
ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची (Abbas Araghchi) का कहना है कि ईरान (Iran) को क्षेत्र में अमेरिकी प्रभाव को लेकर चिंता है, लेकिन उन्हें आश्वासन मिला है कि ईरान की सुरक्षा के खिलाफ आर्मेनिया (Armenia) कोई कदम नहीं उठाएगा। 'ट्रंप रूट फॉर इंटरनेशनल पीस एंड प्रॉस्पेरिटी', जो अमेरिका (United States of America) समर्थित एक परिवहन और व्यापार कॉरिडोर है और दक्षिणी आर्मेनिया से होकर गुज़रता है, का ज़िक्र करते हुए अराघची ने कहा, "हम अपने आर्मेनियाई साथियों के सीधे संपर्क में हैं और हमें पता है कि वो ईरान की सुरक्षा के खिलाफ कोई कदम नहीं उठाएंगे।"
अराघची ने यह भी कहा कि इस सिलसिले में उनकी आर्मेनियाई अधिकारियों के साथ बातचीत जारी रहेगी। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि क्षेत्र में बढ़ता अमेरिकी प्रभाव ईरान की चिंता का कारण ज़रूर बना हुआ है, लेकिन इसके बावजूद ईरान डटा हुआ है।
ईरान और आर्मेनिया पड़ोसी देश हैं और दोनों के बीच अच्छे संबंध हैं, जो ऐतिहासिक रूप से मज़बूत हैं। वर्तमान के हालात पर गौर करें, तो दोनों देशों के संबंध रणनीतिक रूप से भी अहम हैं। दोनों देशों के बीच करीब 44 किलोमीटर की बॉर्डर है। ईरान और आर्मेनिया के बीच 1992 से राजनयिक संबंध हैं। दोनों देशों के मंत्री और अधिकारी समय-समय पर उच्चस्तरीय यात्राएं भी करते हैं और द्विपक्षीय संबंधों को और बढ़ाने के लिए बैठकें भी करते हैं। ऊर्जा क्षेत्र में दोनों देशों के बीच पार्टनरशिप काफी महत्वपूर्ण है। गैस के बदले बिजली समझौते के तहत आर्मेनिया ईरान से गैस आयात करता है और बिजली निर्यात करता है। इससे दोनों देशों की ज़रूरतें पूरी होती हैं। इसे और बढ़ाने के लिए बिजली ट्रांसमिशन लाइनों और अरक्स नदी पर पुलों का निर्माण जारी है। दोनों देशों के बीच कई चीज़ों का व्यापार भी होता है जिसे और बढ़ाने पर काम किया जा रहा है। ईरान और आर्मेनिया क्षेत्रीय स्थिरता, परिवहन कॉरिडोर्स और शांति परियोजनाओं के मामले में एक-दूसरे को सहयोग भी करते हैं। ईरान आर्मेनिया की सुरक्षा को अपना हित मानता है और आर्मेनिया भी ईरान की सुरक्षा को ज़रूरी समझता है।