
यमन (Yemen) में हूती विद्रोहियों (Houthis) और सरकारी सेना के बीच जंग बढ़ती ही जा रही है। दोनों पक्ष लगातार एक-दूसरे के ठिकानों को निशाना बना रहे हैं। हूती विद्रोहियों ने शुक्रवार देर रात यमन के दक्षिण-पश्चिमी प्रांत ताइज़ के सबिर अल-मवादिम जिले पर गोलाबारी करते हुए हाहाकार मचा दिया। इस हमले की जानकारी शहर के सीज अफेयर्स ऑफिस ने दी है।
हूतियों के इस हमले में 3 नागरिकों की मौत हो गई, जिसके बारे में शहर के सीज अफेयर्स ऑफिस ने बताया। मृतकों की पहचान सफवान सईद उबैद, आसिया अब्दुलसमद सईद अहमद और सफिया हज्जा सैफ अल-बदानी के रूप में हुई है।
सीज अफेयर्स ऑफिस के अनुसार हूती विद्रोहियों की अलग-अलग गोलाबारी में 5 अन्य नागरिक घायल हो गए, जिनमें दो महिलाएं शामिल हैं। ये हमले शहर के दक्षिण में अल-शकाब क्षेत्र और पश्चिमी अकाका इलाके में हुए।
सैन्य सूत्रों के अनुसार यमनी सेना ने अल-शकाब में हूतियों के बड़े हमले को आठ घंटे की भीषण जंग के बाद नाकाम कर दिया। इस दौरान 16 हूती लड़ाके मारे गए। सेना के विमानों ने अल-हंगर चेकपॉइंट और अल-दबाब क्षेत्र में हूतियों के ठिकानों पर सटीक हमले भी किए।
यमन में जंग की वजह से हालात बिगड़ते जा रहे हैं और जनता को इसकी कीमत चुकानी पड़ रही है। वर्ल्ड फ़ूड प्रोग्राम - डब्ल्यूएफपी (World Food Programme - WFP) ने चेतावनी दी है कि यमन में गंभीर होती जंग के कारण 8 लाख लोगों तक खाद्य सहायता नहीं पहुंच पा रही है। जंग के बदलते मोर्चों, बंद सड़कों और सुरक्षा की बिगड़ती स्थितियों की वजह से कई अहम इलाकों तक खाद्य सहायता का पहुंचना बहुत मुश्किल हो गया है। यमन में चल रही इस जंग का सबसे ज़्यादा असर ताइज़ शहर पर पड़ा है। यह ताइज़ प्रांत की राजधानी होने के साथ ही देश का तीसरा सबसे बड़ा शहर है और जंग से सबसे ज़्यादा प्रभावित शहर है। ताइज़ में जंग, लगातार हो रहे हमलों और सड़कों के बंद होने की आशंका के कारण हज़ारों विस्थापित परिवारों वाले इलाकों तक पहुंचना लगभग नामुमकिन सा हो गया है, जिससे इन परिवारों को काफी परेशानी हो रही है। वर्ल्ड फ़ूड प्रोग्राम के अनुसार अकेले ताइज़ में ही 6 लाख से ज़्यादा लोग खाद्य सहायता से वंचित हो गए हैं, जिनमें लगभग 2 लाख महिलाएं और बच्चे शामिल हैं।