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भारत-श्रीलंका टेस्ट में किसका पलड़ा भारी? गॉल की जीत ने फिर याद दिलाया टीम इंडिया का दबदबा

भारत और श्रीलंका के बीच टेस्ट क्रिकेट की कहानी में कई उतार-चढ़ाव आए हैं, लेकिन आंकड़ों की बड़ी तस्वीर साफ है- श्रीलंका के मुकाबले भारत का पलड़ा काफी भारी रहा है। गॉल में भारतीय क्रिकेट टीम ने श्रीलंका को बड़े अंतरों से हराकर एक बार फिर से यह साबित किया कि वह श्रीलंका को उसकी ही धरती पर हराने का कूव्वत रखती है। आइए आंकड़ों से समझते हैं।
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Aug 19, 2026
Virat Kohli
भारत ने श्रीलंका को टेस्ट मैच में हराया। (Photo: ChatGpt)

श्रीलंका के गॉल में 15 से 19 अगस्त 2026 के बीच खेले गए पहले टेस्ट में भारत ने मेजबान टीम को 165 रन से हराकर इस दबदबे को और मजबूत कर दिया। इस जीत के साथ भारत ने दो मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त हासिल कर ली और विश्व टेस्ट चैंपियनशिप 2025-27 में भी अपनी स्थिति बेहतर की।

यह मुकाबला भारत के लिए कई मायनों में खास था। यह टीम इंडिया का 600वां टेस्ट मैच था और इसी ऐतिहासिक मुकाबले में युवा कप्तान शुभमन गिल की अगुआई में भारत ने शानदार जीत दर्ज की। भारत ने पहली पारी में 462 रन बनाए, फिर दूसरी पारी में 193 रन बनाकर श्रीलंका के सामने 372 रन का लक्ष्य रखा। जवाब में श्रीलंका की दूसरी पारी 206 रन पर सिमट गई। भारत की जीत के सबसे बड़े नायकों में डेब्यू कर रहे बाएं हाथ के स्पिनर मानव सुथार रहे, जिन्होंने मैच में कुल 10 विकेट झटके।

46 टेस्ट तक की कहानी बहुत एकतरफा थी

2026 के गॉल टेस्ट से पहले भारत और श्रीलंका के बीच कुल 46 टेस्ट खेले गए थे। इनमें भारत ने 22 मैच जीते, जबकि श्रीलंका के हिस्से सिर्फ 7 जीत आई थीं। 17 टेस्ट ड्रॉ रहे थे। अब गॉल की जीत को जोड़ दें तो दोनों देशों के बीच कुल टेस्ट मुकाबलों की संख्या 47 हो गई है और भारत की जीत का आंकड़ा 23 पहुंच गया है। यानी लगभग आधे टेस्ट भारत ने अपने नाम किए हैं, जबकि श्रीलंका की जीत की संख्या अभी भी 7 है। यही वजह है कि भारत-श्रीलंका टेस्ट इतिहास में आंकड़ों के आधार पर भारत को स्पष्ट बढ़त हासिल है।

यह अंतर बताता है कि टेस्ट क्रिकेट में दोनों टीमों की प्रतिद्वंद्विता हमेशा बराबरी की नहीं रही। भारत ने लंबे समय में श्रीलंका के खिलाफ लगातार बेहतर प्रदर्शन किया है।

श्रीलंका की जमीन पर भी भारत आगे

आम तौर पर विदेशी परिस्थितियों में किसी टीम का प्रदर्शन कमजोर माना जाता है। लेकिन श्रीलंका के मामले में भारत का रिकॉर्ड खासा प्रभावशाली रहा है। 2026 के गॉल टेस्ट से पहले श्रीलंका में भारत ने 24 टेस्ट खेले थे। इनमें भारत ने 9 मैच जीते, श्रीलंका ने 7 और 8 मुकाबले ड्रॉ रहे। गॉल की जीत के बाद श्रीलंका की धरती पर भारत की जीतों की संख्या 10 हो गई है। यानी अब श्रीलंका में भी भारत ने मेजबान टीम के मुकाबले अधिक टेस्ट जीते हैं। यह उपलब्धि इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि श्रीलंका में स्पिन गेंदबाजी के अनुकूल परिस्थितियां अक्सर घरेलू टीम के पक्ष में जाती हैं। गॉल की पिच पर भी भारतीय टीम को श्रीलंकाई स्पिनरों से चुनौती मिली, लेकिन भारतीय बल्लेबाजों और गेंदबाजों ने निर्णायक मौकों पर बाजी अपने हाथ में रखी।

2026 का गॉल टेस्ट कैसे भारत के नाम हुआ?

