
ईरान (Iran) और अमेरिका (United States of America) के बीच तनाव की स्थिति अभी भी बरक़रार है। दोनों देशों के बीच युद्ध अभी भी खत्म नहीं हुआ है और मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) देश में मिडटर्म चुनाव के बाद फिर से ईरान पर हमले शुरू कर सकते हैं। एक और मीडिया रिपोर्ट के अनुसार ट्रंप ईरान के खिलाफ 'मदर ऑफ ऑल बॉम्ब्स' (Mother of All Bombs) यानी GBU-43/B MOAB (Massive Ordnance Air Blast) का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। हालांकि इन मीडिया रिपोर्ट्स की पुष्टि नहीं हुई है। ट्रंप ने कई मौकों पर कहा है कि ईरान की सैन्य शक्ति पहले से काफी कमजोर हो गई है। इसी बीच अब ईरान के एक सैन्य अधिकारी ने बड़ी बात कह दी है।
ईरान की सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल मोहम्मद अकरमी-निया (Mohammad Akrami-Nia) ने कहा है कि उनके देश की एयर डिफेंस शक्ति अब फरवरी (जब युद्ध शुरू हुआ था) के मुकाबले बेहतर है। अकरमी-निया ने एक इंटरव्यू के दौरान कहा, "हमने अपनी कॉम्बैट यूनिट्स में नए हथियार शामिल किए हैं। हाल के हफ्तों में हमने कई अमेरिकी ड्रोन्स मार गिराए हैं। हमारी एयर डिफेंस फोर्स ने नई ऑपरेशनल और हथियार संबंधी योजनाएं भी तैयार की हैं और उन्हें लागू किया है।"
अकरमी-निया ने यह भी बताया कि सेना ने हाल के महीनों में आईआरजीसी - इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC - Islamic Revolutionary Guard Corps) की एयरफोर्स के साथ तालमेल बेहतर करने के लिए संयुक्त अभ्यास किए हैं, जिससे फिर से हमले शुरू होने की स्थिति में उनका सही से जवाब दिया जा सके।
ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान (Masoud Pezeshkian) ने हाल ही में एक भाषण के दौरान साफ कर दिया कि किसी भी देश को बम और मिसाइल के दम पर डराकर सरेंडर करने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता। ईरान की समाचार एजेंसी के अनुसार पेज़ेशकियान ने अपने भाषण के दौरान कहा, “आप बम और मिसाइल के ज़रिए किसी देश को घुटने टेकने और सरेंडर करने के लिए मजबूर नहीं कर सकते, लेकिन अगर हम बंटे हुए हैं और अंदर से विभाजित हैं, तो दुश्मन अपने मकसद में कामयाब हो जाएगा।”