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‘अब फैसला अमेरिका के हाथ में’, शांति वार्ता पर ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने दिया जवाब

Iran-US Conflict: ईरान और अमेरिका के बीच शांति वार्ता के मामले पर ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने जवाब दिया है। क्या कहा ईरानी विदेश मंत्री ने? आइए नज़र डालते हैं।
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Oct 17, 2026
Abbas Araghchi
अब्बास अराघची (Photo - ANI)

ईरान (Iran) और अमेरिका (United States of America) के बीच शांति वार्ता में अभी ही कोई प्रोग्रेस देखने को नहीं मिल रही है। दोनों देशों के बीच शांति समझौते पर सहमति नहीं बन पा रही है। मध्यस्थों की तरफ से प्रयास जारी हैं। इसी बीच अब ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने इस मामले पर बड़ी बात कह दी है।

''अब फैसला अमेरिका के हाथ में''

इराक की राजधानी बगदाद में 'ऑर्गेनाइज़ेशन ऑफ इस्लामिक कोऑपरेशन' के विदेश मंत्रियों की एक बैठक में ईरानी विदेश मंत्री भी शामिल हुए। इस दौरान अराघची ने कहा, "हमने सात दिन का एक विशेष प्लान बनाया है और कहा है कि अगर जरूरी शर्तें पूरी हो जाती हैं, तो होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोला जा सकता है और 7 दिनों के भीतर समुद्री आवाजाही सामान्य हो सकती है। अब फैसला अमेरिका के हाथ में है।"

"अमेरिकी सैन्य कार्रवाइयों की वजह से…"

अराघची ने आगे कहा, "अमेरिकी सैन्य कार्रवाइयों की वजह से जून में हुए मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग को सही से लागू नहीं किया जा सका और समझौते के तहत विवाद सुलझाने के जो तरीके तय किए गए थे, उन्हें अमेरिका द्वारा नजरअंदाज कर दिया गया।"

"पुरानी गलतियों को दोहराकर सुरक्षा बहाल नहीं की जा सकती"

अराघची ने युद्ध के दौरान अमेरिका द्वारा उठाए गए कदमों का जिक्र करते हुए कहा, "पुरानी गलतियों और अपराधों को दोहराकर सुरक्षा बहाल नहीं की जा सकती। आप किसी देश पर बमबारी करें, उसे बर्बाद करने की धमकी दें और उस पर प्रतिबंध लगा दें और फिर यह उम्मीद करें कि सामान्य आवाजाही की सुरक्षा बहाल हो जाएगी तो ऐसा नहीं हो सकता।"

"ईरान करेगा अपने लोगों, अपनी संप्रभुता और अपने जायज़ हितों की रक्षा"

अराघची ने आगे कहा, "ईरान अपने लोगों, अपनी संप्रभुता और अपने जायज़ हितों की रक्षा करेगा। हालांकि अपने अधिकारों की रक्षा करने और शांति की दिशा में आगे बढ़ने के बीच कोई विरोधाभास नहीं है। हम जानते हैं कि युद्ध से कितना नुकसान होता है और इसीलिए हम शांति को इतना महत्व देते हैं।"

यमन-सऊदी अरब की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का समर्थन

अराघची ने यमन के हूतियों और सऊदी अरब के बीच चल रही जंग पर कहा, "ईरान दोनों देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का समर्थन करता है। साथ ही हम पहले से तय शांति रोडमैप के आधार पर बातचीत शुरू कराने में मदद करने के लिए भी तैयार हैं।"