Patrika+

घर की हवा को ताजा रखने में मदद करेंगे ये 5 पौधे, जानिए कौन सा पौधा कहां रखें और कैसे करें देखभाल

Indoor Plants : घर के अंदर हवा को बेहतर और ताजा रखने के लिए स्नेक प्लांट, पीस लिली, मनी प्लांट, स्पाइडर प्लांट और रबर प्लांट लगाए जा सकते हैं। जानिए इनके फायदे और देखभाल का सही तरीका।
3 min read
Aug 30, 2026
Snake Plant
Snake Plant : पौधे लगाने से पहले इन बातों का रखें ध्यान, PC- Chatgpt

घर के अंदर की हवा को ताजा और बेहतर बनाए रखने के लिए पौधे एक आसान और प्राकृतिक विकल्प हो सकते हैं। घर में मौजूद कुछ पौधे न सिर्फ हरियाली बढ़ाते हैं, बल्कि प्रयोगशाला परिस्थितियों में हवा में मौजूद कुछ वाष्पशील कार्बनिक यौगिक यानी VOCs को कम करने की क्षमता भी दिखा चुके हैं। हालांकि, पौधों को एयर प्यूरीफायर या वेंटिलेशन का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए। सही पौधे, साफ-सफाई और पर्याप्त वेंटिलेशन का संयोजन घर के वातावरण को ज्यादा आरामदायक बना सकता है।

स्नेक प्लांट

    स्नेक प्लांट यानी सांप जैसा पौधा घर के लिए सबसे आसान पौधों में शामिल है। इसकी खासियत है कि इसे कम पानी और सामान्य रोशनी में भी आसानी से उगाया जा सकता है। इसे अक्सर रात में ऑक्सीजन छोड़ने वाले पौधे के रूप में बताया जाता है। इसके अलावा, NASA की क्लीन एयर स्टडी में इससे कुछ VOCs को कम करने की क्षमता भी देखी गई थी।

    इस पौधे को बेडरूम या ऐसे कमरे में रखा जा सकता है जहां बहुत तेज सीधी धूप न आती हो। इसकी सबसे बड़ी खासियत कम देखभाल की जरूरत है। ज्यादा पानी देने से इसकी जड़ें सड़ सकती हैं।

    पीस लिली

      पीस लिली घर की सजावट के साथ हवा की गुणवत्ता से जुड़े फायदों के लिए भी लोकप्रिय है। प्रयोगशाला अध्ययनों में इसे फॉर्मल्डिहाइड, बेंजीन, जाइलीन, अमोनिया और ट्राइक्लोरोएथिलीन जैसे कुछ प्रदूषकों को कम करने की क्षमता वाले पौधों में शामिल किया गया है।

      इसकी जड़ों के आसपास मौजूद सूक्ष्मजीव भी इन रसायनों के टूटने की प्रक्रिया में भूमिका निभा सकते हैं। पीस लिली को मध्यम रोशनी और नियमित पानी की जरूरत होती है। हालांकि, इसे बच्चों और पालतू जानवरों की पहुंच से दूर रखना बेहतर है।

      मनी प्लांट

        मनी प्लांट भारत में सबसे आसानी से मिलने और उगने वाले पौधों में से एक है। इसे मिट्टी के साथ-साथ पानी में भी उगाया जा सकता है। NASA की क्लीन एयर स्टडी में भी इसे कुछ VOCs को कम करने वाले पौधों में शामिल किया गया था।

        घर के अंदर इसे ऐसी जगह रखना बेहतर है जहां अप्रत्यक्ष रोशनी मिलती रहे। इसकी बेल तेजी से बढ़ती है, इसलिए यह सजावट के लिहाज से भी अच्छा विकल्प है।

        स्पाइडर प्लांट

          स्पाइडर प्लांट शुरुआती लोगों के लिए काफी आसान पौधा माना जाता है। प्रयोगशाला परिस्थितियों में इसने फॉर्मल्डिहाइड जैसे कुछ प्रदूषकों को कम करने की क्षमता दिखाई है।

          इसे खिड़की के पास ऐसी जगह रखा जा सकता है जहां पर्याप्त रोशनी मिले, लेकिन तेज सीधी धूप न पड़े। मिट्टी को पूरी तरह सूखने से बचाते हुए जरूरत के अनुसार पानी देना चाहिए।

          रबर प्लांट

            रबर प्लांट घर के अंदर हरियाली बढ़ाने के साथ वातावरण में नमी बनाए रखने में भी मदद कर सकता है। इसके बड़े और चमकदार पत्ते घर की सजावट को भी बेहतर बनाते हैं। इसे पर्याप्त अप्रत्यक्ष रोशनी वाली जगह पर रखना चाहिए। पानी नियमित दें, लेकिन मिट्टी में पानी जमा न होने दें।

            पौधे लगाने से पहले इन बातों का रखें ध्यान

            NASA की 1989 की क्लीन एयर स्टडी ने दिखाया था कि कुछ पौधे बंद और नियंत्रित परिस्थितियों में हवा में मौजूद VOCs को कम कर सकते हैं। लेकिन वास्तविक घरों में लगातार हवा का आदान-प्रदान होता रहता है, इसलिए वहां पौधों का प्रभाव प्रयोगशाला की तुलना में सीमित हो सकता है।

            इसलिए घर की हवा को बेहतर बनाने के लिए केवल पौधों पर निर्भर रहना सही नहीं है। कमरे में पर्याप्त वेंटिलेशन रखें, पौधों की पत्तियों पर जमा धूल नियमित रूप से साफ करें और जरूरत के अनुसार एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल करें।

            पौधों को कमरे में रखते समय रोशनी का ध्यान रखना भी जरूरी है। हर पौधे की पानी और रोशनी की जरूरत अलग होती है। खासकर स्नेक प्लांट को जरूरत से ज्यादा पानी देने से बचें। अगर घर में छोटे बच्चे या पालतू जानवर हैं तो पौधों का चुनाव सावधानी से करें, क्योंकि कुछ इंडोर प्लांट उनके लिए नुकसानदायक हो सकते हैं।

            घर में अलग-अलग तरह के पौधे लगाने से हरियाली और सजावट तो बढ़ती ही है, साथ ही कमरे का वातावरण भी ज्यादा प्राकृतिक और आरामदायक महसूस हो सकता है। हालांकि, स्वस्थ इनडोर हवा के लिए सबसे बेहतर तरीका पौधों के साथ वेंटिलेशन, नियमित सफाई और जरूरत पड़ने पर एयर प्यूरीफिकेशन को अपनाना है।

            Updated on:
            30 Aug 2026 09:12 pm
            Published on:
            30 Aug 2026 09:12 pm