
किसान भाइयों, सरकार ने आपके लिए 11 नई योजनाओं की घोषणा की है, जो आपकी आमदनी बढ़ाने, जोखिम घटाने और खेती को आधुनिक बनाने में मदद करेंगी। आइए इस लेख में विस्तार से जानते हैं कि ये योजनाएं क्या हैं, इनका उद्देश्य क्या है और आप कैसे इनका लाभ उठा सकते हैं।
सरकार ने हाल ही एक प्रेस रिलीज में 11 प्रमुख योजनाओं का उल्लेख किया है, जिनमें से कई पहले से चल रही हैं, लेकिन अब नए फोकस या विस्तार के साथ शामिल की गई हैं। ये योजनाएं हैं:
FPO यानी किसान उत्पादक संगठन बनाने की योजना से छोटे और सीमांत किसान मिलकर बड़े स्तर पर उत्पादन, खरीद और बिक्री कर सकते हैं। सरकार ने अब तक 10,000 नए एफपीओ बनाने का लक्ष्य रखा है और इसके लिए मैचिंग इक्विटी ग्रांट और क्रेडिट गारंटी भी उपलब्ध कराई जा रही है। इससे आप समूह में शामिल होकर लागत घटा सकते हैं और मंडी में बेहतर भाव पा सकते हैं।
डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन तकनीक पर आधारित है, जैसे किसान रजिस्ट्रेशन, भूमि और फसल का डिजिटल नक्शा, मौसम-सैटेलाइट डेटा, सूखा-बाढ़ मॉनिटरिंग, और एआई-आधारित निर्णय सहायता। इससे आप मोबाइल पर खेती की जानकारी, ऋण और बाजार से सीधे जुड़ सकते हैं।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना या पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा से फसल नुकसान पर बीमा मिलता है, जबकि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि सीधे बैंक खाते में सालाना आय सहायता भेजती है। प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना पेंशन जैसी सुविधा देती है, जिससे वृद्धावस्था में आर्थिक सुरक्षा मिलती है।
राष्ट्रीय प्राकृतिक कृषि मिशन योजना प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देती है। इसका उद्देश्य है कि किसान रासायनिक उर्वरक कम इस्तेमाल करे और जैविक तरीके अपनाएं। राष्ट्रीय मधुमक्खी पालन और शहद मिशन मधुमक्खी पालन और शहद उत्पादन को बढ़ावा देता है, जिससे अतिरिक्त आय का रास्ता खुलता है।
नमो ड्रोन दीदी योजना के तहत महिलाएं ड्रोन से फसल में छिड़काव कर सकती हैं। इससे समय और लागत दोनों बचते हैं और महिला किसान भी सशक्त बनती हैं।
AgriSURE स्टार्ट-अप्स और ग्रामीण उद्यमों को कृषि क्षेत्र में निवेश के लिए फंड देता है। AIF से आप गोदाम, प्रोसेसिंग यूनिट या मार्केटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर बना सकते हैं।
पीएम-आशा योजना में एमएसपी पर फसल खरीद सुनिश्चित करने के लिए प्राइस सपोर्ट स्कीम, प्राइस स्टेबिलाइजेशन फंड और मार्केट इंटरवेंशन स्कीम शामिल हैं। इससे जब मंडी भाव गिरते हैं, तब भी आपको न्यूनतम समर्थन मूल्य मिल सकता है।
-हर योजना की पात्रता अलग होती है, जैसे भूमि का आकार, फसल का प्रकार, आयु आदि। आवेदन से पहले पात्रता जांच लें।
-कुछ योजनाओं में सब्सिडी या अनुदान सीमित होता है। इसलिए जल्दी आवेदन करें।
-ड्रोन या मशीनरी योजनाओं में तकनीकी प्रशिक्षण जरूरी हो सकता है। उसकी व्यवस्था पहले से कर लें।
-किसी योजना में निवेश या बड़े खर्च से पहले स्थानीय कृषि विशेषज्ञ या कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) से सलाह जरूर लें।