
ईरान (Iran) और अमेरिका (United States of America) के बीच होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) पर भी विवाद छिड़ा हुआ है। अमेरिका का कहना है कि उसकी नेवी का इस रणनीतिक जलमार्ग पर पूरा कंट्रोल है और सामान की सामान्य शिपिंग व्यवस्था भी फिर से शुरू कर दी गई है, तो वहीँ ईरान का कहना होर्मुज स्ट्रेट पर हमेशा से ईरान का ही कंट्रोल रहा है और आगे भी ऐसा ही रहेगा। ईरान ने इस रणनीतिक जलमार्ग को बंद कर रखा है और इसमें शिपिंग के लिए अमेरिका द्वारा बनाए गए अनाधिकृत मार्ग को भी ब्लॉक करने की बात कही है। इसी बीच अब होर्मुज स्ट्रेट में एक मालवाहक जहाज हादसे का शिकार बन गया है।
आईआरजीसी - इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC - Islamic Revolutionary Guard Corps) ने जानकारी दी है कि होर्मुज स्ट्रेट में प्रतिबंधित सामान ले जा रहा और अनधिकृत और खतरनाक रास्ते से गुज़रने की कोशिश कर रहा एक मालवाहक जहाज समुद्री बारूदी सुरंग (नेवल माइन) से टकरा गया। समुद्री बारूदी सुरंग से टकराने के बाद मालवाहक जहाज फट गया और उसमें आग लग गई। इसके बाद जहाज डूब गया। यह हादसा स्थानीय समयानुसार आज सुबह हुआ।
आईआरजीसी के अनुसार समुद्री बारूदी सुरंग से टकराकर जो जहाज फटा और होर्मुज स्ट्रेट में डूबा, वो 2,500 कंटेनर लेकर जा रहा था। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि होर्मुज स्ट्रेट में कई जगह आईआरजीसी ने समुद्री बारूदी सुरंग बिछाई हुई है।
होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान का रुख साफ़ है कि जब तक उसकी सभी शर्तें नहीं मान ली जाती, तब तक यह रणनीतिक जलमार्ग बंद रहेगा। कुछ समय पहले ईरान ने अमेरिका को प्रस्ताव दिया था कि अगर उसके खिलाफ से समुदी नाकेबंदी हटा ली जाए और प्रतिबंधों में राहत दी जाए, तो 7 दिन में वो होर्मुज स्ट्रेट को पहले की तरह खोल देगा। हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने ईरान के इस प्रस्ताव को मानने से इनकार कर दिया था। होर्मुज स्ट्रेट के बंद रहने से वैश्विक तेल सप्लाई बुरी तरह से प्रभावित हुई है।