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सऊदी पर हूती हमलों से भड़के ट्रंप, बोले- विद्रोही बहुत बुरा बर्ताव कर रहे, चुनाव के बाद भी नहीं भूलूंगा

Houthi attacks on Saudi Arabia: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सऊदी अरब पर हूती विद्रोहियों के हमलों को लेकर चेतावनी दी है। ट्रंप ने ईरान पर हुतियों का समर्थन करने और अमेरिकी मिडटर्म चुनाव से पहले तेल की कीमतें बढ़ाने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि चुनाव के बाद भी वे इन हमलों को नहीं भूलेंगे।
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Oct 14, 2026
Donald Trump
डोनाल्ड ट्रंप (Photo - Washington Post)

Donald Trump warns Houthis: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यमन के हूती विद्रोहियों द्वारा सऊदी अरब के हवाई अड्डों और आम नागरिकों के रिहायशी इलाकों पर किए गए नए हमलों पर नाराजगी जताई है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर एक पोस्ट में, ट्रंप ने हुतियों के बर्ताव को बहुत बुरा बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि ईरान के इशारे पर काम कर रहे हूती विद्रोही अमेरिकी मिडटर्म चुनाव से पहले कच्चे तेल की कीमतें बढ़ाने की जानबूझकर साजिश रच रहे हैं। ट्रंप ने चेतावनी दी कि वह इन हमलों को कभी नहीं भूलेंगे और मिडटर्म चुनाव के बाद इसका हिसाब करेंगे।

ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर क्या लिखा?

अपने 'ट्रुथ सोशल' पोस्ट में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने लिखा कि एक साल पहले अमेरिकी सेना की भारी बमबारी के बाद हुतियों ने हमलों को रोकने का अनुरोध किया था और तब ऐसा लगा था कि उन्होंने सबक सीख लिया है। लंबे समय तक शांत रहने के बाद हूती अब ईरान के उकसावे पर फिर से सिर उठा रहे हैं।

ईरान पर निशाना साधते हुए ट्रंप ने कहा कि ईरान के पास न तो नौसेना है और न ही वायु सेना, उसकी अर्थव्यवस्था दुनिया की सबसे खराब अर्थव्यवस्थाओं में से एक है और वहां महंगाई 300 प्रतिशत से ज्यादा है। ट्रंप ने कहा कि हूती ऐसे ईरान के इशारे पर बहुत बुरा व्यवहार कर रहा है जो अपने सैनिकों को वेतन तक नहीं दे सकता। ट्रंप ने यह भी कहा कि वाशिंगटन जल्द ही ईरान के बारे में कोई बड़ा फैसला करेगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अमेरिकी सेना और उसके सहयोगी होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण बनाए हुए हैं और इस क्षेत्र से तेल का निर्यात जारी है।

तुर्किए से दखल की गुहार लगाने के संकेत

इससे पहले, जब पत्रकारों ने ट्रंप से पूछा कि क्या अमेरिका ने हूतियों के खिलाफ मिलिट्री स्ट्राइक करने का फैसला किया है, तो उन्होंने सीधे मिलिट्री एक्शन की पुष्टि करने से इनकार कर दिया, लेकिन कहा कि हूतियों का बर्ताव निश्चित रूप से बहुत बुरा रहा है। तुर्किए की संभावित भूमिका का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि तुर्किए के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन उनके बहुत अच्छे दोस्त हैं और वह उनका बहुत सम्मान करते हैं।

ट्रंप ने कहा कि वह यमन संकट को लेकर सऊदी अरब के हितों की रक्षा के लिए राष्ट्रपति एर्दोगन से दखल देने के लिए कह सकते हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ने भरोसा जताया कि अगर वह ऐसा अनुरोध करते हैं, तो राष्ट्रपति एर्दोगन ठीक वैसा ही करेंगे जैसा कहा जाएगा।

सऊदी अरब में हमलों से बढ़ी चिंता

ट्रंप का यह बयान सऊदी अरब पर हूतियों के कई हमलों के बाद आया है। रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हाल ही में हुए एक हमले में कम से कम 13 लोगों की मौत हो गई और 300 से ज्यादा लोग घायल हो गए। इसके अलावा, सऊदी सिविल डिफेंस के अनुसार, रियाद के ऊपर दो क्रूज मिसाइलों को मार गिराया गया, उनके मलबे से चार लोग घायल हो गए और 15 घरों को नुकसान पहुंचा। इस बीच, दहरान में सऊदी अरामको की एक एडमिनिस्ट्रेटिव बिल्डिंग पर हमले के बाद आग लग गई।

ईरान ने कूटनीतिक समाधान के लिए बातचीत का प्रस्ताव दिया

लाल सागर और बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य में सैन्य तनाव और वैश्विक तेल आपूर्ति पर खतरों के बीच ईरान ने बातचीत का प्रस्ताव दिया है। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि तेहरान क्षेत्रीय तनाव को लेकर चिंतित है और सऊदी अरब तथा यमन के बीच बातचीत को आसान बनाने के लिए कूटनीतिक प्रयास करने को तैयार है। उन्होंने कहा कि चल रहा संघर्ष न तो इस्लामी दुनिया के हित में है और न ही पूरे क्षेत्र के हित में। इसलिए इस संकट का समाधान आपसी बातचीत और कूटनीति के जरिए किया जाना चाहिए।

Updated on:
14 Oct 2026 09:08 am
Published on:
14 Oct 2026 09:08 am