
भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे रावला क्षेत्र में ड्रोन के जरिए हथियार और विस्फोटक सामग्री गिराए जाने का मामला सामने आया है।
12 केएनडी पंचायत के चक 4 केएनएम स्थित खेत में खानुवाली पोस्ट से करीब एक किलोमीटर दूर संदिग्ध सामग्री मिलने पर एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ), सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ), सीआईडी और पुलिस सहित विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों ने संयुक्त कार्रवाई की। मामले में पंजाब निवासी 19 वर्षीय दो युवक लखविंदर सिंह और सुखविंदर सिंह को गिरफ्तार किया गया है। मौके से दो जिगाना पिस्टल, चार मैगजीन और करीब 867 कारतूस बरामद किए गए हैं। तीसरे पैकेट में साढे सात किलो आरडीएक्स विस्फोटक होने की पुष्टि हुई है। इसे निष्क्रिय करने के लिए जयपुर से बम निरोधक दस्ते को बुलाया गया है।
सुरक्षा एजेंसियां हथियारों के स्रोत, आरोपियों के संपर्कों और संभावित नेटवर्क की पड़ताल कर रही हैं। जानकारी के अनुसार, दोनों युवक दोनों मजदूरी करने के बहाने क्षेत्र में आए थे और पिछले तीन दिनों से इलाके की रेकी कर रहे थे। 12 से 2 बजे के बीच गिराई प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, ड्रोन से यह सामग्री संभवतः रात करीब 12 से 2 बजे के बीच गिराई गई। एएनटीएफ को इसकी सूचना अलसुबह करीब तीन बजे मिली, जिसके बाद एजेंसियां मौके पर पहुंचीं। घटनास्थल पर मिले तीन पैकेट में से दो में हथियार और कारतूस, जबकि तीसरे में आरडीएक्स पाया गया। दोनों पिस्टल पर 'मेड इन टर्की' लिखा हुआ है।
बड़ी साजिश नाकाम की गई है। इसके पीछे कौन है और उनका उद्देश्य क्या था, इस बारे में जांच पूरी होने पर ही कुछ कहा जा सकता है। जांच आगे बढ़ने के साथ महत्वपूर्ण तथ्य सामने आएंगे। - विकास कुमार, आईजी, एएनटीएफ
गिरफ्तार सुखविंदर सिंह का नाम कुछ माह पहले पंजाब के बटाला में एक पुलिस चौकी पर हुए ग्रेनेड हमले के मामले में भी सामने आया था। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, इस मामले में सुखविंदर की तलाश चल रही थी और वह फरार था। ग्रेनेड हमले के दौरान उसके साथ कुछ अन्य युवक भी शामिल थे।
मौके से चार जोड़ी बैटरी और दो रिमोट जैसी डिवाइस भी मिलने की जानकारी है। आशंका है कि इनमें से किसी डिवाइस का इस्तेमाल विस्फोटक करने में किया जा सकता है। बीकानेर से बम निरोधक दस्ते के एसआई अशोक कुमार अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। गौरतलब है कि कुछ माह पहले हनुमानगढ़ में आतंकियों ने इम्प्रोवाइज एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) पहुंचाई थी, लेकिन आरडीएक्स पहुंचने में देरी से आतंकी साजिश नाकाम हो गई।
ये खुलासा अंबाला में विस्फोट के साथ पकड़े गए तीन आरोपियों से पूछताछ में हुआ था। जांच में पता चला कि राजस्थान में धमाके के लिए पाकिस्तानी आतंकी शहजाद भट्टी ने साजिश रची थी, जो विफल हो गई।