
ईरान (Iran) और अमेरिका (United States of America) के बीच युद्ध का अभी भी स्थायी अंत नहीं हुआ है और कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) देश में मिडटर्म चुनाव के बाद ईरान पर फिर हमला करने का आदेश दे सकते हैं। ईरान ने भी साफ कर दिया है कि वो बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन घुटने नहीं टेकेगा। अमेरिका ने पहले भी ईरान की ऊर्जा सुविधाओं पर हमले किए हैं और कई मौकों पर ट्रंप ने फिर से ईरानी ऊर्जा सुविधाओं पर हमलों की धमकी दी है। इस मामले में अब ईरान के कार्यवाहक तेल मंत्री ने चेतावनी दी है।
ईरान के कार्यवाहक तेल मंत्री हामिद बोवार्ड (Hamid Bovard) ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका की ओर से ईरानी ऊर्जा सुविधाओं को कोई खतरा होता है, तो ईरान उसका तुरंत और उचित जवाब देगा। बोवार्ड ने कहा, "अंतर्राष्ट्रीय नियमों को नज़रअंदाज़ करके अमेरिका ने जो युद्ध शुरू किया है, उसने वैश्विक स्तर पर ऊर्जा क्षेत्र को प्रभावित किया है। हम दुश्मन की धमकियों का मुकाबला करने के लिए सही समय पर सटीक और उचित जवाबी कदम उठाएंगे। हमारे देश की ऊर्जा सुविधाओं पर अमेरिकी खतरे का तुरंत और उचित जवाब दिया जाएगा।"
ईरान के पेट्रोलियम (तेल) मंत्री मोहसेन पाकनेजाद (Mohsen Paknejad) ने 4 अक्टूबर को व्यक्तिगत कारणों से अपने पद से इस्तीफा दे दिया। राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान (Masoud Pezeshkian) ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया और राष्ट्रीय ईरानी तेल कंपनी (NIOC) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हामिद बोवार्ड को कार्यवाहक तेल मंत्री नियुक्त कर दिया। बोवार्ड, जो 1964 में जन्मे हैं, तेल उद्योग के अनुभवी प्रबंधक हैं। उन्होंने राष्ट्रीय ईरानी साउथ ऑयल कंपनी और अन्य प्रमुख कंपनियों का नेतृत्व किया है। वह 2024 से NIOC के सीईओ भी थे। पाकनेजाद ने इस्तीफे से पहले कहा था कि तेल राजस्व आना जारी रहेगा। इस्तीफे के बाद उन्होंने कहा कि युद्ध की वजह से उन्होंने यह कदम नहीं उठाया है। बोवार्ड ने ऊर्जा और तेल सेक्टर में उत्पादन और विकास कार्यक्रमों को जारी रखने का वादा किया है। हालांकि वह सिर्फ कार्यवाहक मंत्री है और नए स्थायी मंत्री की नियुक्ति तीन महीने के भीतर की जा सकती है।