इस मैच में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए बड़ा स्कोर खड़ा किया। देवदत्त पडिक्कल ने 167 रन की शानदार पारी खेली, जबकि केएल राहुल और दूसरे बल्लेबाजों ने भी टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। भारत का पहली पारी का स्कोर 462 रन रहा।श्रीलंका पहली पारी में 284 रन पर आउट हुआ। इससे भारत को महत्वपूर्ण बढ़त मिली। दूसरी पारी में भारत 193 रन पर आउट हुआ, लेकिन पहली पारी की बढ़त के कारण उसने श्रीलंका के सामने 372 रन का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखा। श्रीलंका की टीम लक्ष्य का पीछा करते हुए 206 रन पर ऑलआउट हो गई। भारत ने यह मुकाबला 165 रन से जीत लिया। मानव सुथार ने दूसरी पारी में 6 विकेट लिए और मैच में उनका कुल आंकड़ा 10 विकेट का रहा। टेस्ट डेब्यू में उनका प्रदर्शन भारत की जीत की सबसे बड़ी कहानियों में शामिल हो गया।

गॉल में हमेशा भारत का दबदबा नहीं रहा

हालांकि भारत-श्रीलंका के समग्र आंकड़े भारत के पक्ष में हैं, लेकिन गॉल की बात करें तो कहानी थोड़ी अलग रही है।

2026 टेस्ट से पहले गॉल में दोनों टीमों के बीच 5 टेस्ट हुए थे। इनमें श्रीलंका ने 3 जीते थे, जबकि भारत को सिर्फ 2 जीत मिली थीं।

यानी गॉल ऐसा मैदान रहा है जहां श्रीलंका ने भारत को कड़ी चुनौती दी। यही कारण है कि 2026 की जीत भारत के लिए केवल एक और टेस्ट जीत नहीं थी। उसने गॉल में अपने रिकॉर्ड को बेहतर किया और मेजबान टीम के मजबूत घरेलू रिकॉर्ड पर भी चोट की।

भारत ने श्रीलंका को किस कप्तान की अगुआई में सबसे ज्यादा हराया?

इस सवाल का जवाब काफी दिलचस्प है- विराट कोहली।

श्रीलंका में भारतीय कप्तानों के टेस्ट रिकॉर्ड में विराट कोहली सबसे आगे हैं। उन्होंने श्रीलंका में कप्तान के तौर पर 6 टेस्ट खेले और 5 में भारत को जीत दिलाई, जबकि एक मुकाबला भारत ने गंवाया। उनका जीत प्रतिशत 83.33 रहा। कोहली की कप्तानी में श्रीलंका के खिलाफ भारत की सफलता दो दौर में आई। 2015 में भारत ने श्रीलंका को उसकी जमीन पर 2-1 से टेस्ट सीरीज में हराया। इसके बाद 2017 में कोहली की कप्तानी में भारत ने श्रीलंका का 3-0 से क्लीन स्वीप किया। इस तरह श्रीलंका में कोहली की कप्तानी में भारत ने कुल पांच टेस्ट जीते। यह किसी भी भारतीय कप्तान का श्रीलंका में सर्वश्रेष्ठ रिकॉर्ड है।

2017 का क्लीन स्वीप क्यों यादगार है?

