
Varanasi News: उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले में विस्फोट का एक मामला सामने आया है। सारनाथ थाना क्षेत्र के पैगंबरपुर इलाके एक मकान में तेज धमाका हुआ है, जिसके बाद मकान धराशाई हो गया है। सूत्रों के मुताबिक, इस धमाके की वजह से आसपास के मकानों को भी नुकसान हुआ है। वहीं, मकान गिरने के बाद उसके मलबे से पुलिस ने दो लोगों को बाहर निकाल लिया है। बाकी कुछ और लोगों के भी दबे होने की आशंका है। मौके पर राहत और बचाव कार्य के लिए एनडीआरएफ की टीम को बुलाया गया है। बताया जा रहा है कि रिहायशी इलाके में स्थित इस मकान में पटाखे का कारोबार किया जा रहा था। धमाका इतना तेज था कि आसपास के मकान की खिड़कियां भी टूट गई। हालांकि प्राथमिक तौर पर अभी इस बात की पुष्टि नहीं हो पाई है कि यह धमाका कैसे और किस चीज में हुआ था।
जानकारी के मुताबिक, यह मकान राजू खान का बताया जा रहा है। प्रत्यक्ष दर्शियों ने बताया कि यह मकान दो मंजिला था। आरोप है कि इस मकान में पटाखा बनाने का काम किया जा रहा था। शाम को 5 बजे के करीब अचानक मकान से तेज आवाज आई और पूरा मकान पर भर भराकर गिर पड़ा। इस दौरान स्थानीय लोगों ने दो लोगों को मकान के मलबे से बाहर निकाल कर अस्पताल भिजवाया है।
घटना की जानकारी होने के बाद सारनाथ थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। इसके साथ ही एनडीआरएफ को भी जानकारी दी गई। हालात की संवेदनशीलता को समझते हुए एटीएस की टीम को भी मौके पर बुलाया गया है। फिलहाल एनडीआरएफ की टीम मकान के मलबे में दबे हुए लोगों की तलाश कर रही है। आशंका है कि कुछ लोग दबे हो सकते हैं। इसी वजह से एनडीआरएफ एहतियात के तौर पर मकान के हर हिस्से को चेक कर रही है।
पुलिस के मुताबिक, विस्फोट की इस घटना में आदिल (12), चांदनी (39) वर्ष अरबिया (10) वर्ष घायल हुए हैं। वहीं, स्थानीय लोगों की माने तो घटना होने के बाद घर के पिछले दरवाजे से राजू खान और उसकी मां मुन्नी खान फरार हो गए। आरोप है कि इस दौरान दोनों ने घर में सिलेंडर ब्लास्ट होने की अफवाह भी फैलने की कोशिश की। दरअसल, कुछ वर्ष पहले राजू खान का परिवार सरैया इलाके में रहता था। उस दौरान भी घर में पटाखा बनाने के दौरान ब्लास्ट हुआ था, जिसमें उसके पिता मतीउल्लाह खान का देहांत हो गया था। वहीं, वहां से पैगंबरपुर शिफ्ट होने के बाद भी उसने अपना पुराना धंधा नहीं छोड़ा और मकान में पटाखे बनाने का काम करता रहा। इस दौरान कई बार पुलिस ने दबिश भी दी, लेकिन पूरे परिवार के साथ वह फरार हो जाता था।
DCP राजेश पांडे ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि शाम 5 बजे सूचना मिली कि एक दो मंजिला इमारत गिर गई है। मौके पर पहुंचने पर, हमें बिखरे हुए पटाखे मिले, जिनमें पुराने, हाथ से बने पटाखे भी शामिल थे।