
बांग्लादेश (Bangladesh) की राजधानी ढाका (Dhaka) दुनिया का सबसे प्रदूषित शहर बन गया है। स्थानीय मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, आज, मंगलवार, 6 अक्टूबर को सुबह 11:10 बजे (स्थानीय समय) 213 एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) के साथ ढाका दुनिया के सबसे प्रदूषित शहरों की लिस्ट में पहले स्थान पर पहुंच गया।
बांग्लादेश की मीडिया रिपोर्ट के अनुसार AQI पैमाने पर ढाका की हवा की गुणवत्ता को बहुत अस्वस्थ श्रेणी में रखा गया। यह स्वास्थ्य के लिए एक गंभीर चेतावनी है, जिससे लोगों को स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।
सबसे प्रदूषित शहरों की लिस्ट में मलेशिया (Malaysia) का कुआलालंपुर (Kuala Lumpur) 208 AQI के साथ दूसरे स्थान पर है, जबकि सिंगापुर (Singapore) का सिंगापुर शहर 179 AQI के साथ तीसरे स्थान पर है। AQI मानकों के अनुसार 301 से ऊपर की रीडिंग को खतरनाक माना जाता है जबकि 201-300 के बीच की रीडिंग को बहुत खराब माना जाता है। 151-200 के बीच की रीडिंग को अस्वास्थ्यकर माना जाता है; जबकि 101-150 के बीच की रीडिंग को संवेदनशील समूहों के लिए अस्वास्थ्यकर माना जाता है। AQI की गणना पांच प्रमुख प्रदूषकों के आधार पर की जाती है। पार्टिकुलेट मैटर (PM10 और PM2.5), नाइट्रोजन डाईऑक्साइड (NO2), कार्बन मोनोऑक्साइड (CO), सल्फर डाइऑक्साइड (SO2) और ओजोन।
बांग्लादेशी मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार ढाका लंबे समय से वायु प्रदूषण से जूझ रहा है। ढाका में सर्दियों में हवा की गुणवत्ता सामान्य तौर पर खराब हो जाती है जिससे लोगों को काफी परेशानी होती है।
वायु प्रदूषण दुनियाभर के लिए चिंता का विषय
वायु प्रदूषण दुनियाभर के लिए चिंता का विषय का विषय बना हुआ है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार वायु प्रदूषण की वजह से हर साल दुनिया भर में करीब 70 लाख लोगों की मौत होती है। इसके मुख्य कारण प्रदूषण की वजह से हृदय रोग, स्ट्रोक, क्रोनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज, फेफड़ों का कैंसर और तीव्र श्वसन संक्रमण हैं। WHO के आंकड़ों से पता चला है कि दुनिया की लगभग 99% आबादी ऐसी हवा में सांस लेती है जो WHO द्वारा निर्धारित दिशानिर्देशों की सीमा से ज़्यादा प्रदूषित है और जिसमें उच्च स्तर के प्रदूषक होते हैं, जिसमें कम और मध्यम आय वाले देश सबसे अधिक प्रभावित होते हैं।