2017 की सीरीज भारत के टेस्ट इतिहास में श्रीलंका के खिलाफ सबसे प्रभावशाली अभियानों में से एक थी। भारत ने तीनों टेस्ट जीते और सीरीज 3-0 से अपने नाम की। इसी दौरे पर भारत ने गॉल में श्रीलंका को 304 रन से हराया, जो उस समय भारत की विदेशी जमीन पर सबसे बड़ी जीतों में शामिल थी। कोहली की कप्तानी में भारत का रवैया सिर्फ मैच बचाने वाला नहीं था। टीम ने विदेशी परिस्थितियों में भी जीत के लिए आक्रामक क्रिकेट खेलना शुरू किया। स्पिन, तेज गेंदबाजी और मजबूत बल्लेबाजी के संयोजन ने भारत को श्रीलंका पर लगातार दबाव बनाने में मदद की।

फिर भी श्रीलंका को कमतर आंकना भूल होगी

भारत के पक्ष में बड़े आंकड़े जरूर हैं, लेकिन श्रीलंका ने भी कई मौकों पर भारत को परेशान किया है। भारत के खिलाफ उसकी सात टेस्ट जीतें सभी श्रीलंका की जमीन पर आई हैं। 2026 से पहले भारत ने श्रीलंका में 24 टेस्ट में 9 जीत दर्ज की थी, जबकि मेजबान टीम की 7 जीत थी। 2015 का गॉल टेस्ट इसका बेहतरीन उदाहरण है। भारत एक समय मजबूत स्थिति में था, लेकिन रंगना हेराथ की शानदार गेंदबाजी और दिनेश चांदीमल की बेहतरीन पारी के दम पर श्रीलंका ने मैच का रुख पलट दिया और भारत को हार का सामना करना पड़ा। इसलिए आंकड़ों में भारत की बढ़त के बावजूद श्रीलंका को उसकी परिस्थितियों में हल्के में लेना कभी आसान नहीं रहा।

कोहली के बाद अब शुभमन गिल की चुनौती

2026 की जीत ने अब एक नए युग की शुरुआत का संकेत भी दिया है। विराट कोहली के दौर में भारत ने श्रीलंका में लगातार दबदबा बनाया था। अब शुभमन गिल की कप्तानी में नई पीढ़ी उसी विरासत को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रही है। गिल ने पहले टेस्ट में भारत को जीत दिलाकर अच्छी शुरुआत की है। लेकिन सीरीज अभी खत्म नहीं हुई है। दूसरा टेस्ट 23 अगस्त से कोलंबो के SSC मैदान पर खेला जाना है। भारत की नजर अब सीरीज जीत पर होगी, जबकि श्रीलंका वापसी करके सीरीज बराबर करना चाहेगा।

टेस्ट क्रिकेट में भारत का पलड़ा साफ भारी

भारत और श्रीलंका की टेस्ट प्रतिद्वंद्विता के आंकड़े किसी बहस की ज्यादा गुंजाइश नहीं छोड़ते। 47 टेस्ट के बाद भारत के खाते में 23 जीत हैं, जबकि श्रीलंका सिर्फ 7 मैच जीत पाया है। 17 टेस्ट ड्रॉ रहे हैं। और अगर सवाल श्रीलंका की जमीन पर भारतीय कप्तानों के प्रदर्शन का हो तो विराट कोहली सबसे सफल कप्तान हैं- 6 टेस्ट में 5 जीत। गॉल की 165 रन की 2026 वाली जीत इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि उसने भारत को सिर्फ सीरीज में बढ़त नहीं दिलाई, बल्कि यह भी दिखाया कि नई कप्तानी में टीम श्रीलंका की चुनौती का सामना करने के लिए तैयार है। कोहली के दौर में भारत ने श्रीलंका में जो दबदबा बनाया था, उसकी सबसे बड़ी मिसाल 2017 का 3-0 क्लीन स्वीप है। अब गिल के सामने चुनौती है कि वह उस विरासत को आगे बढ़ाएं।

फिलहाल इतिहास, आंकड़े और हालिया प्रदर्शन- तीनों भारत के पक्ष में हैं। टेस्ट क्रिकेट में श्रीलंका के खिलाफ भारत का पलड़ा न सिर्फ भारी है, बल्कि हालिया जीत ने इस अंतर को और मजबूत कर दिया है।

Updated on:
19 Aug 2026 03:31 pm
Published on:
19 Aug 2026 03:31 pm