
राजस्थान में उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने कई योजनाएं और प्रोत्साहन पैकेज तैयार किए हैं। ये योजनाएं छोटे व्यापारियों, युवा उद्यमियों और विशेष वर्गों के लिए विशेष रूप से लाभकारी हैं। ये योजनाएं क्या हैं? इनका लाभ कैसे मिल सकता है और उद्यमी इन्हें किस प्रकार आसानी से अपना सकते हैं?
यह योजना राज्य में नए निवेश को आकर्षित करने के लिए बनाई गई है। इसके तहत विनिर्माण और सेवा क्षेत्र के उद्यमों को सात वर्षों तक राज्य कर (SGST) की 75% तक प्रतिपूर्ति, बिजली कर, भूमि कर और मंडी शुल्क में 100% छूट, साथ ही स्टाम्प ड्यूटी और भूमि रूपांतरण शुल्क में भी 100% छूट मिलती है। आवेदन करने पर उद्यमी को कोई शुल्क नहीं देना होता। इसका अर्थ है कि उद्यमी को शुरुआत में वित्तीय बोझ कम होता है और निवेश का जोखिम घटता है।
इस अधिनियम के तहत उद्यमी को 3 वर्ष तक किसी भी विभाग से स्वीकृति या निरीक्षण की आवश्यकता नहीं होती है। उद्यमी ‘राज उद्योग मित्र’ पोर्टल पर आधार नंबर से पंजीकरण कर सकता है। आवेदक, पंजीकरण के समय स्वीकृति प्रमाण-पत्र प्राप्त कर सकता है। इससे नए उद्यमियों के लिए व्यवसाय शुरू करना बहुत आसान हो गया है।
यह योजना 8 दिसंबर 2024 को शुरू हुई और 31 मार्च 2029 तक प्रभावी रहेगी। इसका उद्देश्य हस्तशिल्प, हथकरघा और MSME क्लस्टरों की उत्पादकता, गुणवत्ता और दक्षता बढ़ाना है। राज्य सरकार ने प्रारंभ में 15 क्लस्टरों को विकसित करने का लक्ष्य रखा है। इससे छोटे कारीगरों और समूहों को तकनीकी और विपणन सहायता मिलती है।
MSME‑संबंधित वित्तीय सहायता: राजस्थान सरकार ने सूक्ष्म और लघु उद्यमों को तकनीकी, विपणन और डिजिटलीकरण में सहायता के लिए कई प्रतिपूर्ति योजनाएं शुरू की हैं:
VYUPY, योजना राज्य सरकार द्वारा युवा उद्यमियों को ब्याज सब्सिडी के माध्यम से समर्थन देने के लिए शुरू की गई है। इसके तहत ऑनलाइन आवेदन, सत्यापन, डिजिटल हस्ताक्षरित अनुदान पत्र और DBT के माध्यम से सब्सिडी दी जाती है। इससे युवा उद्यमियों को वित्तीय बोझ कम करने में सहायता मिलती है।
यह योजना 15 जनवरी 2026 से प्रभावी है और इसका उद्देश्य युवाओं को स्वरोजगार के अवसर प्रदान करना है। इस योजना की अधिसूचना जारी हो चुकी है और इसके लिए नोडल अधिकारी केसर लाल मीणा हैं। योजना की जानकारी और आवेदन प्रक्रिया के लिए उद्योग विभाग की वेबसाइट पर दस्तावेज उपलब्ध हैं।
21 जुलाई 2026 को भिवाड़ी में आयोजित एक कार्यशाला में उद्यमियों को राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना‑2024, MSME नीति‑2024, ODOP नीति, निर्यात प्रोत्साहन नीति‑2024, व्यापार प्रोत्साहन नीति‑2025, VYUPY, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना और डॉ. भीमराव अंबेडकर दलित आदिवासी उद्यम प्रोत्साहन योजना की जानकारी दी गई। इससे उद्यमियों को योजनाओं की जानकारी मिली और उनके प्रश्नों का मौके पर समाधान हुआ।