM की मुख्य मांगें और उनका स्वरूप

मुख्य मुद्दावर्तमान स्थिति (7वां वेतन आयोग)NCJCM की प्रस्तावित मांग
फिटमेंट फ़ैक्टर2.57 गुनाइसे बढ़ाकर 3.68 गुना किया जाए
न्यूनतम वेतन₹18,000 प्रति माह₹26,000 प्रति माह करने की सिफ़ारिश
पेंशन योजनानई पेंशन योजना (NPS) लागू हैपुरानी पेंशन योजना (OPS) की पूर्ण बहाली

क्या है फिटमेंट फ़ैक्टर और OPS का गणित?

वेतन आयोग में सबसे अहम भूमिका फिटमेंट फ़ैक्टर की होती है। इसी गुणांक के आधार पर कर्मचारियों की बेसिक सैलरी (Basic Salary) तय की जाती है। सातवें वेतन आयोग में इसे 2.57 रखा गया था, जिससे न्यूनतम वेतन 18 हज़ार रुपये तय हुआ था। अब कर्मचारी संगठन इसे 3.68 करने की ज़ोरदार वकालत कर रहे हैं। यदि सरकार इस सिफ़ारिश को मंज़ूरी देती है, तो न्यूनतम वेतन में सीधे 8 हज़ार रुपये का इज़ाफ़ा होगा।

वे पेंशन शेयर बाज़ार के हवाले नहीं छोड़ना चाहते

दूसरी ओर, पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली एक भावुक और आर्थिक सुरक्षा से जुड़ा पेचीदा मसला बन चुका है। नई पेंशन योजना (NPS) बाज़ार के ज़ोखिमों पर आधारित है, जबकि OPS में सेवानिवृत्ति के बाद एक निश्चित आय की गारंटी मिलती है। हालिया बैठकों में कर्मचारी संगठनों ने साफ़ कर दिया है कि वे पेंशन को शेयर बाज़ार के उतार-चढ़ाव के हवाले नहीं छोड़ना चाहते।

लाखों कर्मचारियों और पेंशनरों पर सीधा असर

बहरहाल,अगर 8वें वेतन आयोग के गठन को हरी झंडी मिलती है और इन मांगों को मान लिया जाता है, तो इसका सीधा असर क़रीब 48 लाख से ज़्यादा मौजूदा केंद्रीय कर्मचारियों और 67 लाख से अधिक पेंशनरों की वित्तीय स्थिति पर पड़ेगा। यह न केवल उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाएगा, बल्कि बाज़ार में नक़दी का प्रवाह भी बढ़ाएगा, जिससे अर्थव्यवथा को भी रफ़्तार मिलेगी। सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच यह संवाद आने वाले वक़्त में कई बड़े नीतिगत फ़ैसलों का रास्ता साफ़ कर सकता है।