
ईरान (Iran) और अमेरिका (United States of America) होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) के मामले में भी आमने-सामने हैं। इस रणनीतिक जलमार्ग पर हमेशा से ही ईरान का कंट्रोल रहा है, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) पिछले कुछ समय से इसे 'ट्रंप स्ट्रेट' (Strait of Trump) बता रहे हैं और दावा कर रहे हैं कि इस पर अमेरिकी नेवी का कंट्रोल है। अमेरिकी नेवी के अनुसार होर्मुज स्ट्रेट में अब समुदी आवाजाही पहले की तरह सामान्य हो गई है, तो वहीँ ईरान के अनुसार यह रणनीतिक जलमार्ग अभी भी बंद है। अवैध रास्ते से गुज़र रहे जहाज समुदी बारूदी सुरंगों का शिकार बन रहे हैं। इससे एक बात तो साफ है कि होर्मुज स्ट्रेट में असुरक्षा और तनाव काफी बढ़ गया है। इस मामले पर अब ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची (Abbas Araghchi) ने बड़ा बयान दिया है।
तेहरान में ईरानी विदेश मंत्री अराघची से मुलाकात के बाद संयुक्त प्रेस ब्रीफिंग के दौरान रूस (Russia) के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव (Sergey Lavrov) ने दोनों देशों के बीच 20 साल की रणनीतिक पार्टनरशिप, जो 2 अक्टूबर, 2026 से प्रभाव में आई है, के प्रति रूस की प्रतिबद्धता जाहिर की। इस दौरान ईरानी विदेश मंत्री अराघची ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट में असुरक्षा और तनाव के लिए अमेरिका ज़िम्मेदार है।
अराघची ने ईरान-अमेरिका युद्ध में अमेरिका की एक बड़ी गलती का भी ज़िक्र किया। उन्होंने कहा, "अमेरिका ने समझा कि ईरान कमजोर है और इसी वजह से उन्होंने हमारे खिलाफ युद्ध शुरू किया। लेकिन 8 महीने बाद अमेरिका आज इस स्थिति में है और ईरान को कमजोर समझकर गलत साबित हो चुका है।"
यूरोप (Europe) की स्थिति पर बात करते हुए अराघची ने कहा, "यूरोप अपनी गलत नीतियों की वजह से परेशानी का सामना कर रहा है। यूरोप को अपनी आंखें खोलनी चाहिए क्योंकि अमेरिका की ही तरह यूरोप भी कैलकुलेशन में कुछ गलतियाँ कर रहा है। कई युद्धों का कारण यूरोप है। यूरोप की गलत नीतियों की वजह से यूक्रेन में युद्ध इतना लंबा खिंच गया। इज़रायली शासन के प्रति यूरोप का समर्थन जो बिल्कुल उचित नहीं है, की वजह से 80 हज़ार से ज़्यादा फिलिस्तीनियों की जान जा चुकी है।"