
सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद रिया चक्रवर्ती और उनके परिवार पर जो मुश्किलें आईं, उनमें उनके पिता सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट कर्नल इंद्रजीत चक्रवर्ती की कहानी भी शामिल है। हाल ही में रिया ने एक इंटरव्यू में बताया कि कैसे उनके सैनिक पिता को नौकरी से निकाला गया। आइए जानते हैं इस संघर्ष की पूरी कहानी और इसका क्या अर्थ है।
| तारीख | क्या हुआ? |
|---|---|
| अप्रैल 2019 | रिया और सुशांत के रिश्ते की शुरुआत मानी जाती है। बाद में लिव-इन में रहे। |
| 8 जून 2020 | CBI की बाद की जांच के अनुसार रिया सुशांत का घर छोड़कर चली गईं। |
| 14 जून 2020 | सुशांत सिंह राजपूत बांद्रा स्थित घर में मृत पाए गए। मुंबई पुलिस ने शुरुआती जांच शुरू की। पोस्टमॉर्टम में मौत का कारण फांसी से दम घुटना बताया गया। |
| 25 जुलाई 2020 | सुशांत के पिता केके सिंह ने पटना में रिया चक्रवर्ती और अन्य के खिलाफ FIR दर्ज कराई। आरोपों में आत्महत्या के लिए उकसाना और पैसों से जुड़ी शिकायतें शामिल थीं। |
| 31 जुलाई 2020 | ED ने मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया और वित्तीय लेन-देन की जांच शुरू की। |
| अगस्त 2020 | बिहार सरकार की सिफारिश और कानूनी विवाद के बीच मामला CBI तक पहुंचा। |
| 19 अगस्त 2020 | सुप्रीम कोर्ट ने CBI जांच को मंजूरी दी और कहा कि सुशांत की मौत से जुड़ा कोई नया मामला सामने आए तो CBI उसकी भी जांच कर सकती है। |
| अगस्त 2020 | CBI की टीम ने मुंबई पहुंचकर जांच और घटनास्थल की पड़ताल शुरू की। इसी दौरान ड्रग एंगल भी सामने आया। |
| 8 सितंबर 2020 | NCB ने ड्रग्स मामले में रिया चक्रवर्ती को गिरफ्तार किया। |
| 7 अक्टूबर 2020 | बॉम्बे हाईकोर्ट ने रिया को NCB मामले में जमानत दी। वह करीब 27 दिन जेल में रहीं। |
| 2021 | CBI की जांच जारी रही और कई लोगों से पूछताछ हुई। |
| 2022 | NCB ने ड्रग्स मामले में रिया समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई। यह मामला सुशांत की मौत की CBI जांच से अलग NDPS मामला था। |
| 2024 | बॉम्बे हाईकोर्ट के रिकॉर्ड में दर्ज है कि CBI ने 2021 में रिया समेत कई लोगों के बयान लिए थे और उसके बाद जांच लंबे समय तक जारी रही। |
| 22 मार्च 2025 | CBI ने सुशांत की मौत से जुड़े मामलों में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की। एजेंसी ने मौत को आत्महत्या बताया और हत्या/बाहरी साजिश या रिया द्वारा आत्महत्या के लिए उकसाने का सबूत नहीं पाया। |
| जुलाई 2025 | मुंबई अदालत ने रिया से CBI की क्लोजर रिपोर्ट पर जवाब मांगा। यानी रिपोर्ट दाखिल होने के बाद न्यायिक प्रक्रिया अभी बाकी थी। |
| अक्टूबर 2025 | CBI की रिपोर्ट के विस्तृत निष्कर्ष सामने आए। रिपोर्ट में रिया के खिलाफ अवैध हिरासत, धमकी, आत्महत्या के लिए उकसाने या धन के गबन के पर्याप्त सबूत नहीं बताए गए। सुशांत के परिवार ने रिपोर्ट पर असहमति जताई और उसे चुनौती देने की बात कही। |
| 25 अप्रैल 2026 | एक अलग लेकिन संबंधित NDPS मामले में मुंबई की विशेष अदालत ने रिया, उनके भाई शोविक और मां से जुड़े कुछ बैंक खातों को फ्रीज करने की कार्रवाई में NCB द्वारा जरूरी कानूनी प्रक्रिया का पालन न किए जाने की बात कही और खाते डी-फ्रीज करने का आदेश दिया। |
| 17 अगस्त 2026 | ताजा मीडिया रिपोर्टों में रिया ने 2020 के बाद अपने परिवार पर पड़े असर और जेल के अनुभवों पर बात की है। CBI की क्लोजर रिपोर्ट का संदर्भ भी इन रिपोर्टों में दोहराया गया है। |
रिया ने हाल ही में खुलासा किया कि उनके पिता को एक बड़े अस्पताल में मेडिकल सुपरिटेंडेंट की अच्छी नौकरी मिली थी। लेकिन जब अस्पताल प्रबंधन को उनका सरनेम चक्रवर्ती पता चला, तो उन्हें कहा गया, “आप रिया चक्रवर्ती के पिता हैं, इसलिए आप यहां काम नहीं कर सकते।” इस वजह से उन्हें वह नौकरी छोड़नी पड़ी।
यह घटना बताती है कि किस तरह एक परिवार को सामाजिक और पेशेवर दोनों ही स्तरों पर भारी कीमत चुकानी पड़ी न केवल रिया को, बल्कि उनके पिता को भी। यह सिर्फ एक नौकरी का नुकसान नहीं था, बल्कि एक प्रतिष्ठित पद खोने का दर्द था, जिसने परिवार की आर्थिक स्थिति और आत्मसम्मान दोनों को झकझोर दिया।
रिया और उनके परिवार पर सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद कई केंद्रीय एजेंसियों - CBI, NCB और ED ने जांच की। रिया और उनके भाई शोविक को ड्रग्स मामले में गिरफ्तार किया गया, लेकिन बाद में CBI ने क्लोजर रिपोर्ट दाखिल कर उन्हें सभी आरोपों से बरी कर दिया।
2020 में रिया के भाई को 97 प्रतिशत मार्क्स आए थे। उसको IIM मिल चुका था लेकिन, सुशांत केस और गिरफ्तारी के बाद उसका करियर भी खत्म हो गया। वो कुछ नहीं कर पाया।
इस पूरे दौर में रिया ने बताया कि यह सब उनके मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा असर डालने वाला था। उन्होंने PTSD (पोस्ट-ट्रॉमेटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर) का सामना किया और जेल में बिताए 27 दिनों की यादें आज भी उन्हें परेशान करती हैं।
रिया चक्रवर्ती इस सभी चीजों से हार नहीं मानी। वो लड़ती रही और आज अपने जीवन का दूसरा अध्याय शुरू कर रही हैं। फराह खान के साथ बातचीत में वो बताती हैं कि संघर्ष के साथ-साथ हो अब अपना नया ब्रांड खोल रही हैं। यह उनकी लाइफ के लिए अच्छी शुरूआत है।
इन सभी घटनाओं ने परिवार की छवि और रोजमर्रा की जिंदगी को गहराई से प्रभावित किया। पिता की नौकरी छिन जाना, कानूनी लड़ाई, मीडिया का दबाव - इन सबने मिलकर एक ऐसी स्थिति बना दी, जिसमें परिवार को हर मोड़ पर संघर्ष करना पड़ा।