
Sumit Antil defended his Gold medal: भारत ने आइची नागोया में आयोजित एशियन पैरा गेम्स 2026 में मेंस जैवलिन थ्रो (F42-F44/F61-F64) में तीनों मेडल पर कब्जा जमाकर ऐतिहासिक प्रदर्शन किया। सुमित अंतिल ने 72.46 मीटर का थ्रो (1112 रजा अंक) फेंककर अपना गोल्ड मेडल बरकरार रखा। उन्होंने हांगझोऊ 2022 में भी स्वर्ण पदक जीता था।
वहीं भारत के ही महेंद्र गुर्जर ने 59.03 मीटर (1066 अंक) के थ्रो के साथ सिल्वर मेडल, जबकि संदीप संजय सरगर ने 64.48 मीटर (1006 अंक) के थ्रो के साथ ब्रांज मेडल हासिल किया। प्रतियोगिता में सुमित अंतिल F64 वर्ग में प्रतिस्पर्धा कर रहे थे, जबकि महेंद्र गुर्जर F42 और संदीप संजय सरगर F44 वर्ग के खिलाड़ी थे।
बता दें कि रजा अंक प्रणाली एक गणितीय पद्धति है, जिसके माध्यम से अलग-अलग दिव्यांगता श्रेणियों के खिलाड़ियों के प्रदर्शन की निष्पक्ष तुलना और रैंकिंग की जाती है।
भारत के प्रणव सूरमा ने शुक्रवार को नागोया में एशियन पैरा गेम्स 2026 में पुरुषों की क्लब थ्रो F51 स्पर्धा का फाइनल 32.87 मीटर की दूरी तक थ्रो करके जीता। यह उनका दूसरा गोल्ड मेडल है। इससे पहले प्रणव सूरमा ने मंगलवार को डिस्कस थ्रो F51/F52/F53 स्पर्धा में 11.66 मीटर की दूरी हासिल कर गोल्ड मेंडल जीता था। धरमबीर ने इसी स्पर्धा में 27.71 मीटर के थ्रो के साथ कांस्य पदक हासिल किया।
प्रणव सूरमा इससे पहले पिछले एशियन पैरा गेम्स में भी क्लब थ्रो F51 का गोल्ड मेडल जीता था। उस वक्त भी उन्होंने 30.01 मीटर के थ्रो के साथ गेम्स रिकॉर्ड बनाया था। 2024 के पेरिस पैरालंपिक में सूरमा ने इसी स्पर्धा में सिल्वर मेडल जीता था।
एशियन पैरा गेम्स में भारतीय दल ने अब तक का अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है। भारत ने पिछले हांगझोऊ एशियन पैरा गेम्स 2022 में जीते गए 111 पदकों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है। एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारत ने अब तक कुल 114 मेडल जीते हैं, जिसमें 30 गोल्ड, 35 सिल्वर और 49 ब्रांज मेडल है। इसके साथ ही भारत ने हांगझोऊ में जीते गए 29 गोल्ड मेडल के अपने पिछले सर्वश्रेष्ठ आंकड़े को भी पार कर लिया है।