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नई पीढ़ी में निवेश का दौर: निवेशकों के नेतृत्व में मिलेनियल्स, Gen-Z बदल रहे अमीर घरानों की रणनीति, जानिए आंकड़े

भारतीय पारिवारिक कार्यालय (फैमिली ऑफिसेज) देश के निवेश परिदृश्य में तेजी से प्रभावशाली भूमिका निभा रहे हैं। अब नई पीढ़ी संपत्ति प्रबंधन की जिम्मेदारी के साथ स्टार्टअप्स और इम्पैक्ट इन्वेस्टमेंट के निवेशों में हिस्सेदारी बढ़ा रही है।
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Oct 11, 2026
youth stake in investment
सांकेतिक इमेज (सोर्स- Chatgpt)

भारत के पारिवारिक कार्यालय (फैमिली ऑफिस) देश के निवेश परिदृश्य में तेजी से अहम भूमिका निभा रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, संपत्ति प्रबंधन नई पीढ़ी के हाथों में जाने से स्टार्टअप, इम्पैक्ट इन्वेस्टमेंट और अंतरराष्ट्रीय निवेश में उनका आवंटन बढ़ रहा है।

कितना बड़ा है दायरा?

'इंडियन फैमिली ऑफिसेज रिपोर्ट 2026' के मुताबिक, देश में 300 से ज्यादा फैमिली ऑफिस 30 अरब डॉलर से अधिक की संपत्ति संभाल रहे हैं। यह रिपोर्ट इकोनॉमिक टाइम्स और शोध संस्था 1लैटिस (लैटिस टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड) ने तैयार की है। PWC के अनुसार ऐसे कार्यालयों की संख्या 2018 के 45 से बढ़कर 2024 में करीब 300 हो गई। जिन भारतीय परिवारों के पास 3 करोड़ डॉलर (30 मिलियन डॉलर) से ज्यादा संपत्ति है, उनकी संख्या 2025 के करीब 16,000 से बढ़कर 2030 तक लगभग 26,000 होने का अनुमान है। अगले दशक में पीढ़ीगत संपत्ति हस्तांतरण 1.3 से 1.5 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है।

नई पीढ़ी की नई सोच

रिपोर्ट में पाया गया कि आधे से ज्यादा भारतीय फैमिली ऑफिस अब निवेश फैसलों में मिलेनियल्स (Millennials) या जेन-जेड (Gen-Z) सदस्यों को शामिल करते हैं। इसका असर निवेश के रुझान पर दिख रहा है। करीब 30 प्रतिशत हेल्थटेक, फिनटेक और एआई के स्टार्टअप में निवेश को रियल एस्टेट और सोने जैसे पारंपरिक विकल्पों पर तरजीह दे रहे हैं। मुंबई में रिपोर्ट जारी होने के कार्यक्रम में एवेंडस के फैमिली ऑफिस प्रमुख अश्विनी चोपड़ा ने कहा कि गवर्नेंस, टैक्स और रेजिडेंसी प्लानिंग जैसे पहलू अब संपत्ति प्रबंधन का अहम हिस्सा बन गए हैं।

फंडिंग में उछाल

ट्रैक्सन के आंकड़ों के मुताबिक फैमिली ऑफिस समर्थित स्टार्टअप निवेश 2023 के 87.67 करोड़ डॉलर से बढ़कर 2024 में 1.62 अरब डॉलर हो गया। विशेषज्ञ इसकी बड़ी वजह 'पेशेंट कैपिटल' मानते हैं। वेंचर कैपिटल फंडों पर निश्चित अवधि में रिटर्न देने का दबाव रहता है, जबकि फैमिली ऑफिस लंबी अवधि का नजरिया रखते हैं। इससे स्टार्टअप्स को विस्तार और मुनाफे के लिए ज्यादा समय मिलता है। अन्य मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है कि इन कार्यालयों ने 2014 से अब तक 1,300 से ज्यादा स्टार्टअप फंडिंग सौदों में हिस्सा लिया है।

इम्पैक्ट इन्वेस्टिंग भी बढ़ी

रिपोट्स के मुताबिक, 2021 से 2024 के बीच 900 से ज्यादा उच्च संपत्ति वाले परिवारों ने इम्पैक्ट निवेश किए। इनमें दर्जनों ने फैमिली ऑफिस ढांचे के जरिए पूंजी लगाई। सुंदरम अल्टरनेट एसेट्स का अनुमान है कि भारतीय फैमिली ऑफिसेज की प्रबंधित संपत्ति 2024 के 30 अरब डॉलर से बढ़कर 2027 तक करीब 45 अरब डॉलर हो सकती है। हालांकि चुनौतियां बाकी हैं।

वहीं, PWC की रिपोर्ट के मुताबिक कई परिवारों में उत्तराधिकार योजना और गवर्नेंस ढांचे की कमी है। केवल 63 प्रतिशत भारतीय पारिवारिक कारोबार प्रमुखों ने शेयरधारक समझौते और पारिवारिक संविधान जैसी औपचारिक व्यवस्था होने की बात कही।

Updated on:
11 Oct 2026 08:17 pm
Published on:
11 Oct 2026 08:17 pm