
वजन कम करने की कोशिश में अक्सर लोग ऐसी डाइट तलाश करते हैं जो पेट भी भरे और कैलोरी भी कंट्रोल रखे। ऐसे में मूंग-दाल और सब्जियों से तैयार हल्का सूप रोज़ के भोजन का उपयोगी हिस्सा बन सकता है। हालांकि, इसे सीधे फैट बर्न करने वाली रेसिपी कहना सही नहीं होगा। शरीर की अतिरिक्त चर्बी कम करने के लिए लंबे समय तक कैलोरी सेवन और ऊर्जा खर्च के बीच संतुलन बनाना जरूरी है। WHO भी वजन प्रबंधन के लिए संतुलित आहार, सब्जियों, फल, दालों, साबुत अनाज और नट्स को आहार में शामिल करने की सलाह देता है।
| सूप का असर | क्या है,क्या मिलता है, क्या होता है |
|---|---|
| 1.प्रोटीन | मूंग-दाल से प्रोटीन, सब्जियों से फाइबर |
| 2. रेसिपी | कम तेल में बनाएं हल्का और पौष्टिक सूप |
| 3. वेट | कोई एक रेसिपी नहीं, संतुलित कैलोरी जरूरी |
मूंग दाल भारतीय भोजन में प्रोटीन का अच्छा शाकाहारी स्रोत है। इसमें सब्जियां जोड़ने से भोजन में फाइबर, विटामिन और खनिजों की मात्रा बढ़ती है। गाजर, बीन्स और पालक जैसी सब्जियों का इस्तेमाल सूप को अधिक पौष्टिक बना सकता है।
WHO के अनुसार, स्वस्थ आहार में दालें, सब्जियां, फल, नट्स और साबुत अनाज जैसे कम-प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। वयस्कों को प्रतिदिन कम से कम 400 ग्राम फल और सब्जियां तथा प्राकृतिक स्रोतों से कम से कम 25 ग्राम फाइबर लेने की सलाह दी गई है।
सूप बनाने लिए सामग्री—
50 ग्राम मूंग दाल, 1 कप मिश्रित सब्जियां, 2 कप पानी, ¼ छोटा चम्मच हल्दी, थोड़ा नमक, 1 छोटा चम्मच तेल, एक चुटकी जीरा और 1 लौंग लहसुन।
मूंग-दाल सूप: विधि—
मूंग दाल को धोकर करीब 20 मिनट भिगो दें। इसके बाद पानी, हल्दी और थोड़े नमक के साथ कुकर में नरम होने तक पकाएं। दाल पकने के बाद उसे हल्का मैश करें और कटी हुई सब्जियां डालकर कुछ मिनट पकाएं।
अलग पैन में थोड़ा तेल गर्म करें। इसमें जीरा और बारीक कटा लहसुन डालकर हल्का भूनें और सूप में मिला दें। जरूरत के अनुसार पानी डालकर इसकी स्थिरता सूप जैसी रखें।
अगर सूप के साथ हल्की करी पसंद है तो काजू की थोड़ी मात्रा से प्यूरी बनाकर क्रीमी बनावट हासिल की जा सकती है। इसके लिए भारी क्रीम या अधिक मक्खन की जरूरत नहीं होगी। मशरूम, मिश्रित सब्जियां या सीमित मात्रा में पनीर इसके साथ इस्तेमाल किया जा सकता है।
काजू को भी कम कैलोरी वाला खाद्य नहीं माना जाना चाहिए। नट्स में पोषक वसा होती है, लेकिन उनमें ऊर्जा भी अधिक होती है। इसलिए वजन नियंत्रित करने वाले भोजन में मात्रा महत्वपूर्ण है। WHO भी वसा की गुणवत्ता के साथ उसकी कुल मात्रा पर ध्यान देने की सलाह देता है।
सीधी बात यह है कि कोई एक रेसिपी शरीर की चर्बी को अपने आप नहीं जलाती। वजन कम करने के लिए कुल ऊर्जा सेवन, भोजन की गुणवत्ता, शारीरिक गतिविधि, नींद और जीवनशैली सभी महत्वपूर्ण हैं। इसलिए इस सूप को संतुलित भोजन का हिस्सा मानना बेहतर है, न कि किसी त्वरित वजन घटाने के उपाय के रूप में।
ICMR-NIN की Dietary Guidelines for Indians भी भोजन में विविधता और व्यक्ति की ऊर्जा आवश्यकता, शरीर के वजन तथा शारीरिक गतिविधि के अनुसार अनाज और दालों की मात्रा तय करने पर ज़ोर देती हैं।
सूप में बहुत अधिक नमक, तेल या क्रीम डालने से इसकी ऊर्जा और सोडियम मात्रा बढ़ सकती है। काजू और पनीर जैसे ऊर्जा-सघन खाद्य पदार्थों की मात्रा भी सीमित रखें। किसी बीमारी, खाद्य एलर्जी या विशेष चिकित्सकीय स्थिति में व्यक्तिगत आहार के लिए डॉक्टर या पंजीकृत आहार विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर है।
बहरहाल,मूंग-दाल और सब्जियों का हल्का सूप स्वादिष्ट, प्रोटीन और फाइबर का विकल्प हो सकता है। इसे नियमित संतुलित आहार, पर्याप्त शारीरिक गतिविधि और अच्छी जीवनशैली के साथ शामिल किया जाए तो वजन प्रबंधन की कोशिश को बेहतर समर्थन मिल सकता है।
(नोट: डॉक्टर से सलाह जरूरी है-यह लेख केवल जानकारी के लिए है, चिकित्सा सलाह नहीं।)